लखनऊ में BJP का कांग्रेस मुख्यालय मार्च, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका; धक्का-मुक्की
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश भाजपा (BJP) ने बुधवार, 22 जुलाई को लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय की ओर पैदल मार्च निकाला — यह प्रदर्शन नई दिल्ली में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए धरने के प्रत्युत्तर में था। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कार्यालय तक पहुँचने से पहले ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नारेबाजी हुई।
मार्च का घटनाक्रम
BJP प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता वीवीआईपी गेस्ट हाउस के सामने एकत्र हुए और वहाँ से कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय की ओर पैदल मार्च शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी। इससे नाराज कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और कांग्रेस तथा विपक्षी नेताओं के खिलाफ नारे लगाने लगे।
कांग्रेस की तैयारी और प्रतिक्रिया
उधर, कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकजुट रहे। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने BJP-विरोधी नारे लगाए। कई महिला कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से लाठियाँ लेकर कार्यालय परिसर में मौजूद रहीं।
राय ने कहा, 'कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता शांतिप्रिय है, लेकिन यदि कोई पार्टी कार्यालय पर हमला करने या डराने का प्रयास करेगा तो उसका जवाब देने के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है।'
BJP का पक्ष
BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, परंतु यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर एक संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र की मर्यादा का उल्लंघन किया।
BJP की ओर से जारी बयान में कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि देशहित और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब नई दिल्ली में विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया था, जिसे BJP ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया। गौरतलब है कि इस तरह के 'काउंटर-प्रोटेस्ट' की रणनीति हाल के वर्षों में दोनों प्रमुख दलों के बीच आम होती जा रही है — जहाँ एक पक्ष का दिल्ली में प्रदर्शन राज्यों में प्रतिक्रिया-मार्च को जन्म देता है।
आगे की स्थिति
फिलहाल लखनऊ में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात रखे हैं। दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।