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केरल पीएससी गवर्निंग बॉडी भंग करो: भाजपा युवा मोर्चा का आंदोलन तेज, 10 साल की नियुक्तियों की सीबीआई जांच की मांग

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केरल पीएससी गवर्निंग बॉडी भंग करो: भाजपा युवा मोर्चा का आंदोलन तेज, 10 साल की नियुक्तियों की सीबीआई जांच की मांग

सारांश

भाजपा युवा मोर्चा ने केरल पीएससी की गवर्निंग बॉडी भंग करने और 10 साल की नियुक्तियों की सीबीआई जांच की माँग तेज कर दी है। 19-20 अगस्त को पीएससी मुख्यालय के बाहर दिन-रात धरने का ऐलान — हजारों प्रतीक्षारत उम्मीदवारों की आवाज़ बनकर उभरा यह आंदोलन।

मुख्य बातें

भाजपा युवा मोर्चा ने 18 अगस्त 2026 को केरल पीएससी की मौजूदा गवर्निंग बॉडी को तत्काल भंग करने की माँग की।
पिछले 10 वर्षों में पीएससी द्वारा की गई सभी नियुक्तियों की सीबीआई जांच की माँग उठाई गई।
युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वी.
मनुप्रसाद ने कहा — जब तक गवर्निंग बॉडी नहीं हटाई जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
केरल के राज्यपाल ने शिकायत पर गंभीरता से विचार का आश्वासन दिया।
19 और 20 अगस्त को पीएससी मुख्यालय के बाहर दिन-रात धरना प्रदर्शन का ऐलान।
सरकारी रिक्तियों पर श्वेत पत्र जारी करने और रैंक सूची के उम्मीदवारों को शीघ्र नियुक्ति देने की माँग भी शामिल।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा ने 18 अगस्त 2026 को तिरुवनंतपुरम में केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) की मौजूदा गवर्निंग बॉडी को तत्काल भंग करने और पिछले 10 वर्षों में की गई नियुक्तियों की सीबीआई जांच की मांग के साथ अपना अभियान और तेज कर दिया। संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

मुख्य मांगें और घटनाक्रम

युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वी. मनुप्रसाद ने स्पष्ट किया कि जब तक भ्रष्टाचार और नौकरी के इच्छुक युवाओं के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे पीएससी सदस्यों सहित वर्तमान गवर्निंग बॉडी को पद से नहीं हटाया जाता, आंदोलन नहीं थमेगा। उन्होंने कहा, 'मौजूदा पीएससी गवर्निंग बॉडी को भंग किया जाना चाहिए। जब तक कार्रवाई नहीं होती, हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।'

संगठन ने सरकार से सभी सरकारी विभागों में रिक्त पदों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने और एक श्वेत पत्र जारी करने की माँग की है। इसके साथ ही पीएससी की मौजूदा रैंक सूची में शामिल उम्मीदवारों को सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति देने की भी माँग उठाई गई है।

राज्यपाल से शिकायत और आश्वासन

मनुप्रसाद ने बताया कि युवा मोर्चा पहले ही केरल के राज्यपाल को पीएससी से जुड़े मुद्दों की लिखित शिकायत सौंप चुका है। राज्यपाल ने संगठन को आश्वस्त किया है कि मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। यह आश्वासन संगठन के लिए उम्मीद की किरण बना है, हालाँकि ठोस कार्रवाई अभी बाकी है।

धरना प्रदर्शन और आगे की रणनीति

आंदोलन के अगले चरण में युवा मोर्चा 19 और 20 अगस्त को पीएससी मुख्यालय के बाहर दिन-रात धरना देगा। यह प्रदर्शन सरकारी रिक्तियों, नियुक्तियों में देरी और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। नेतृत्व ने संकेत दिया है कि यदि माँगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

पीएससी सदस्यों की नियुक्ति में पारदर्शिता की मांग

युवा मोर्चा ने पीएससी सदस्यों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी कानूनी नियम बनाने की भी माँग की है, ताकि राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को रोका जा सके और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। गौरतलब है कि केरल में पीएससी भर्ती को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है — पिछले कुछ वर्षों में कई बार नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं।

आम जनता और उम्मीदवारों पर असर

मनुप्रसाद के अनुसार यह अभियान उन हजारों उम्मीदवारों की आवाज़ है जो भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी नियुक्ति की प्रतीक्षा में हैं, जबकि पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने इसे लगातार सरकारों द्वारा नौकरी के इच्छुक युवाओं के साथ 'विश्वासघात' करार दिया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में बेरोज़गारी और सरकारी नौकरियों की माँग युवाओं के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि पीएससी की स्वायत्तता संवैधानिक रूप से संरक्षित है। सीबीआई जांच की माँग राजनीतिक रूप से आक्रामक है, लेकिन इसका क्रियान्वयन केंद्र-राज्य संबंधों पर भी निर्भर करेगा। यदि मुख्यधारा की कवरेज केवल धरने तक सीमित रही, तो रैंक सूची में फँसे उम्मीदवारों की असली पीड़ा हाशिये पर ही रहेगी।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा युवा मोर्चा केरल पीएससी के खिलाफ क्यों आंदोलन कर रहा है?
युवा मोर्चा का आरोप है कि केरल पीएससी की गवर्निंग बॉडी पर भ्रष्टाचार और नौकरी के इच्छुक युवाओं के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोप हैं। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी कर चुके हजारों उम्मीदवार पद रिक्त होने के बावजूद नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
युवा मोर्चा की प्रमुख मांगें क्या हैं?
संगठन की मुख्य मांगों में पीएससी की मौजूदा गवर्निंग बॉडी को भंग करना, पिछले 10 वर्षों की नियुक्तियों की सीबीआई जांच, सरकारी रिक्तियों पर श्वेत पत्र जारी करना, रैंक सूची के उम्मीदवारों को शीघ्र नियुक्ति और पीएससी सदस्यों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी कानूनी नियम बनाना शामिल हैं।
19-20 अगस्त को क्या होगा?
भाजपा युवा मोर्चा 19 और 20 अगस्त 2026 को तिरुवनंतपुरम स्थित पीएससी मुख्यालय के बाहर दिन-रात धरना प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन सरकारी रिक्तियों, नियुक्तियों में देरी और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
केरल के राज्यपाल ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
युवा मोर्चा द्वारा पीएससी से जुड़े मुद्दों की शिकायत सौंपे जाने के बाद केरल के राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। हालाँकि अभी तक कोई ठोस कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई है।
यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन का अगला कदम क्या होगा?
युवा मोर्चा नेतृत्व ने संकेत दिया है कि यदि सरकार और पीएससी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देते, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष वी. मनुप्रसाद ने कहा कि तब तक संगठन सुधारों की माँग जारी रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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