के. कविता पर अभद्र पोस्ट: टीआरएस ने CM रेवंत रेड्डी और DGP का इस्तीफा माँगा, कांस्टेबल पर FIR की माँग
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना रक्षणा सेना (टीआरएस) ने 2 सितंबर 2026 को हैदराबाद में एक कार्यरत पुलिस कांस्टेबल पर टीआरएस नेता के. कविता के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अश्लील और अभद्र पोस्ट करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पुलिस महानिदेशक (DGP) से तत्काल इस्तीफे की माँग की है। पार्टी ने आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ औपचारिक पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई है।
विवाद की पृष्ठभूमि
विवाद तब भड़का जब एक वर्दीधारी पुलिस कांस्टेबल पर के. कविता के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप सामने आया। टीआरएस नेतृत्व ने इसे महिलाओं के सम्मान पर सीधा हमला करार देते हुए तत्काल कार्रवाई की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार और विपक्षी टीआरएस के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।
टीआरएस का कड़ा रुख
टीआरएस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आकाश कोल्लुरु ने कहा कि यह टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है और मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि इसे करने का आरोप एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी पर है।
कोल्लुरु ने आरोप लगाया कि घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कराने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करती है, लेकिन अपने ही विभाग के कर्मचारी पर कार्रवाई करने से बच रही है।
इस्तीफे और गिरफ्तारी की माँग
टीआरएस प्रवक्ता ने माँग की कि आरोपी कांस्टेबल को तत्काल निलंबित किया जाए, उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, जो राज्य के गृह विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं, अपने ही पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ हैं, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
कोल्लुरु ने DGP और साइबर क्राइम प्रमुख शिखा गोयल से भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की माँग की। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि राज्य की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है।
पुलिस प्रशासन की चुप्पी
रिपोर्टों के अनुसार, तेलंगाना पुलिस की ओर से आरोपी कांस्टेबल के विभागीय दर्जे या साइबर अपराध जाँच की प्रगति को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रशासन की यह चुप्पी विपक्ष के आरोपों को और बल दे रही है।
आगे क्या होगा
मामले में टीआरएस द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद साइबर क्राइम विभाग की भूमिका और सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। राजनीतिक दबाव के बीच यह देखना अहम होगा कि क्या राज्य सरकार आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय या आपराधिक कार्रवाई करती है।