केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सीजेपी-उमर खालिद लिंक उठाया, छात्रों से सोच-समझकर पक्ष चुनने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार, 29 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए हाल के छात्र प्रदर्शनों से जुड़े कुछ समूहों की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से आग्रह किया कि वे यह तय करें कि वे किसके साथ खड़े हैं।
क्या शेयर किया चंद्रशेखर ने
चंद्रशेखर ने अपनी पोस्ट में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास की एक पुरानी एक्स पोस्ट शेयर की, जिसमें दास ने उमर खालिद के प्रति समर्थन व्यक्त किया था। उस पुरानी पोस्ट में दास ने लिखा था, 'सबसे बहादुर उमर खालिद से मुलाकात हुई। झूठे और बेबुनियाद आरोपों में पाँच साल जेल में रहना भारतीय न्यायपालिका पर हमेशा के लिए एक धब्बा है। उनके और उनके कभी न खत्म होने वाले साहस के लिए मेरे मन में बेहद सम्मान है।' इसके साथ चंद्रशेखर ने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें सौरव दास और उमर खालिद साथ नज़र आ रहे हैं।
चंद्रशेखर का छात्रों से सीधा संदेश
भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'उन वास्तविक छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए, जिन्होंने अपनी वास्तविक शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया, मैं कहूँगा कि इस तस्वीर और इसके संदेश को देखें और समझदारी से तय करें कि आप किसके साथ खड़े हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विभाजनकारी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं और छात्र आंदोलन की आड़ में हिंसा को प्रश्रय दे रहे हैं।
हिंसक प्रदर्शन पर कड़ा रुख
चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में हिंसक प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं होंगे। उनके शब्दों में, 'इस समूह के नेतृत्व में होने वाले प्रदर्शन और हिंसा को किसी भी नाम पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और न ही किया जाएगा, चाहे उसे छात्र आंदोलन ही क्यों न कहा जाए।' उन्होंने देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की अखंडता को कमज़ोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
चंद्रशेखर की यह टिप्पणी उस समय आई है जब छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों और विभिन्न एक्टिविस्ट समूहों की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। विभिन्न दल प्रदर्शन की प्रकृति और उसके उद्देश्य को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर तीखा मतभेद बना हुआ है। अपनी पोस्ट के अंत में चंद्रशेखर ने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा, 'पीएस: अब मुझे भी इन 'स्टूडेंट्स' के बारे में समझ आने लगी है।'
आगे क्या
चंद्रशेखर की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। छात्र प्रदर्शनों की दिशा और उनसे जुड़े समूहों की भूमिका पर बहस आने वाले दिनों में और तीखी होने की संभावना है।