जयपुर में भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय मार्च पर वॉटर कैनन, कांग्रेस ने किया जवाबी मार्च का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर में 22 जुलाई 2026 को राजनीतिक टकराव तब चरम पर पहुँच गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हजारों कार्यकर्ताओं ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) मुख्यालय की ओर मार्च किया और पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद कांग्रेस ने भी भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर जवाबी मार्च की घोषणा कर दी, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएँ और गहरी हो गईं।
मार्च का घटनाक्रम
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के नेतृत्व में यह मार्च सी-स्कीम से शुरू होकर कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ा। इसमें प्रदेश पदाधिकारी शंकर अगोरा और राखी राठौर सहित वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल थे। जैसे ही जुलूस पीसीसी मुख्यालय के निकट पहुँचा, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने के प्रयास के बाद जयपुर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उच्च दबाव वाली वॉटर कैनन का प्रयोग किया।
भाजपा का पक्ष
राठौर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस बार-बार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर कर रहे हैं और राजस्थान की जनता इस आचरण को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह ध्यान देने योग्य है कि भाजपा ने दिल्ली में हुए घटनाक्रम को आधार बनाकर राजस्थान भर में अपने कार्यकर्ताओं को लामबंद किया।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
राजस्थान PCC अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के विरोध को 'ढोंग' और 'बेबुनियाद' करार देते हुए कहा कि यह 'न्यूकैसल में कोयला ले जाने' जैसा व्यर्थ प्रयास है। डोटासरा ने यह भी कहा कि राज्यसभा का सत्र चल रहे होने के बावजूद भाजपा के प्रदेश नेतृत्व को जयपुर में विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया गया, जबकि वास्तविक मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके जवाब में उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के प्रदेश मुख्यालय तक मार्च करेंगे।
पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह घोषणा उस घटना के एक दिन बाद आई जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जयपुर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रतीकात्मक सामूहिक गिरफ्तारी की पेशकश की थी। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य स्तर पर भाजपा-कांग्रेस टकराव तेज़ हो रहा है, और राजस्थान इस राजनीतिक संघर्ष का एक प्रमुख अखाड़ा बनता जा रहा है।
आगे क्या
कांग्रेस के जवाबी मार्च की घोषणा के बाद जयपुर में पुलिस बल की तैनाती और बढ़ाई गई है। दोनों दलों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तीखा होने की आशंका है, क्योंकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सड़क पर उतरने की रणनीति अपनाई है।