2 सितंबर 2026
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मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस: राजीव चंद्रशेखर का केरल सरकार पर बड़ा हमला

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मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस: राजीव चंद्रशेखर का केरल सरकार पर बड़ा हमला

सारांश

BJP के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस-IUML गठबंधन को सीधे कठघरे में खड़ा किया — ग्रैंड मुफ्ती के कथित बयान, पत्रकार पर दबाव और स्वामी अयप्पा विवाद को एक साथ उठाते हुए। सवाल साफ है: क्या कांग्रेस IUML के सामने झुक रही है?

मुख्य बातें

BJP केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने 2 सितंबर को कांग्रेस-IUML गठबंधन पर संवैधानिक मूल्यों से समझौते का आरोप लगाया।
विवाद केरल के ग्रैंड मुफ्ती के कथित बयान और मुख्यमंत्री वीडी सतीसन की प्रतिक्रिया के बाद उभरा।
चंद्रशेखर ने राहुल गांधी से सवाल किया कि IUML को धर्मनिरपेक्ष दल कैसे कहा जा सकता है।
एक महिला पत्रकार को कथित तौर पर कंथापुरम के बयान की रिपोर्टिंग के बाद माफी माँगने पर मजबूर किए जाने का मुद्दा उठाया।
BJP ने घोषणा की कि वह इन मुद्दों को केरल की जनता के बीच लगातार उठाती रहेगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने 2 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के गठबंधन पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस नीत सरकार IUML के राजनीतिक दबाव में काम कर रही है, जिससे राज्य में संवैधानिक मर्यादाओं और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से समझौता हो रहा है। यह विवाद केरल के ग्रैंड मुफ्ती के कथित बयान और मुख्यमंत्री वीडी सतीसन की प्रतिक्रिया के बाद तेज हुआ है।

मुख्य आरोप और राजनीतिक हमला

चंद्रशेखर ने कहा कि IUML के नेताओं की ओर से कथित तौर पर धर्म को संविधान से ऊपर रखने संबंधी बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि IUML की राजनीति धर्म को प्राथमिकता देने पर आधारित है, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी उसे धर्मनिरपेक्ष दल के रूप में कैसे प्रस्तुत कर सकते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार IUML के समर्थन पर निर्भर होने के कारण उसके दबाव में निर्णय ले रही है।

चंद्रशेखर ने स्वामी अयप्पा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में भी मुख्यमंत्री सतीसन से जवाब माँगने की बात कही। साथ ही उन्होंने IUML से जुड़े कुछ विवादों में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।

पत्रकार पर दबाव का मुद्दा

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने एक महिला पत्रकार के मामले को विशेष रूप से उठाया, जिन्हें कथित तौर पर कंथापुरम के बयान की रिपोर्टिंग के बाद माफी माँगने के लिए दबाव में लाया गया। चंद्रशेखर ने कहा कि भारत में अभिव्यक्ति और वाक् स्वतंत्रता को संविधान का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने संबंधित पत्रकार और उनके संस्थान के प्रति समर्थन व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के बयान की रिपोर्टिंग करना पत्रकारिता का अभिन्न हिस्सा है।

उन्होंने कहा, 'किसी भी राजनीतिक दल या समुदाय को पत्रकारों को डराने-धमकाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब प्रेस स्वतंत्रता को लेकर देशभर में बहस तेज है।

कांग्रेस पर विरोधाभास का आरोप

चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर दोहरे मानदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी सार्वजनिक मंचों पर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देती है, लेकिन यदि उसी के शासन में किसी पत्रकार को रिपोर्टिंग के लिए दबाव का सामना करना पड़े, तो यह गंभीर विरोधाभास है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BJP ने केरल में कांग्रेस-IUML गठबंधन की कार्यशैली पर इस तरह के सवाल उठाए हों।

आगे की रणनीति

चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि BJP आने वाले समय में इन मुद्दों को जनता के बीच लगातार उठाती रहेगी और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रश्न को प्रमुखता से सामने रखेगी। केरल में अगले विधानसभा चुनाव से पहले यह राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी परख के लिए ठोस साक्ष्य की ज़रूरत है — 'दबाव में काम करना' और 'गठबंधन धर्म निभाना' के बीच की रेखा अक्सर धुंधली होती है। पत्रकार पर दबाव का मुद्दा अधिक ठोस है और इसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए, क्योंकि प्रेस स्वतंत्रता किसी एक दल की राजनीति से ऊपर है। BJP का यह हमला केरल विधानसभा चुनाव की पूर्व-तैयारी का हिस्सा भी लगता है, जहाँ हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश स्पष्ट है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि IUML स्वयं को एक संवैधानिक दल मानता है — इस विमर्श में उसका पक्ष भी सुना जाना ज़रूरी है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
BJP के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार IUML के राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और इससे राज्य में संवैधानिक मर्यादाओं से समझौता हो रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि IUML को धर्मनिरपेक्ष दल कैसे कहा जा सकता है।
केरल में ग्रैंड मुफ्ती विवाद क्या है?
केरल के ग्रैंड मुफ्ती के कथित बयान को लेकर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीसन की प्रतिक्रिया ने इसे और हवा दी। BJP ने इस बयान और सरकार की प्रतिक्रिया दोनों पर सवाल उठाए हैं।
पत्रकार पर दबाव का मामला क्या है?
चंद्रशेखर के अनुसार, एक महिला पत्रकार को कंथापुरम के बयान की रिपोर्टिंग करने के बाद कथित तौर पर माफी माँगने के लिए दबाव में लाया गया। BJP ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए संबंधित पत्रकार के समर्थन की घोषणा की।
BJP केरल में इस मुद्दे को आगे कैसे उठाएगी?
चंद्रशेखर ने कहा कि BJP आने वाले समय में कांग्रेस-IUML गठबंधन के इन मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाती रहेगी। यह अभियान केरल विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
स्वामी अयप्पा विवाद इस मामले से कैसे जुड़ा है?
चंद्रशेखर ने स्वामी अयप्पा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में भी मुख्यमंत्री सतीसन से जवाब माँगा। यह मुद्दा IUML से जुड़े व्यापक विवादों की श्रृंखला का हिस्सा बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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