पिनाराई विजयन का कांग्रेस पर हमला: सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच गुप्त समझौते के आरोप निराधार

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पिनाराई विजयन का कांग्रेस पर हमला: सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच गुप्त समझौते के आरोप निराधार

सारांश

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस के गुप्त समझौते के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा का कोई स्थान नहीं है। यह आरोप यूडीएफ के हार के डर से उपजा है। जानें क्या कहा विजयन ने आगामी चुनावों के बारे में!

Key Takeaways

  • पिनाराई विजयन ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया।
  • भाजपा को अगले चुनाव में कोई सीट नहीं मिलने का दावा।
  • यूडीएफ अल्पसंख्यक वोटों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
  • राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है।
  • कांग्रेस ने यह आरोप चुनावी रणनीति के तहत लगाए हैं।

पथानमथिट्टा, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए उस आरोप को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया है कि सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच कोई गुप्त समझौता हुआ है। उन्होंने सोमवार को स्पष्ट किया कि यह आरोप यूडीएफ के हार के डर के चलते उत्पन्न हुआ है। विजयन ने यह भी कहा कि 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा केरल में एक भी सीट नहीं जीत पाएगी।

चुनाव प्रचार के बढ़ते माहौल में, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) इस कथित "सौदे" को अपने चुनावी अभियान का मुख्य मुद्दा बना रहा है। इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक मतों को सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) से दूर रखना है। कांग्रेस का दावा है कि सीपीआई (एम) कुछ जगहों पर कमजोर उम्मीदवार उतारकर भाजपा की मदद कर रही है, जिससे भाजपा को राज्य में अपने आधार को मजबूत करने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री विजयन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से भाजपा के साथ समझौते किए हैं। उन्होंने केरल की राजनीति में चर्चित कांग्रेस-लीग और भाजपा के गठजोड़ का उल्लेख किया और कहा कि कई साल पहले एक आरएसएस नेता ने भी कांग्रेस के समर्थन की बात स्वीकारी थी। विजयन के अनुसार, हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भी ऐसा सहयोग देखा गया था।

उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा का विकास बहुत सीमित रहा है। वोट शेयर में थोड़ी वृद्धि हुई है, लेकिन पार्टी इसे सीटों में बदलने में असफल रहेगी। विजयन ने विश्वास जताया कि एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगा और उसकी सीटें भी बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है।

यह बयान चुनावी माहौल को और गरमाने वाला है, जहां एलडीएफ और यूडीएफ दोनों एक-दूसरे पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगा रहे हैं। भाजपा केरल में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के प्रयास जारी रखे हुए है, लेकिन एलडीएफ इसे नकार रहा है।

हालांकि, कांग्रेस ने सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच गुप्त गठजोड़ को धर्मनिरपेक्ष मतों के लिए बड़ा खतरा बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह आरोप राहुल गांधी द्वारा पहले उठाए गए सीजेपी (सीपीआई (एम)-भाजपा) नैरेटिव का विस्तार है। इसे चुनावों से ठीक पहले और तेज किया गया है, क्योंकि मुकाबला कड़ा होने वाला है।

सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि वे यूडीएफ के आंतरिक झगड़ों को छिपाने के लिए झूठ फैला रहे हैं। जैसे-जैसे चुनाव प्रचार तेज हो रहा है, सौदे या गुप्त समझौते का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बन गया है। दोनों पक्ष के नेता इस आरोप-प्रत्यारोप के माध्यम से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। अब यह देखना है कि कांग्रेस का यह नैरेटिव लोगों पर कितना प्रभाव डालता है या एलडीएफ का उत्तर कितना मजबूत साबित होता है। यह सवाल केरल के 2026 विधानसभा चुनावों के परिणामों पर काफी हद तक असर डाल सकता है।

Point of View

जिससे आने वाले चुनावों में राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि किस पार्टी को इस विवाद का लाभ मिलता है।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच कोई समझौता हुआ है?
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसे पूरी तरह से खारिज किया है और इसे कांग्रेस के हार के डर से उत्पन्न आरोप बताया है।
अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा की स्थिति क्या होगी?
विजयन के अनुसार, भाजपा को केरल में एक भी सीट नहीं मिलेगी।
यूडीएफ का क्या उद्देश्य है?
यूडीएफ का लक्ष्य अल्पसंख्यक वोटों को एलडीएफ से दूर रखना है।
क्या कांग्रेस का आरोप सही है?
विश्लेषकों के अनुसार, यह कांग्रेस के पिछले संबंधों का एक विस्तार है।
राज्य में राजनीतिक माहौल कैसा है?
राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है, और एलडीएफ सत्ता में लौटने की उम्मीद कर रही है।
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