केटीआर ने तेलंगाना सरकार से माँगी 20,000 पुलिस कांस्टेबल भर्ती की अधिसूचना, 15 लाख उम्मीदवार प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने 4 जुलाई 2025 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को एक खुला पत्र लिखकर राज्य में 20,000 पुलिस कांस्टेबल पदों को भरने के लिए तत्काल अधिसूचना जारी करने की माँग की। उन्होंने कहा कि केवल 5,000 पदों की अधिसूचना जारी करना 15 लाख से अधिक बेरोजगार पुलिस उम्मीदवारों के साथ अन्याय है।
मुख्य घटनाक्रम
केटीआर ने अपने पत्र में कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार तेलंगाना राज्य में इस समय लगभग 17,000 पुलिस पद रिक्त हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने केवल 5,000 पदों की अधिसूचना जारी की, जो उम्मीदवारों की अपेक्षाओं से बहुत कम है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि स्वयं मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बार-बार 12,000 रिक्त पदों को भरने का वादा किया था।
उम्मीदवारों की पीड़ा
बीआरएस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर (एसआई) परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अधिकांश युवा ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। ये युवा अपने परिवारों से दूर हैदराबाद के पेइंग गेस्ट (पीजी) और हॉस्टलों में रहकर वर्षों से दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन वंचित युवाओं की उम्मीदों को तोड़ने के बजाय उन्हें न्याय दिलाए।
कांग्रेस के वादों पर सवाल
केटीआर ने 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए वादों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी ने अपने 'युवा घोषणापत्र' में सत्ता में आने के पहले वर्ष में 2 लाख सरकारी नौकरियाँ देने, वार्षिक रोजगार कैलेंडर जारी करने और ₹4,000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का संकल्प लिया था। आलोचकों का कहना है कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने इन सभी वादों को नजरअंदाज कर दिया।
बीआरएस का रिकॉर्ड और विरोध प्रदर्शन
पूर्व मंत्री केटीआर ने दावा किया कि बीआरएस के कार्यकाल के दौरान तीन भर्ती अभियानों के जरिए लगभग 47,000 पुलिस पद भरे गए थे। उन्होंने तेलंगाना आंदोलन के नारे 'पानी, धन और रोजगार' का उल्लेख करते हुए कहा कि बेरोजगार पुलिस उम्मीदवारों की माँगों को अनसुना करना राज्य की भावना के विरुद्ध है। गौरतलब है कि दिलसुखनगर जैसे इलाकों में बेरोजगार युवा रोजाना सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
आगे की राह
केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से माँग की है कि वे तत्काल 20,000 पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए अधिसूचना जारी करें और उम्मीदवारों की न्यायसंगत माँगों का सम्मान करें। यह देखना बाकी है कि तेलंगाना सरकार इस राजनीतिक दबाव और सड़क पर उतरे युवाओं की माँगों के बीच क्या रुख अपनाती है।