केरल में यूपीएसटी रैंक होल्डर्स का 17 दिन का धरना खत्म, मंत्री शम्सुद्दीन ने दिए प्रमुख मांगों पर आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
केरल सचिवालय के बाहर उत्तर प्राथमिक विद्यालय शिक्षक (यूपीएसटी) रैंक होल्डर्स एसोसिएशन का 17 दिनों से जारी धरना शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को समाप्त हो गया, जब सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने प्रदर्शनकारियों को उनकी प्रमुख मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और जहाँ व्यावहारिक हो, वहाँ सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। यह निर्णय मंत्री और रैंक होल्डर्स के प्रतिनिधियों के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद सामने आया।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
प्रदर्शनकारी लंबे समय से केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) की उस प्रक्रिया का विरोध कर रहे थे, जिसके तहत मौजूदा रिक्त पदों की स्पष्ट जानकारी दिए बिना नए नोटिफिकेशन जारी किए जाते थे। रैंक होल्डर्स का तर्क था कि इस प्रक्रिया के कारण पहले से रैंक लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों की नियुक्ति की संभावना लगातार घटती जा रही थी। यह आंदोलन इसलिए भी चर्चा में रहा, क्योंकि एक ओर खाली पद भरे नहीं जा रहे थे और दूसरी ओर नए नोटिफिकेशन जारी हो रहे थे।
मुख्य मांगें और सरकार का रुख
मंत्री शम्सुद्दीन ने एसोसिएशन को आश्वस्त किया कि रिक्त पदों की जानकारी दिए बिना नोटिफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया रोकने की मांग पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा रैंक लिस्ट की वैधता अवधि बढ़ाने की मांग पर भी सकारात्मक विचार का वादा किया, ताकि लिस्ट की समय-सीमा समाप्त होने से पहले अधिक से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति मिल सके।
पीएससी उम्मीदवारों को एचटीवी (HTV) पदों पर नियुक्त करने और सरकारी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात सुधारने की मांगों पर सरकार ने विस्तृत जाँच की आवश्यकता बताई और इन मुद्दों के समाधान के लिए 45 दिन का समय माँगा।
मॉडल और फिशरीज स्कूलों का मुद्दा
बातचीत के दौरान मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों और फिशरीज स्कूलों में अपर-प्राइमरी स्तर पर रिक्त पदों का मुद्दा भी उठा। रैंक होल्डर्स के प्रतिनिधियों ने बताया कि ये संस्थान पर्याप्त अपर-प्राइमरी शिक्षकों के बिना काम कर रहे हैं। मंत्री ने इस पर ध्यान देते हुए सामान्य शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया कि वे संबंधित जिलों की मौजूदा अपर-प्राइमरी रैंक लिस्ट से इन पदों को भरने की संभावना की जाँच करें और उचित कार्रवाई शुरू करें।
समझौते का परिणाम
मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को यह भी भरोसा दिलाया कि आंदोलन के दौरान उठाई गई सभी मांगों की आने वाले समय में जाँच की जाएगी और जो मांगें व्यावहारिक पाई जाएंगी, उन्हें बिना देरी के लागू किया जाएगा। इस आश्वासन को स्वीकार करते हुए रैंक होल्डर्स ने अपना धरना वापस लेने का निर्णय किया।
आगे की राह
इस समझौते से सरकार को विवादित मुद्दों की जाँच के लिए 45 दिन का समय मिल गया है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर असंतोष लंबे समय से सुलग रहा था। रैंक होल्डर्स को अब उम्मीद है कि उनकी रैंक लिस्ट की वैधता समाप्त होने से पहले नियुक्तियाँ सुनिश्चित होंगी — हालाँकि सरकार की प्रतिबद्धताओं का असली परीक्षण आने वाले हफ्तों में होगा।