केरल चुनाव: मुख्यमंत्री विजयन ने भाजपा और कांग्रेस पर ऊर्जा संकट का आरोप लगाया
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा और कांग्रेस पर ऊर्जा संकट के लिए नीतिगत आरोप
- ईरान-भारत गैस पाइपलाइन का मुद्दा
- विजयन का कॉरपोरेट-प्रेरित नीतियों पर सवाल उठाना
- ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की चिंता
- केंद्र सरकार से स्वतंत्र ऊर्जा नीति की अपील
तिरुवनंतपुरम, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को वर्तमान भाजपा और पूर्व में कांग्रेस की सरकारों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनके नीतिगत निर्णयों के कारण देश में ऊर्जा संकट गहरा हुआ है।
सीएम विजयन ने आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रभाव के कारण बनाई गई नीतियों ने भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों ने स्थिति को और अधिक बिगाड़ दिया है, जिससे देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने ईरान-भारत गैस पाइपलाइन परियोजना से भारत के 2006 में पीछे हटने को 'ऐतिहासिक गलती' बताया और कहा कि इससे राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि मणिशंकर अय्यर को इस परियोजना का समर्थन करने के कारण पद से हटा दिया गया था, जो उस समय कांग्रेस के नीतिगत दृष्टिकोण को दर्शाता है।
इसके बाद मुरली देवरा को नियुक्त किया गया, जिसे विजयन ने कॉरपोरेट-प्रेरित ऊर्जा नीतियों की दिशा में बदलाव का संकेत बताया।
विजयन ने वर्तमान भाजपा सरकार को भी निशाना बनाते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में निजी कॉरपोरेट हितों को अनुचित प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने एक भारतीय निजी कंपनी के रेयर ऑयल रिफाइनिंग अनुमोदन की खबरों का उल्लेख किया और रूस से तेल आयात जैसे निर्णयों में भारत की ओर से अमेरिकी दबाव के आगे झुकने की निंदा की।
सीएम विजयन ने चेतावनी दी कि वैश्विक बाजारों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ती जा रही हैं और आपूर्ति में अनिश्चितताएं उत्पन्न हो रही हैं, जिसका असर सामान्य नागरिकों एवं उद्योगों दोनों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आतिथ्य क्षेत्र सहित सेवा क्षेत्र पहले से ही दबाव में है।
केंद्र सरकार द्वारा सक्रिय उपायों की कमी पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्ट्रैटेजिक भंडार बनाने, घरेलू उत्पादन को बढ़ाने या ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के लिए बहुत कम प्रयास किए गए हैं। विजयन ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह बाहरी दबावों से मुक्त एक स्वतंत्र ऊर्जा और विदेश नीति अपनाए।
मुख्यमंत्री विजयन ने भाजपा और कांग्रेस पर ऐसे समय में निशाना साधा है, जब कुछ ही दिनों में केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस समय विजयन की छवि खराब दौर से गुजर रही है।