24 जुलाई 2026
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राजीव चंद्रशेखर का सतीशन पर हमला: 'केरल फर्स्ट, दिल्ली नहीं' — एलपी शिक्षक रैंक धारकों से मुलाकात

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राजीव चंद्रशेखर का सतीशन पर हमला: 'केरल फर्स्ट, दिल्ली नहीं' — एलपी शिक्षक रैंक धारकों से मुलाकात

सारांश

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने CM सतीशन को खरी-खरी सुनाई — 'दिल्ली में राहुल गांधी के आंदोलन में शामिल होने का समय है, लेकिन सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे एलपी शिक्षक रैंक धारकों के लिए नहीं।' भाजपा ने विधानसभा में मुद्दा उठाने और शिक्षा मंत्री पर दबाव डालने का वादा किया।

मुख्य बातें

राजीव चंद्रशेखर ने 24 जुलाई को तिरुवनंतपुरम में सचिवालय के बाहर धरनारत एलपी स्कूल शिक्षक रैंक धारकों से मुलाकात की।
उन्होंने CM वीडी सतीशन पर आरोप लगाया कि वे 20 जुलाई को नई दिल्ली में नीट लीक विरोध में शामिल हुए, लेकिन केरल के उम्मीदवारों की उपेक्षा की।
रैंक धारकों की माँग: पीएससी रैंक सूची से तत्काल नियुक्ति; सरकारी स्कूलों में रिक्तियाँ होने के बावजूद नियुक्ति नहीं हुई।
चंद्रशेखर ने सामान्य शिक्षा मंत्री एन.
शमसुद्दीन से व्यक्तिगत रूप से मिलकर दबाव डालने का वादा किया।
मुद्दे को केरल विधानसभा में उठाने की भाजपा की घोषणा।

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार, 24 जुलाई को तिरुवनंतपुरम में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर सीधा निशाना साधा और कहा कि मुख्यमंत्री केरल के छात्रों व नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों की समस्याओं को दरकिनार कर राष्ट्रीय राजनीतिक मंचों को प्राथमिकता दे रहे हैं। चंद्रशेखर ने यह बयान सचिवालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे एलपी स्कूल शिक्षक रैंक धारकों से मुलाकात के बाद पत्रकारों के समक्ष दिया।

मुख्य आरोप: दिल्ली की राजनीति बनाम केरल की ज़रूरतें

चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री सतीशन को 20 जुलाई को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित विपक्षी प्रदर्शन में शामिल होने का समय मिल गया, लेकिन केरल में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे योग्य उम्मीदवारों की दुर्दशा पर ध्यान देने में वे विफल रहे। उन्होंने कहा, 'केरल के मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के पास छात्रों और नौकरी चाहने वालों को प्रभावित करने वाले मुद्दों में हस्तक्षेप करने का समय नहीं है। इसके बजाय, वे दिल्ली जाते हैं और राहुल गांधी व कांग्रेस द्वारा रचे गए राजनीतिक नाटक का हिस्सा बन जाते हैं।'

रैंक धारकों की माँग और धरने की पृष्ठभूमि

एलपी स्कूल शिक्षक रैंक धारक सचिवालय के सामने मौजूदा पीएससी रैंक सूची के आधार पर नियुक्तियों की माँग को लेकर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में रिक्तियाँ होने के बावजूद नियुक्तियाँ नहीं की गई हैं, जिससे सैकड़ों योग्य उम्मीदवार प्रतीक्षारत हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि रैंक धारकों की चिंताएँ जायज हैं और सरकार को उन पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।

भाजपा का समर्थन और आगे की रणनीति

चंद्रशेखर ने प्रदर्शनकारियों को भाजपा के समर्थन का आश्वासन देते हुए कहा कि वे सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन से व्यक्तिगत रूप से मिलकर जल्द समाधान के लिए दबाव डालेंगे। उन्होंने यह भी वादा किया कि इस मुद्दे को केरल विधानसभा में उठाया जाएगा। उनके शब्दों में, 'मैंने उम्मीदवारों को आश्वासन दिया है कि उनकी शिकायतों को विधानसभा में उठाया जाएगा। हम इस मामले को तब तक आगे बढ़ाएंगे जब तक कोई उचित समाधान नहीं मिल जाता।' साथ ही उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उम्मीदवारों से बातचीत शुरू की जाए और रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।

राजनीतिक संदर्भ

चंद्रशेखर की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भाजपा केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार को रोज़गार मुद्दों पर घेरने की कोशिश में है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद राष्ट्रीय स्तर पर गर्म है और विपक्षी दल इसे केंद्र सरकार के विरुद्ध हथियार बना रहे हैं, जबकि भाजपा इसी मुद्दे का इस्तेमाल राज्य सरकार को स्थानीय ज़िम्मेदारियों से भटकने के आरोप में कर रही है।

आगे क्या

भाजपा के इस आंदोलन को राजनीतिक तवज्जो मिलने के बाद अब सबकी नज़रें सामान्य शिक्षा मंत्री शमसुद्दीन की प्रतिक्रिया और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि जल्द नियुक्तियाँ नहीं होतीं, तो यह मुद्दा विधानसभा सत्र में और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे भाजपा ने अब राजनीतिक अवसर में बदला है। असली सवाल यह है कि क्या विधानसभा में मुद्दा उठाने से नियुक्तियाँ वास्तव में होंगी, या यह केवल चुनावी मौसम से पहले की पोज़िशनिंग है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव चंद्रशेखर ने CM सतीशन की आलोचना क्यों की?
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि CM सतीशन ने 20 जुलाई को नई दिल्ली में नीट लीक विरोध में राहुल गांधी के साथ शामिल होने को प्राथमिकता दी, जबकि केरल में सचिवालय के बाहर धरनारत एलपी शिक्षक रैंक धारकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।
एलपी स्कूल शिक्षक रैंक धारक क्या माँग कर रहे हैं?
वे मौजूदा पीएससी रैंक सूची के आधार पर सरकारी स्कूलों में तत्काल नियुक्ति की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्कूलों में रिक्तियाँ होने के बावजूद सैकड़ों योग्य उम्मीदवार नियुक्ति की प्रतीक्षा में हैं।
भाजपा इस मुद्दे पर क्या कदम उठाएगी?
चंद्रशेखर ने सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन से व्यक्तिगत रूप से मिलकर जल्द समाधान के लिए दबाव डालने और इस मुद्दे को केरल विधानसभा में उठाने का वादा किया है।
नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन का केरल से क्या संबंध है?
20 जुलाई को नई दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी प्रदर्शन हुआ, जिसमें CM सतीशन शामिल हुए। भाजपा इसी भागीदारी को केरल की स्थानीय समस्याओं की उपेक्षा के प्रमाण के रूप में पेश कर रही है।
इस विवाद का केरल की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
भाजपा इस मुद्दे को LDF सरकार की रोज़गार विफलता के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। यदि नियुक्तियाँ जल्द नहीं होतीं, तो विधानसभा में यह मुद्दा और तीखा हो सकता है और सरकार पर दबाव बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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