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केरल: भाजपा का केपीसीसी मार्च, पुलिस ने दागी वाटर कैनन; राजीव चंद्रशेखर भी भीगे

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केरल: भाजपा का केपीसीसी मार्च, पुलिस ने दागी वाटर कैनन; राजीव चंद्रशेखर भी भीगे

सारांश

दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन की काट के रूप में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम में केपीसीसी मुख्यालय तक मार्च निकाला — और पुलिस की वाटर कैनन ने खुद प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को भिगो दिया। राष्ट्रीय राजनीति की लहरें अब केरल की सड़कों पर टकरा रही हैं।

मुख्य बातें

भाजपा ने 22 जुलाई को तिरुवनंतपुरम में केपीसीसी मुख्यालय तक मार्च निकाला, जो दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन की प्रतिक्रिया था।
पुलिस ने भीड़ तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया; भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर भी इसकी चपेट में आए।
भाजपा ने आरोप लगाया कि एक महिला पार्टी कार्यकर्ता को पुलिस अधिकारी ने थप्पड़ मारा।
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने भाजपा पर जानबूझकर टकराव भड़काने और जनाक्रोश से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का आरोप लगाया।

तिरुवनंतपुरम में 22 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केपीसीसी मुख्यालय मार्च के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया, जिससे तनाव बढ़ गया। यह मार्च नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रदर्शन की प्रतिक्रिया में आयोजित किया गया था। वाटर कैनन की चपेट में स्वयं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर भी आए।

मुख्य घटनाक्रम

राजीव चंद्रशेखर के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता केपीसीसी मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। जैसे ही प्रदर्शनकारी मुख्यालय के निकट पहुँचे, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। भाजपा के अनुसार, इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला पार्टी कार्यकर्ता को एक पुलिस अधिकारी ने थप्पड़ मारा। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी।

राजीव चंद्रशेखर का बयान

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को कमज़ोर नहीं होने देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नई दिल्ली में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करने का प्रयास है।

केपीसीसी की प्रतिक्रिया

केपीसीसी अध्यक्ष और राज्य के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च करके जानबूझकर टकराव भड़काने की कोशिश की। उनके अनुसार, यह मार्च दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित ज्यादतियों को लेकर उपजे जनाक्रोश से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

सनी जोसेफ ने कहा कि विरोध का लोकतांत्रिक अधिकार सभी को है, लेकिन इसे हिंसा या टकराव के लाइसेंस के रूप में नहीं भुनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस तरह के भड़काऊ आंदोलनों के ज़रिये अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है।

आम जनता पर असर

इस झड़प से तिरुवनंतपुरम के उस इलाके में अस्थायी तनाव का माहौल बन गया जहाँ केपीसीसी मुख्यालय स्थित है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पहले से ही तीखी है और दिल्ली की घटनाओं की प्रतिध्वनि राज्य की सड़कों तक पहुँच रही है।

क्या होगा आगे

भाजपा के महिला कार्यकर्ता पर थप्पड़ मारे जाने के आरोप को लेकर पार्टी ने कार्रवाई की माँग की है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन को बनाए रखते हुए राजनीतिक रूप से इसका मुकाबला करेगी। दोनों दलों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में केरल की राजनीति में और गर्माहट ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक ध्रुवीकरण का स्थानीय प्रतिबिंब है — दिल्ली में जो होता है, वह अगले कुछ घंटों में राज्यों की सड़कों पर उतर आता है। भाजपा का केपीसीसी मार्च प्रतीकात्मक रूप से शक्तिशाली था, लेकिन वाटर कैनन की तस्वीरें विपक्ष को भी उतनी ही ताक़त देती हैं। असली सवाल यह है कि महिला कार्यकर्ता पर थप्पड़ के आरोप की जाँच होगी या यह भी राजनीतिक शोर में दब जाएगा — क्योंकि जवाबदेही के बिना, दोनों पक्षों के दावे महज़ प्रचार बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुवनंतपुरम में भाजपा का केपीसीसी मार्च क्यों निकाला गया?
यह मार्च नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की प्रतिक्रिया में आयोजित किया गया था। भाजपा ने इसे कांग्रेस के 'प्रधानमंत्री पर हमले' के विरोध में लोकतंत्र की रक्षा का प्रयास बताया।
22 जुलाई को केपीसीसी मार्च के दौरान क्या हुआ?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी केपीसीसी मुख्यालय पहुँचे तो पुलिस ने वाटर कैनन दागी, जिसकी चपेट में चंद्रशेखर स्वयं भी आए। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि एक महिला कार्यकर्ता को पुलिस अधिकारी ने थप्पड़ मारा।
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने भाजपा के मार्च पर क्या कहा?
केपीसीसी अध्यक्ष और राज्य के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर टकराव भड़काने की कोशिश की और यह मार्च दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित ज्यादतियों से ध्यान भटकाने के लिए था। उन्होंने कहा कि केरल में हिंसा की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।
क्या भाजपा के महिला कार्यकर्ता पर थप्पड़ के आरोप की जाँच होगी?
भाजपा ने इस आरोप को लेकर कार्रवाई की माँग की है, लेकिन अभी तक किसी आधिकारिक जाँच की घोषणा नहीं हुई है। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी।
इस घटना का केरल की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह टकराव केरल में भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकता है। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का आरोप लगाया है, जो आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में नया मोर्चा खोल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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