15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केसीआर ने विधानसभा में अनुपस्थित रहकर 1.06 करोड़ रुपए लिए: सीएम रेवंत रेड्डी का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केसीआर ने विधानसभा में अनुपस्थित रहकर 1.06 करोड़ रुपए लिए: सीएम रेवंत रेड्डी का आरोप

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केसीआर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा में अनुपस्थित रहते हुए 1.06 करोड़ रुपए से अधिक का वेतन लिया। इस पर सीएम ने विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है।

मुख्य बातें

केसीआर ने विधानसभा में अनुपस्थित रहकर 1.06 करोड़ रुपए से अधिक का वेतन लिया।
सीएम ने विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला राजनीतिक जवाबदेही का है।
सरकार एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने की योजना बना रही है।

हैदराबाद, 18 मार्च। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को विधानसभा में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने सदन में बिना उपस्थित हुए 1.06 करोड़ रुपए से अधिक का वेतन और भत्ता प्राप्त किया।

सीएम ने जानकारी दी कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष केसीआर ने 1 दिसंबर 2023 से 18 मार्च 2026 के बीच 1,06,56,674 रुपए वेतन और भत्तों के रूप में प्राप्त किए, जबकि वे लगातार विधानसभा सत्रों से अनुपस्थित रहे।

राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार से निवेदन किया कि जो विधायक वेतन और भत्ते लेते हुए भी सदन में उपस्थित नहीं रहते, उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का उल्लेख किया, जिसमें जनप्रतिनिधियों को “लोक सेवक” कहा गया है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या लोक सेवक अपने कर्तव्यों का पालन किए बिना वेतन और भत्ते ले सकते हैं।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि कम से कम विपक्ष के नेता को सदन में आकर चर्चा में भाग लेना चाहिए, ताकि राज्य को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने केसीआर को सदन में आने का निमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केसीआर नए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला का स्वागत करने के लिए भी सदन में नहीं आए, जो परंपराओं के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद थी कि विपक्ष के नेता ‘तेलंगाना थल्ली’ प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सीएम ने बीआरएस नेताओं पर सत्ता में रहते समय अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद भी उनका व्यवहार नहीं बदला है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग आज भी खुद को राजा समझते हैं और लोकतंत्र का मजाक बना रहे हैं।”

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार बीआरएस शासनकाल और वर्तमान सरकार के दौरान हुए अतिक्रमण और ध्वस्तीकरण की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने को तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां एक मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर विपक्ष के नेता पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किए बिना राज्य की धनराशि का लाभ उठाया। यह चर्चा निश्चित रूप से राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केसीआर ने कितने रुपए का वेतन और भत्ता लिया?
केसीआर ने 1,06,56,674 रुपए का वेतन और भत्ता लिया।
मुख्यमंत्री ने यह आरोप क्यों लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि केसीआर विधानसभा सत्रों में अनुपस्थित रहे हैं।
क्या सीएम ने कोई कार्रवाई की मांग की?
जी हां, सीएम ने विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई पर विचार करने का आग्रह किया।
क्या यह मामला कोर्ट में गया है?
सीएम ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का उल्लेख किया, लेकिन मामला कोर्ट में नहीं गया है।
क्या केसीआर ने सदन में आने का निमंत्रण स्वीकार किया?
सीएम ने उन्हें सदन में आने का निमंत्रण दिया था, लेकिन उनका जवाब अभी तक नहीं आया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले