26 जून 2026
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तिरुवनंतपुरम नगर निगम हिंसा: राजीव चंद्रशेखर का सीपीआई(एम) पर आरोप — 'हिंसा राजनीतिक हथियार बन गई है'

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तिरुवनंतपुरम नगर निगम हिंसा: राजीव चंद्रशेखर का सीपीआई(एम) पर आरोप — 'हिंसा राजनीतिक हथियार बन गई है'

सारांश

तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हिंसा के बाद BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सीपीआई(एम) पर सीधा हमला — 'हिंसा भ्रष्टाचार के खुलासों से ध्यान भटकाने का हथियार है।' 45 साल की सत्ता के बावजूद नागरिक विफलताओं पर जनता से सवाल।

मुख्य बातें

राजीव चंद्रशेखर ने 25 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीपीआई(एम) पर हिंसा को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम हिंसा में मेयर वीवी राजेश और डिप्टी मेयर जी.
चंद्रशेखर के अनुसार, यह हिंसा मुख्यमंत्री सतीशन के श्वेत पत्र से उजागर पिनाराई विजयन सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
सीपीआई(एम) 45 वर्षों तक नगर निगम में सत्ता में रहने के बावजूद अपशिष्ट प्रबंधन और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याएँ हल नहीं कर पाई — BJP का आरोप।
BJP ने चेतावनी दी कि महापौर कार्यालय में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और NDA को केरल में मजबूत विकल्प बताया।

केरल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने 25 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आरोप लगाया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — जानबूझकर हिंसा को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। वे तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हुई हिंसा में घायल मेयर वीवी राजेश, डिप्टी मेयर जी. अशनाथ और अन्य पीड़ितों से मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

चंद्रशेखर ने कहा कि सीपीआई(एम) की यह हिंसा सुनियोजित है और इसका मकसद विधानसभा में मुख्यमंत्री सतीशन द्वारा प्रस्तुत श्वेत पत्र से उजागर हुए पिछली पिनाराई विजयन सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाना है। उन्होंने दावा किया कि BJP ने कुछ दिन पहले ही यह अनुमान लगा लिया था कि सीपीआई(एम) नगर निगम में उजागर हो रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के विरोध प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने कहा, 'आज जो हुआ वह उसी कहानी का दोहराव मात्र है।' उन्होंने इस घटना की तुलना कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान विधानसभा के अंदर हुई हिंसा से की।

BJP की कड़ी चेतावनी

चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि BJP किसी को भी महापौर कार्यालय में घुसकर हिंसा करने की अनुमति नहीं देगी — चाहे वह पिनाराई विजयन हों या कोई और। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी को इस तरह के 'घटिया राजनीतिक हथकंडों' से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने जोर दिया, 'केरल में कानून का शासन है, सीपीआई(एम) का नहीं।'

जनता के असली मुद्दों पर ज़ोर

BJP अध्यक्ष ने केरल की जनता से आह्वान किया कि उनका विरोध बेरोज़गारी, महंगाई, आर्थिक गिरावट और नागरिक समस्याओं — जैसे अपशिष्ट प्रबंधन और पेयजल संकट — के खिलाफ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीपीआई(एम) 45 वर्षों तक तिरुवनंतपुरम नगर निगम में सत्ता में रहने के बावजूद इन बुनियादी समस्याओं को हल करने में विफल रही है। उन्होंने केरल के लोगों से 'एक्सालॉजिक भ्रष्टाचार विवाद' के विरोध में एकेजी केंद्र के बाहर प्रदर्शन करने का आग्रह किया।

राजनीतिक संदर्भ और NDA का दावा

चंद्रशेखर ने यह भी दावा किया कि विधानसभा चुनावों के बाद BJP के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) केरल में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरा है। उनके अनुसार, जनता ने सीपीआई(एम) और कांग्रेस के बीच इंडिया ब्लॉक के भीतर हुए राजनीतिक समझौते को पहचान लिया है। उन्होंने कहा कि सीपीआई(एम) की मौजूदा कार्रवाई नगर निगम और राज्य की राजनीति दोनों में मिली असफलताओं को लेकर उसकी हताशा को दर्शाती है।

कानूनी संस्थाओं पर भरोसा

चंद्रशेखर ने अंत में कहा कि अदालतें, पुलिस और अन्य कानूनी संस्थाएँ अपना कर्तव्य निभाएंगी और सीपीआई(एम) खुद को कानून से ऊपर नहीं रख सकती। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब केरल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है और नगर निगम स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही एक केंद्रीय मुद्दा बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की केरल रणनीति का हिस्सा है — नगर निगम स्तर पर सीपीआई(एम) की विफलताओं को राज्यव्यापी आख्यान में बदलना। गौरतलब है कि 45 वर्षों की सत्ता के बाद नगर निगम गँवाना सीपीआई(एम) के लिए बड़ा झटका था, और श्वेत पत्र ने उस घाव को और गहरा किया है। असली सवाल यह है कि क्या BJP इस राजनीतिक लाभ को ज़मीनी प्रशासनिक विकल्प में बदल पाएगी, या यह भी आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा। केरल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास गहरा है — और दोनों पक्षों के लिए इसे 'दूसरे की करतूत' बताना एक पुरानी लिपि है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हिंसा क्या हुई?
25 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हिंसा हुई जिसमें मेयर वीवी राजेश और डिप्टी मेयर जी. अशनाथ सहित कई लोग घायल हुए। BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इसे सीपीआई(एम) की सुनियोजित कार्रवाई बताया।
राजीव चंद्रशेखर ने सीपीआई(एम) पर क्या आरोप लगाए?
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) हिंसा को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है ताकि विधानसभा में पेश श्वेत पत्र से उजागर हुए पिछली पिनाराई विजयन सरकार के भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
केरल में श्वेत पत्र किसने और क्यों पेश किया?
मुख्यमंत्री सतीशन ने विधानसभा में श्वेत पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें पिछली पिनाराई विजयन सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं का विवरण दिया गया। BJP के अनुसार, यही खुलासा सीपीआई(एम) की हताशा और हिंसा की असली वजह है।
BJP ने इस हिंसा पर क्या चेतावनी दी?
BJP अध्यक्ष चंद्रशेखर ने स्पष्ट कहा कि पार्टी किसी को भी महापौर कार्यालय में घुसकर हिंसा करने की इजाजत नहीं देगी — चाहे पिनाराई विजयन हों या कोई और। उन्होंने कहा कि केरल में कानून का शासन चलेगा, सीपीआई(एम) का नहीं।
केरल में NDA की राजनीतिक स्थिति क्या है?
चंद्रशेखर के अनुसार, विधानसभा चुनावों के बाद BJP के नेतृत्व वाला NDA केरल में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरा है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने सीपीआई(एम) और कांग्रेस के बीच इंडिया ब्लॉक के राजनीतिक समझौते को पहचान लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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