के.सी. वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री विजयन से भाजपा नेताओं की गुप्त बैठकों पर स्पष्टीकरण मांगा

Click to start listening
के.सी. वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री विजयन से भाजपा नेताओं की गुप्त बैठकों पर स्पष्टीकरण मांगा

सारांश

तिरुवनंतपुरम में एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर भाजपा के नेताओं के साथ गुप्त मुलाकातें करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक पत्र में विधानसभा चुनावों से पूर्व प्रशासनिक मुद्दों पर कई गंभीर सवाल किए हैं।

Key Takeaways

  • गुप्त मुलाकातें: भाजपा नेताओं के साथ विजयन की मुलाकातों पर आरोप।
  • राजनीतिक समझौतें: गुप्त राजनीतिक समझौतें होने का संदेह।
  • जनता की चिंताएं: पत्र में जनता की चिंताओं को उठाया गया।
  • श्रम सुधार: श्रम संहिताओं को लागू करने पर सवाल।
  • संविधानिक मुद्दे: एसएनसी लावालिन मामले में संभावित राजनीतिक दखल।

तिरुवनंतपुरम, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ कथित "गुप्त मुलाकातों" का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया। उन्होंने एक खुला पत्र जारी किया, जिसमें विधानसभा चुनावों से पहले के पर्दे के पीछे के सौदों और शासन के मुद्दों पर दस सवाल उठाए गए। केरल में गुरुवार को 140 नए विधायकों का चुनाव होना है।

वेणुगोपाल ने अपने आरोपों की शुरुआत करते हुए विजयन की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ दिल्ली में हुई निजी मुलाकात पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात बिना किसी अधिकारी की मौजूदगी में हुई थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केरल हाउस में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए आयोजित नाश्ते की बैठक का जिक्र किया, जो फिर से अधिकारियों की गैर-मौजूदगी में हुई।

वेणुगोपाल ने यह भी पूछा कि क्या विजयन ने दिल्ली के बाहर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ कोई बैठक की थी, और क्या यह बातचीत भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के साथ किसी अघोषित समझौते का हिस्सा थी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह पत्र एलडीएफ शासन के एक दशक के बाद जनता की चिंताओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये मुलाकातें गुप्त राजनीतिक समझौते की ओर इशारा करती हैं, जबकि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से केंद्र का विरोध करते दिखते हैं।

वेणुगोपाल ने राज्य सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें एलडीएफ के प्रमुख सहयोगी दल सीपीआई की कड़ी आपत्तियों के बावजूद पीएम श्री योजना को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के साथ कथित समझौते के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने गठबंधन सहयोगियों को अंधेरे में रखा, जिससे सत्ताधारी मोर्चे में पारदर्शिता को लेकर चिंता बढ़ी।

श्रम सुधारों के संदर्भ में, वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने सहयोगियों से परामर्श किए बिना चुपचाप केंद्रीय श्रम संहिताओं को लागू किया और ट्रेड यूनियन पंजीकरण शुल्क में भी भारी वृद्धि की। उन्होंने पूछा कि क्या ये फैसले वामपंथ की ‘मज़दूर-समर्थक’ विचारधारा में बदलाव का संकेत हैं।

इस पत्र में संवेदनशील कानूनी और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को भी फिर से उठाया गया है। वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से जुड़े एसएनसी लावालिन मामले में बार-बार सुनवाई टलने की ओर इशारा किया और इसमें संभावित राजनीतिक दखल होने का सवाल उठाया। इसके अलावा, उन्होंने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस मामले में जांच में कथित देरी और मुख्यमंत्री के बेटे के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की स्थिति को लेकर भी सवाल किए।

एक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आरोप में, वेणुगोपाल ने एडीजीपी एम.आर. अजित कुमार को लगातार मिल रही सुरक्षा पर सवाल उठाया। उनके खिलाफ यह आरोप भी लगाए गए हैं कि वे आरएसएस नेताओं से जुड़े हुए हैं और त्रिस्सूर पूरम विवाद में कथित संलिप्तता रखते हैं।

वेणुगोपाल ने राज्य की राजधानी में आध्यात्मिक गुरु ‘श्री एम’ की मध्यस्थता से मुख्यमंत्री विजयन और भाजपा नेताओं के बीच हुई कथित मुलाकात का विवरण भी मांगा।

Point of View

जो राजनीतिक परिदृश्य को और जटिल बना सकता है। यह मामला केवल केरल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल मच सकती है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

के.सी. वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री विजयन पर क्या आरोप लगाया है?
वेणुगोपाल ने विजयन पर भाजपा नेताओं के साथ गुप्त मुलाकातों का आरोप लगाया है, जिन्हें उन्होंने प्रशासनिक मुद्दों पर गंभीर सवालों के संदर्भ में उठाया है।
क्या इन गुप्त मुलाकातों का चुनाव पर असर पड़ेगा?
यह संभव है कि इन आरोपों से विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की राय प्रभावित हो सकती है, क्योंकि यह राजनीतिक विश्वास को चुनौती देता है।
Nation Press