केरल PSC की बड़ी चूक: अलाप्पुझा में प्रश्नपत्र गड़बड़ी से LGS-स्टोरमैन परीक्षा रद्द
सारांश
मुख्य बातें
केरल लोक सेवा आयोग (PSC) को 18 जुलाई 2026 (शनिवार) को उस समय गंभीर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा जब अलाप्पुझा के एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र वितरण में बड़ी चूक के कारण लास्ट ग्रेड सर्वेंट्स (LGS) और स्टोरमैन पदों की राज्यव्यापी भर्ती परीक्षा रद्द करनी पड़ी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब आयोग पहले से ही एक अलग भर्ती विवाद में क्राइम ब्रांच की जाँच के दायरे में है।
क्या हुई गड़बड़ी
अलाप्पुझा के लाजनाथ स्कूल परीक्षा केंद्र पर अधिकारियों ने दोपहर के सत्र के लिए निर्धारित प्रश्नपत्र गलती से सुबह की परीक्षा में उपस्थित उम्मीदवारों को वितरित कर दिया। चूँकि विभिन्न सरकारी पदों की इस प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों की संख्या अधिक थी, इसलिए परीक्षा को दो सत्रों में विभाजित किया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, यह चूक सुबह का सत्र समाप्त होने के बाद ही उजागर हुई। तब तक दोपहर के प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग हो चुकी थी, और PSC के पास पूरे राज्य में दोपहर 2 बजे निर्धारित सत्र को रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। आयोग ने आधिकारिक तौर पर इसे 'तकनीकी कारण' बताया।
उम्मीदवारों पर असर
रद्द की गई परीक्षाएँ LGS और स्टोरमैन पदों के लिए थीं, जिनके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता SSLC है। हज़ारों उम्मीदवार महीनों की तैयारी के बाद अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुँच चुके थे। परीक्षा अचानक रद्द होने से उन्हें भारी असुविधा और निराशा का सामना करना पड़ा। आयोग ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी।
PSC पर पहले से चल रही जाँच
यह ताज़ा विवाद PSC के लिए दोहरी मुसीबत है। इससे पहले केरल राज्य योजना बोर्ड में विवादास्पद भर्ती को लेकर क्राइम ब्रांच जाँच कर रही है। उस मामले में कथित तौर पर रैंक लिस्ट को अंतिम रूप देने से पहले 10 उत्तरों का मूल्यांकन नहीं किया गया था, और एक वामपंथी संगठन के नेता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था।
गौरतलब है कि राज्य सूचना आयोग ने हाल ही में PSC को निर्देश दिया है कि वह भर्ती से संबंधित वे सभी दस्तावेज़ सात दिनों के भीतर सौंपे, जिन्हें सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत उम्मीदवारों से छिपाया गया था। इसी आदेश के बाद क्राइम ब्रांच ने जाँच शुरू की।
जाँच और जवाबदेही की माँग
प्रश्नपत्र वितरण की इस चूक के बाद परीक्षा संचालन में हुई प्रशासनिक और सुरक्षा लापरवाही की विस्तृत जाँच की माँग उठाई गई है। आलोचकों का कहना है कि यह घटना PSC की आंतरिक प्रक्रियाओं और गोपनीयता प्रोटोकॉल में गंभीर खामियों को उजागर करती है।
आगे क्या होगा
PSC को अब न केवल LGS और स्टोरमैन परीक्षा की नई तारीख तय करनी होगी, बल्कि योजना बोर्ड भर्ती विवाद में भी जाँच एजेंसियों को सहयोग देना होगा। यह देखना होगा कि आयोग इन दोनों मोर्चों पर अपनी विश्वसनीयता कैसे बहाल करता है, क्योंकि लाखों उम्मीदवारों का भरोसा दाँव पर है।