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केटीआर ने तेलंगाना सरकार से माँगी 20,000 पुलिस कांस्टेबल भर्ती की अधिसूचना, 15 लाख उम्मीदवार प्रभावित

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केटीआर ने तेलंगाना सरकार से माँगी 20,000 पुलिस कांस्टेबल भर्ती की अधिसूचना, 15 लाख उम्मीदवार प्रभावित

सारांश

केटीआर ने CM रेवंत रेड्डी को खुला पत्र लिखकर 20,000 पुलिस पदों की अधिसूचना माँगी — जबकि सरकार ने सिर्फ 5,000 पदों की घोषणा की। RTI में 17,000 रिक्त पद सामने आए हैं और 15 लाख उम्मीदवार सड़कों पर हैं।

मुख्य बातें

केटीआर ने CM रेवंत रेड्डी को खुला पत्र लिखकर 20,000 पुलिस कांस्टेबल पदों की तत्काल अधिसूचना जारी करने की माँग की।
आरटीआई से खुलासा हुआ कि तेलंगाना में लगभग 17,000 पुलिस पद रिक्त हैं, जबकि सरकार ने केवल 5,000 पदों की अधिसूचना दी।
लगभग 15 लाख पुलिस नौकरी उम्मीदवार इस फैसले से निराश हैं; दिलसुखनगर में रोजाना विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
कांग्रेस ने 2023 चुनावों से पहले पहले वर्ष में 2 लाख सरकारी नौकरियाँ और ₹4,000 बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था।
केटीआर के अनुसार बीआरएस कार्यकाल में तीन अभियानों के जरिए 47,000 पुलिस पद भरे गए थे।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने 4 जुलाई 2025 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को एक खुला पत्र लिखकर राज्य में 20,000 पुलिस कांस्टेबल पदों को भरने के लिए तत्काल अधिसूचना जारी करने की माँग की। उन्होंने कहा कि केवल 5,000 पदों की अधिसूचना जारी करना 15 लाख से अधिक बेरोजगार पुलिस उम्मीदवारों के साथ अन्याय है।

मुख्य घटनाक्रम

केटीआर ने अपने पत्र में कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार तेलंगाना राज्य में इस समय लगभग 17,000 पुलिस पद रिक्त हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने केवल 5,000 पदों की अधिसूचना जारी की, जो उम्मीदवारों की अपेक्षाओं से बहुत कम है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि स्वयं मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बार-बार 12,000 रिक्त पदों को भरने का वादा किया था।

उम्मीदवारों की पीड़ा

बीआरएस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर (एसआई) परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अधिकांश युवा ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। ये युवा अपने परिवारों से दूर हैदराबाद के पेइंग गेस्ट (पीजी) और हॉस्टलों में रहकर वर्षों से दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन वंचित युवाओं की उम्मीदों को तोड़ने के बजाय उन्हें न्याय दिलाए।

कांग्रेस के वादों पर सवाल

केटीआर ने 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए वादों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी ने अपने 'युवा घोषणापत्र' में सत्ता में आने के पहले वर्ष में 2 लाख सरकारी नौकरियाँ देने, वार्षिक रोजगार कैलेंडर जारी करने और ₹4,000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का संकल्प लिया था। आलोचकों का कहना है कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने इन सभी वादों को नजरअंदाज कर दिया।

बीआरएस का रिकॉर्ड और विरोध प्रदर्शन

पूर्व मंत्री केटीआर ने दावा किया कि बीआरएस के कार्यकाल के दौरान तीन भर्ती अभियानों के जरिए लगभग 47,000 पुलिस पद भरे गए थे। उन्होंने तेलंगाना आंदोलन के नारे 'पानी, धन और रोजगार' का उल्लेख करते हुए कहा कि बेरोजगार पुलिस उम्मीदवारों की माँगों को अनसुना करना राज्य की भावना के विरुद्ध है। गौरतलब है कि दिलसुखनगर जैसे इलाकों में बेरोजगार युवा रोजाना सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

आगे की राह

केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से माँग की है कि वे तत्काल 20,000 पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए अधिसूचना जारी करें और उम्मीदवारों की न्यायसंगत माँगों का सम्मान करें। यह देखना बाकी है कि तेलंगाना सरकार इस राजनीतिक दबाव और सड़क पर उतरे युवाओं की माँगों के बीच क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 पदों की अधिसूचना जारी करना — जबकि RTI में 17,000 रिक्त पद सामने हैं और खुद CM ने 12,000 पद भरने का वादा किया था — एक गंभीर विश्वसनीयता संकट है। यह विपक्ष को वह हथियार दे देता है जिसकी उसे तलाश थी। असली सवाल यह है कि कांग्रेस के 'युवा घोषणापत्र' के वादे — 2 लाख नौकरियाँ, बेरोजगारी भत्ता, रोजगार कैलेंडर — डेढ़ साल में कहाँ गए? दिलसुखनगर की सड़कों पर उतरे युवा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था का जवाब माँग रहे हैं।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने तेलंगाना सरकार से 20,000 पुलिस पदों की माँग क्यों की?
केटीआर ने CM रेवंत रेड्डी को खुला पत्र लिखकर कहा कि RTI से पता चला है कि राज्य में 17,000 पुलिस पद रिक्त हैं और CM ने खुद 12,000 पद भरने का वादा किया था, फिर भी सरकार ने केवल 5,000 पदों की अधिसूचना जारी की। इससे 15 लाख से अधिक उम्मीदवार निराश हुए हैं।
तेलंगाना में पुलिस कांस्टेबल भर्ती की मौजूदा स्थिति क्या है?
राज्य सरकार ने अब तक केवल 5,000 पुलिस कांस्टेबल पदों की अधिसूचना जारी की है। RTI के अनुसार राज्य में लगभग 17,000 पद रिक्त हैं और विपक्ष 20,000 पदों की अधिसूचना की माँग कर रहा है।
कांग्रेस ने 2023 चुनावों में युवाओं से क्या वादे किए थे?
कांग्रेस ने अपने 'युवा घोषणापत्र' में सत्ता में आने के पहले वर्ष में 2 लाख सरकारी नौकरियाँ, वार्षिक रोजगार कैलेंडर और ₹4,000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। बीआरएस का आरोप है कि सत्ता में आने के बाद इन सभी वादों को नजरअंदाज किया गया।
बीआरएस के कार्यकाल में पुलिस भर्ती का क्या रिकॉर्ड रहा?
केटीआर के अनुसार बीआरएस सरकार के कार्यकाल में तीन अलग-अलग भर्ती अभियानों के जरिए लगभग 47,000 पुलिस पद भरे गए थे।
दिलसुखनगर में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में बेरोजगार पुलिस उम्मीदवार रोजाना सड़कों पर उतरकर पदों की संख्या बढ़ाने की माँग कर रहे हैं। ये युवा ग्रामीण क्षेत्रों से आकर वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और सरकार के फैसले से निराश हैं।
राष्ट्र प्रेस
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