3 अगस्त 2026
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केरल में एलपी रैंक होल्डर्स का विरोध तेज़, भाजपा और मलयालम फिल्म हस्तियों ने दिया समर्थन

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केरल में एलपी रैंक होल्डर्स का विरोध तेज़, भाजपा और मलयालम फिल्म हस्तियों ने दिया समर्थन

सारांश

तिरुवनंतपुरम सचिवालय के बाहर LP शिक्षक रैंक होल्डर्स का धरना अब केवल नौकरी की माँग नहीं रहा — यह मेरिट बनाम राजनीतिक पहुँच की बड़ी लड़ाई बन चुका है। BJP, मलयालम फिल्म जगत और आम जनता के समर्थन से आंदोलन ने नया ज़ोर पकड़ा है और केरल सरकार के लिए यह राजनीतिक दबाव का नया केंद्र बन गया है।

मुख्य बातें

तिरुवनंतपुरम में KPSC LP स्कूल शिक्षक रैंक होल्डर्स का सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन 3 अगस्त को और तेज़ हो गया।
प्रदर्शनकारी 31 मई 2025 की रैंक सूची के आधार पर तत्काल नियुक्ति और रिक्त पदों की पारदर्शी जानकारी की माँग कर रहे हैं।
BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नौवीं रैंक धारक गोपिका का मामला उठाया और 'बैकडोर' भर्ती का आरोप लगाया।
चंद्रशेखर ने LDF और UDF — दोनों गठबंधनों पर मेरिट की रक्षा में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
मलयालम फिल्म और टेलीविजन जगत की हस्तियों ने प्रदर्शनकारियों से मिलकर सरकार से तत्काल समाधान का आग्रह किया।

तिरुवनंतपुरम में केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) के लोअर प्राइमरी (LP) स्कूल शिक्षक रैंक होल्डर्स का सचिवालय के बाहर चल रहा अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन 3 अगस्त को और तीव्र हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार पर कड़े हमले बोले और मलयालम फिल्म व टेलीविजन जगत की हस्तियों ने भी आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जताई।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी 31 मई 2025 को KPSC द्वारा जारी LP स्कूल शिक्षक रैंक सूची के आधार पर तत्काल नियुक्ति की माँग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वैध रैंक सूची उपलब्ध होने के बावजूद खाली पदों की जानकारी पारदर्शी तरीके से नहीं दी जा रही, जिससे नियुक्तियों में जानबूझकर देरी की जा रही है।

मलयालम फिल्म और टेलीविजन उद्योग की कई हस्तियाँ प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुँचीं और सरकार से बिना किसी और विलंब के रैंक होल्डर्स की चिंताओं का समाधान करने का आग्रह किया।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक राजीव चंद्रशेखर ने LP शिक्षक परीक्षा में नौवीं रैंक हासिल करने वाली उम्मीदवार गोपिका का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरिट के आधार पर शीर्ष रैंक पाने के बावजूद गोपिका को कक्षा में पढ़ाने की बजाय सचिवालय के बाहर धरना देने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

चंद्रशेखर ने गोपिका की स्थिति को केरल के सैकड़ों योग्य युवाओं के संघर्ष का प्रतीक बताते हुए आरोप लगाया कि योग्य उम्मीदवारों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है, जबकि राजनीतिक संपर्क रखने वाले लोगों को 'बैकडोर' से भर्ती की जा रही है।

'रंडाला, ओन्नानु' (दो नहीं, एक) के नारे का हवाला देते हुए उन्होंने विपक्षी सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ — दोनों गठबंधनों पर राज्य के युवाओं के लिए मेरिट और रोज़गार के अवसरों की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप मढ़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP-नेतृत्व वाला NDA गोपिका सहित नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हर रैंक होल्डर के साथ दृढ़ता से खड़ा है।

प्रदर्शनकारियों की माँगें

आंदोलनकारियों की दो प्रमुख माँगें हैं — पहली, 31 मई 2025 की रैंक सूची के आधार पर तत्काल नियुक्ति आदेश जारी किए जाएँ; दूसरी, सभी रिक्त पदों की जानकारी पूर्ण पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि पदों की संख्या छुपाने की वजह से वैध रैंक होल्डर्स को अनावश्यक प्रतीक्षा में रखा जा रहा है।

सरकार पर दबाव

राजनीतिक समर्थन और सार्वजनिक सहानुभूति के बढ़ने के साथ यह प्रदर्शन राज्य सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। सरकार को भर्ती प्रक्रिया में देरी और सैकड़ों भावी शिक्षकों के भविष्य को लेकर लगातार सवालों का सामना करना पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में सरकारी भर्ती की पारदर्शिता पहले से ही बहस का विषय बनी हुई है।

आगे क्या होगा

आंदोलन के व्यापक होते जनाधार — जिसमें अब फिल्मी हस्तियाँ और प्रमुख राजनीतिक दल शामिल हैं — को देखते हुए सरकार पर निकट भविष्य में ठोस जवाब देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। यदि नियुक्ति प्रक्रिया में शीघ्र स्पष्टता नहीं आती, तो यह विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे न LDF ने सुधारा, न UDF ने। BJP का इस आंदोलन में प्रवेश राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन माँगें वैध हैं। असली सवाल यह है कि 31 मई 2025 की रैंक सूची जारी होने के बाद भी नियुक्तियाँ क्यों लंबित हैं — और खाली पदों की जानकारी छुपाना किसके हित में है। जब तक सरकार पारदर्शिता के साथ जवाब नहीं देती, यह विरोध केवल बढ़ेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल LP रैंक होल्डर्स का विरोध प्रदर्शन किस बारे में है?
KPSC द्वारा 31 मई 2025 को जारी LP स्कूल शिक्षक रैंक सूची के आधार पर तत्काल नियुक्ति की माँग को लेकर तिरुवनंतपुरम सचिवालय के बाहर यह अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वैध रैंक सूची होने के बावजूद रिक्त पदों की जानकारी छुपाकर नियुक्तियों में जानबूझकर देरी की जा रही है।
राजीव चंद्रशेखर ने गोपिका का मामला क्यों उठाया?
LP शिक्षक परीक्षा में नौवीं रैंक पाने वाली गोपिका को अभी तक नियुक्ति नहीं मिली है। BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने उनके मामले को केरल के सैकड़ों मेधावी युवाओं की व्यथा का प्रतीक बताते हुए 'बैकडोर' भर्ती के आरोप लगाए।
BJP ने LDF और UDF दोनों पर एक साथ आरोप क्यों लगाए?
'रंडाला, ओन्नानु' (दो नहीं, एक) नारे के ज़रिए BJP ने कहा कि सत्तारूढ़ LDF और विपक्षी UDF — दोनों ने बारी-बारी से सत्ता में रहते हुए मेरिट-आधारित भर्ती की रक्षा करने में नाकामी दिखाई है। चंद्रशेखर ने इसे केरल की भर्ती प्रणाली की संरचनात्मक खामी बताया।
मलयालम फिल्म जगत की हस्तियों की भूमिका क्या है?
मलयालम फिल्म और टेलीविजन उद्योग की कई हस्तियाँ प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुँचीं और सरकार से तत्काल समाधान का आग्रह किया। उनके समर्थन से आंदोलन को व्यापक सार्वजनिक सहानुभूति मिली है।
सरकार इस विरोध का समाधान कब करेगी?
अभी तक केरल सरकार की ओर से कोई ठोस समयसीमा नहीं दी गई है। बढ़ते राजनीतिक दबाव और सार्वजनिक समर्थन को देखते हुए सरकार पर रिक्त पदों की जानकारी सार्वजनिक करने और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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