केरल चुनाव: भाजपा के साथ गुप्त समझौते के आरोप पर सीएम विजयन का तीखा जवाब

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केरल चुनाव: भाजपा के साथ गुप्त समझौते के आरोप पर सीएम विजयन का तीखा जवाब

सारांश

केरल विधानसभा चुनाव के समीप, भाजपा और सीपीआई(एम) के बीच गुप्त समझौते का आरोप तेज हो गया है। मुख्यमंत्री विजयन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनकी पार्टी छोटी राजनीतिक चालें नहीं चलती।

Key Takeaways

  • सीपीआई(एम) ने आरोपों को खारिज किया।
  • भाजपा और कांग्रेस पर आरोप लगाए गए।
  • सांप्रदायिकता के खिलाफ वामपंथ की स्थायी स्थिति।
  • मुस्लिम मतदाता महत्वपूर्ण हैं।
  • 1977 के चुनावों का ऐतिहासिक संदर्भ।

तिरुवनंतपुरम, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनाव के नजदीक, भाजपा और सीपीआई(एम) के बीच कथित 'गुप्त समझौते' के आरोप ने राजनीतिक परिदृश्य को गरमा दिया है। इस विवाद पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शुक्रवार को इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सीपीआई(एम) छोटी राजनीतिक चालें नहीं चलती। उन्होंने कहा, "लोग सब कुछ देख रहे हैं और अपनी राय बनाएंगे। राजनीति केवल गणित की बातें नहीं हैं।" इस बयान से उन्होंने भाजपा और सीपीआई(एम) के बीच किसी समझौते की संभावना को नकार दिया।

विजयन ने कांग्रेस पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वह भाजपा और दक्षिणपंथी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने वडकारा और बेपोर जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां वामपंथ विरोधी मतों को एकजुट करने की कोशिश की गई थी, लेकिन जनता ने इसे अस्वीकार कर दिया और वाम दलों को जीत मिली।

मुख्यमंत्री ने 1977 के चुनावों के दौरान आरएसएस से जुड़े आरोपों को 'बेबुनियाद' और 'तोड़-मरोड़कर पेश किया गया' बताया। उन्होंने कहा कि उस समय कन्नूर के राजनीतिक माहौल को जानने वाले लोग जानते हैं कि वे खुद आरएसएस के निशाने पर थे।

विजयन ने कहा, "अब यह मान लिया गया है कि किसी भी झूठ को सच की तरह पेश किया जा सकता है। कांग्रेस इसी तरह का प्रचार कर रही है।"

सीएम ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि ईएमएस नंबूदरीपाद को हराने के प्रयासों में कांग्रेस ने कभी-कभी आरएसएस समर्थित ताकतों के साथ अप्रत्यक्ष सहयोग किया था। उन्होंने फिर से कहा कि वामपंथी दल हमेशा सांप्रदायिकता के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे हैं।

इसके अलावा, विजयन ने भाजपा नेताओं द्वारा गुरुवायूर जैसे क्षेत्रों में धार्मिक प्रतिनिधित्व को लेकर दिए गए बयानों की आलोचना की। उन्होंने इसे केरल की राजनीति में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश बताया।

उन्होंने कहा, "केरल एक ऐसा राज्य है जहां लोग जाति और धर्म के भेदभाव के बिना रहते हैं और यह देश में सेक्युलरिज्म का मजबूत गढ़ है।"

हालांकि, इन उत्तरों के बावजूद 'डील' का आरोप चुनावी माहौल में फैल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा विशेष रूप से मुस्लिम मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उठाया जा रहा है, जो राज्य की आबादी में 25 प्रतिशत से अधिक हैं और 2021 में वामपंथ की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

सीपीआई(एम) के लिए यह विधानसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

Point of View

जो मुस्लिम मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

सीएम विजयन ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
सीएम विजयन ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस मिलकर काम कर रही हैं और सांप्रदायिक विभाजन पैदा कर रही हैं।
क्या सीपीआई(एम) ने कोई गुप्त समझौता किया है?
सीएम विजयन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी छोटी चालें नहीं चलती।
इस विवाद का मुस्लिम मतदाताओं पर क्या असर पड़ेगा?
विश्लेषकों के अनुसार, यह मुद्दा मुस्लिम मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उठाया गया है।
केरल के चुनावों में कौन सी पार्टी प्रमुख है?
सीपीआई(एम) वर्तमान में सत्ता में है और चुनाव में अपनी स्थिति बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
क्या विजयन ने इतिहास के उदाहरण दिए?
हाँ, उन्होंने कांग्रेस के पिछले कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे आरएसएस के साथ अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग कर चुके हैं।
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