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केरल PSC भर्ती घोटाला: क्राइम ब्रांच SIT जांच में KPSC का सहयोग का आश्वासन, 25 जुलाई तक रिपोर्ट

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केरल PSC भर्ती घोटाला: क्राइम ब्रांच SIT जांच में KPSC का सहयोग का आश्वासन, 25 जुलाई तक रिपोर्ट

सारांश

केरल PSC भर्ती विवाद में क्राइम ब्रांच SIT को पहले दिन ही एक दर्जन से अधिक शिकायतें मिलीं। आठ सदस्यीय टीम KAS समेत कई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जाँच कर रही है। 25 जुलाई तक प्रारंभिक रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

KPSC ने 13 जुलाई को क्राइम ब्रांच SIT के साथ पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
SIT को पहले दिन KAS , DSP विशेष भर्ती , होटल प्रबंधन सहायक प्रोफेसर सहित एक दर्जन से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।
SIT को आठ सदस्यीय किया गया; अध्यक्षता आईजी अजिता बेगम , देखरेख एडीजीपी एच.
प्रारंभिक रिपोर्ट 25 जुलाई तक राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपी जाएगी।
KPSC के 16 सदस्य पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यकाल में नियुक्त; 5 पद अभी भी रिक्त।

केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) ने 13 जुलाई को स्पष्ट किया कि वह भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जाँच कर रही क्राइम ब्रांच की विशेष जाँच टीम (SIT) के साथ पूरा सहयोग करेगा। आयोग ने कहा कि कानूनी प्रावधानों के तहत जो भी दस्तावेज़ माँगे जाएंगे, वे जाँच एजेंसी को सौंप दिए जाएंगे।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की अध्यक्षता वाले राज्य मंत्रिमंडल द्वारा गठित इस SIT ने KPSC की संवैधानिक स्थिति और वैधानिक सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रुख अपनाया है। तुरंत आपराधिक मामले दर्ज करने की बजाय टीम ने शिकायतों का सत्यापन, बयान दर्ज करना, भर्ती रिकॉर्ड की जाँच और चयन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ शुरू की है।

किन भर्तियों पर है आरोप

जाँच के पहले ही दिन SIT को एक दर्जन से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें केरल प्रशासनिक सेवा (KAS), योजना बोर्ड प्रमुख की नियुक्ति, पुलिस उपाधीक्षक विशेष भर्ती परीक्षा, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी अनुसंधान अधिकारी परीक्षा और होटल प्रबंधन में सहायक प्रोफेसर पद की भर्ती में अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं।

SIT का विस्तार और नेतृत्व

सरकार ने SIT को विस्तारित कर आठ सदस्यीय बना दिया है। इसकी अध्यक्षता आईजी अजिता बेगम कर रही हैं, जबकि एडीजीपी एच. वेंकटेश समग्र देखरेख कर रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट 25 जुलाई तक राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपे जाने की उम्मीद है।

आंतरिक सतर्कता तंत्र पर सवाल

जाँच ने KPSC के अपने सतर्कता तंत्र पर भी ध्यान केंद्रित किया है, जिसका नेतृत्व एक पुलिस अधीक्षक करते हैं। यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या कथित अनियमितताओं को समय रहते पकड़ने के लिए आंतरिक सुरक्षा उपाय पर्याप्त थे। गौरतलब है कि KPSC में अध्यक्ष सहित 16 सदस्य हैं, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार के दौरान नियुक्त किया गया था।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

फिलहाल आयोग में पाँच पद रिक्त हैं और मुख्यमंत्री सतीशन के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने अभी तक नई नियुक्तियाँ नहीं की हैं। यह ऐसे समय में आया है जब KPSC की विश्वसनीयता पर सार्वजनिक बहस तेज़ हो रही है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि आगे आपराधिक मामले दर्ज होंगे या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व वाला आयोग का अपना सतर्कता तंत्र इतने लंबे समय तक इन कथित अनियमितताओं को पकड़ने में विफल क्यों रहा। यह भी उल्लेखनीय है कि आयोग के सभी 16 सदस्य पिछली सरकार की नियुक्तियाँ हैं और वर्तमान सरकार ने पाँच रिक्त पदों को अभी तक नहीं भरा — जो राजनीतिक इच्छाशक्ति पर सवाल उठाता है। SIT का संतुलित रुख समझ में आता है, पर 25 जुलाई की रिपोर्ट के बाद यदि आपराधिक मामले नहीं बनते, तो जनता का भरोसा और गहरा हिल सकता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल PSC भर्ती अनियमितता मामले में SIT जाँच क्या है?
यह केरल सरकार द्वारा KPSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों की जाँच के लिए गठित क्राइम ब्रांच की विशेष जाँच टीम है। SIT KAS, DSP विशेष भर्ती और अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों की जाँच कर रही है।
SIT में कौन शामिल हैं और इसका नेतृत्व कौन कर रहा है?
SIT को आठ सदस्यीय बनाया गया है। इसकी अध्यक्षता आईजी अजिता बेगम कर रही हैं और एडीजीपी एच. वेंकटेश समग्र देखरेख के लिए जिम्मेदार हैं।
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट कब तक आएगी?
प्रारंभिक रिपोर्ट 25 जुलाई तक राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपे जाने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
KPSC के किन भर्तियों पर अनियमितता के आरोप हैं?
आरोप केरल प्रशासनिक सेवा (KAS), योजना बोर्ड प्रमुख नियुक्ति, पुलिस उपाधीक्षक विशेष भर्ती परीक्षा, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी अनुसंधान अधिकारी परीक्षा और होटल प्रबंधन में सहायक प्रोफेसर भर्ती से जुड़े हैं।
KPSC के मौजूदा सदस्यों की नियुक्ति किसने की थी?
KPSC के अध्यक्ष सहित 16 सदस्यों को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार के दौरान नियुक्त किया गया था। वर्तमान में पाँच पद रिक्त हैं और मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की सरकार ने अभी तक नई नियुक्तियाँ नहीं की हैं।
राष्ट्र प्रेस
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