11 अगस्त 2026
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केरल हाईकोर्ट ने PSC परीक्षा रिकॉर्ड खुलासे पर सूचना आयोग के आदेश को एक माह के लिए रोका

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केरल हाईकोर्ट ने PSC परीक्षा रिकॉर्ड खुलासे पर सूचना आयोग के आदेश को एक माह के लिए रोका

सारांश

केरल हाईकोर्ट ने PSC को राज्य योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के सूचना आयोग के आदेश पर एक माह की रोक लगाई। PSC का तर्क है कि इंटरव्यू अभी बाकी है और समय से पहले खुलासा चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता को नुकसान पहुँचा सकता है।

मुख्य बातें

केरल हाईकोर्ट ने 11 अगस्त 2026 को राज्य सूचना आयोग के आदेश पर एक माह की अंतरिम रोक लगाई।
PSC को केरल राज्य योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा की आंसर स्क्रिप्ट और इंटरव्यू मार्क्स सूची सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था।
PSC का तर्क — इंटरव्यू प्रक्रिया अभी अधूरी है, समय से पहले खुलासा भर्ती की गोपनीयता को प्रभावित करेगा।
शिकायतकर्ता श्याम कृष्ण (तिरुवनंतपुरम) को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब माँगा।
आगे की सुनवाई में तय होगा कि चयन प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले दस्तावेज सार्वजनिक हो सकते हैं या नहीं।

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को राज्य सूचना आयोग के उस आदेश पर एक महीने की अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें लोक सेवा आयोग (PSC) को केरल राज्य योजना बोर्ड की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था। यह आदेश तिरुवनंतपुरम निवासी श्याम कृष्ण की सूचना का अधिकार (RTI) अर्जी पर सूचना आयुक्त द्वारा पारित किया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि

श्याम कृष्ण ने RTI के तहत परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज — जिनमें आंसर स्क्रिप्ट और इंटरव्यू की मार्क्स सूची शामिल हैं — माँगे थे। उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सूचना आयुक्त ने PSC को ये दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। हालाँकि, PSC ने उस आदेश का पालन नहीं किया, जिसके बाद सूचना आयुक्त ने आयोग की कड़ी आलोचना करते हुए रिकॉर्ड देने में हुई देरी पर नाराजगी जताई थी।

PSC की दलीलें

PSC ने एक रिट याचिका के माध्यम से सूचना आयुक्त के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। आयोग का तर्क था कि चयन प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है — विशेष रूप से इंटरव्यू का चरण बाकी है — और इस स्थिति में परीक्षा के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। PSC ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया पूर्णतः समाप्त होने के बाद ये दस्तावेज दिए जा सकते हैं।

हाईकोर्ट का हस्तक्षेप

गौरतलब है कि इस याचिका में पहले एक तकनीकी खामी आई थी, जिसके चलते हाईकोर्ट ने PSC को कमी दूर करके याचिका नए सिरे से दाखिल करने का निर्देश दिया था। संशोधित याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने PSC की दलीलों को प्रथमदृष्टया उचित मानते हुए सूचना आयोग के आदेश पर एक माह की रोक लगा दी। साथ ही शिकायतकर्ता श्याम कृष्ण को नोटिस जारी कर PSC की चुनौती पर जवाब माँगा गया है।

RTI बनाम भर्ती गोपनीयता का विवाद

यह मामला सूचना के अधिकार और सार्वजनिक भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता के बीच चल रहे व्यापक तनाव को उजागर करता है। PSC और सूचना आयोग के बीच दस्तावेज सार्वजनिक करने के मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच हाईकोर्ट का यह हस्तक्षेप महत्त्वपूर्ण है। आलोचकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना RTI का मूल उद्देश्य है, जबकि PSC का तर्क है कि समय से पहले खुलासा चल रही प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

आगे क्या होगा

अब शिकायतकर्ता के जवाब के बाद हाईकोर्ट में आगे की सुनवाई होगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने से पहले परीक्षा के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जा सकते हैं या नहीं। इस मामले का निर्णय केरल में RTI और सार्वजनिक भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता के भविष्य के लिए एक महत्त्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें संस्थाएँ अक्सर 'प्रक्रिया जारी है' की आड़ में जवाबदेही से बचती हैं। PSC का तर्क तकनीकी रूप से वैध हो सकता है, लेकिन आयोग द्वारा पहले के आदेश की अनदेखी और सूचना आयुक्त की कड़ी आलोचना यह संकेत देती है कि यह महज प्रक्रियागत सतर्कता नहीं थी। हाईकोर्ट का निर्णय एक महत्त्वपूर्ण मिसाल बनेगा — यदि 'चयन प्रक्रिया जारी है' RTI से बचने का स्थायी ढाल बन जाए, तो सार्वजनिक भर्ती में नागरिक निगरानी का अधिकार व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी हो जाएगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल हाईकोर्ट ने सूचना आयोग के किस आदेश पर रोक लगाई है?
हाईकोर्ट ने उस आदेश पर एक माह की रोक लगाई है जिसमें PSC को केरल राज्य योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा की आंसर स्क्रिप्ट और इंटरव्यू मार्क्स सूची सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था। यह आदेश तिरुवनंतपुरम निवासी श्याम कृष्ण की RTI अर्जी पर जारी किया गया था।
PSC ने सूचना आयोग के आदेश को क्यों चुनौती दी?
PSC का तर्क है कि केरल राज्य योजना बोर्ड भर्ती की चयन प्रक्रिया — विशेष रूप से इंटरव्यू चरण — अभी पूरी नहीं हुई है। आयोग का कहना है कि इस अवस्था में दस्तावेज सार्वजनिक करने से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
श्याम कृष्ण ने RTI में क्या जानकारी माँगी थी?
श्याम कृष्ण ने केरल राज्य योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा से जुड़े सभी रिकॉर्ड — जिनमें आंसर स्क्रिप्ट और इंटरव्यू की मार्क्स सूची शामिल हैं — RTI के तहत माँगे थे। उनकी शिकायत पर सूचना आयुक्त ने PSC को ये दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता श्याम कृष्ण को नोटिस जारी कर PSC की चुनौती पर जवाब माँगा है। उनके जवाब के बाद आगे की सुनवाई में यह तय होगा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने से पहले परीक्षा के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जा सकते हैं या नहीं।
क्या PSC ने पहले भी सूचना आयोग के आदेश का पालन नहीं किया था?
हाँ, सूचना आयुक्त के आदेश के बावजूद PSC ने दस्तावेज नहीं सौंपे थे, जिस पर सूचना आयुक्त ने आयोग की कड़ी आलोचना की और देरी पर नाराजगी जताई। इसी गतिरोध के बीच PSC ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
राष्ट्र प्रेस
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