22 जुलाई 2026
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जयपुर में भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय मार्च पर वॉटर कैनन, कांग्रेस ने किया जवाबी मार्च का ऐलान

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जयपुर में भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय मार्च पर वॉटर कैनन, कांग्रेस ने किया जवाबी मार्च का ऐलान

सारांश

जयपुर में भाजपा के PCC मुख्यालय मार्च पर पुलिस ने वॉटर कैनन चलाया — और कांग्रेस ने तत्काल जवाबी मार्च का ऐलान कर दिया। दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन की आग अब राजस्थान की सड़कों पर उतर आई है, जहाँ दोनों दल एक-दूसरे के मुख्यालय पर धावा बोलने की तैयारी में हैं।

मुख्य बातें

22 जुलाई 2026 को जयपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने PCC मुख्यालय की ओर मार्च किया।
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मार्च रोका और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
भाजपा का आरोप — राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध के दौरान संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन किया।
PCC अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के विरोध को 'ढोंग' बताया और भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर जवाबी मार्च की घोषणा की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डोटासरा के नेतृत्व में एक दिन पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक सामूहिक गिरफ्तारी की पेशकश की थी।

जयपुर में 22 जुलाई 2026 को राजनीतिक टकराव तब चरम पर पहुँच गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हजारों कार्यकर्ताओं ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) मुख्यालय की ओर मार्च किया और पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद कांग्रेस ने भी भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर जवाबी मार्च की घोषणा कर दी, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएँ और गहरी हो गईं।

मार्च का घटनाक्रम

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के नेतृत्व में यह मार्च सी-स्कीम से शुरू होकर कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ा। इसमें प्रदेश पदाधिकारी शंकर अगोरा और राखी राठौर सहित वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल थे। जैसे ही जुलूस पीसीसी मुख्यालय के निकट पहुँचा, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने के प्रयास के बाद जयपुर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उच्च दबाव वाली वॉटर कैनन का प्रयोग किया।

भाजपा का पक्ष

राठौर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस बार-बार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर कर रहे हैं और राजस्थान की जनता इस आचरण को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह ध्यान देने योग्य है कि भाजपा ने दिल्ली में हुए घटनाक्रम को आधार बनाकर राजस्थान भर में अपने कार्यकर्ताओं को लामबंद किया।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

राजस्थान PCC अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के विरोध को 'ढोंग' और 'बेबुनियाद' करार देते हुए कहा कि यह 'न्यूकैसल में कोयला ले जाने' जैसा व्यर्थ प्रयास है। डोटासरा ने यह भी कहा कि राज्यसभा का सत्र चल रहे होने के बावजूद भाजपा के प्रदेश नेतृत्व को जयपुर में विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया गया, जबकि वास्तविक मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके जवाब में उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के प्रदेश मुख्यालय तक मार्च करेंगे।

पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह घोषणा उस घटना के एक दिन बाद आई जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जयपुर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रतीकात्मक सामूहिक गिरफ्तारी की पेशकश की थी। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य स्तर पर भाजपा-कांग्रेस टकराव तेज़ हो रहा है, और राजस्थान इस राजनीतिक संघर्ष का एक प्रमुख अखाड़ा बनता जा रहा है।

आगे क्या

कांग्रेस के जवाबी मार्च की घोषणा के बाद जयपुर में पुलिस बल की तैनाती और बढ़ाई गई है। दोनों दलों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तीखा होने की आशंका है, क्योंकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सड़क पर उतरने की रणनीति अपनाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शासन के मुद्दों से ध्यान भटकाती है। गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा ने संसद सत्र के दौरान अपने प्रदेश नेतृत्व को जयपुर में उतारा — यानी असली संसदीय बहस की जगह सड़क का तमाशा चुना। कांग्रेस का जवाबी मार्च भी इसी लिपि का दूसरा अध्याय है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे को उकसाने में व्यस्त हैं और आम जनता के सरोकार हाशिये पर हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय पर मार्च क्यों किया?
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी विरोध प्रदर्शन के दौरान संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन किया। इसी के विरोध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के नेतृत्व में जयपुर में PCC मुख्यालय तक मार्च निकाला गया।
पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल क्यों किया?
जब भाजपा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़कर PCC मुख्यालय की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तब जयपुर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का उपयोग किया। पुलिस पहले से ही जयपुर भर में भारी संख्या में तैनात थी।
कांग्रेस ने जवाबी मार्च की घोषणा क्यों की?
PCC अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के विरोध को 'ढोंग' और 'बेबुनियाद' बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय तक मार्च करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि यह सत्ताधारी पार्टी की गलती का दुस्साहसपूर्ण जवाब है।
इस घटना की पृष्ठभूमि क्या है?
यह मार्च उस घटना के एक दिन बाद हुआ जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जयपुर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रतीकात्मक सामूहिक गिरफ्तारी की पेशकश की थी। केंद्र में भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ते तनाव का असर राजस्थान की राजनीति पर भी पड़ रहा है।
क्या जयपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है?
22 जुलाई को दोनों दलों के मार्च और जवाबी मार्च की घोषणा के बाद जयपुर में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। कांग्रेस के जवाबी मार्च की घोषणा के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अधिकारी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क हैं।
राष्ट्र प्रेस
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