जयपुर में नीट पेपर लीक विरोध: कांग्रेस मार्च पर पुलिस ने दागी वॉटर कैनन, डोटासरा ने माँगा प्रधान का इस्तीफा

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जयपुर में नीट पेपर लीक विरोध: कांग्रेस मार्च पर पुलिस ने दागी वॉटर कैनन, डोटासरा ने माँगा प्रधान का इस्तीफा

सारांश

जयपुर में नीट पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का मार्च उस वक्त टकराव में बदल गया जब पुलिस ने वॉटर कैनन दागी। डोटासरा ने NTA भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की — 22 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल अब सड़क पर आ गया है।

मुख्य बातें

21 मई को जयपुर में नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस मार्च और पुलिस के बीच झड़प; वॉटर कैनन का इस्तेमाल।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मार्च की अगुवाई की; पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास पुलिस कमिश्नरेट के सामने धरने पर बैठे।
डोटासरा ने NTA को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की।
कांग्रेस का आरोप — पिछले तीन वर्षों से नीट पेपर लीक हो रहे हैं, 22 लाख छात्रों का भविष्य दाँव पर।
मार्च में कुछ युवा नीट परीक्षार्थियों की वेशभूषा में शामिल हुए; अदालत की निगरानी में जाँच की माँग।

जयपुर में गुरुवार, 21 मई को नीट पेपर लीक के विरोध में निकाले गए कांग्रेस मार्च के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई, जब प्रदर्शनकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस को भीड़ को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

मुख्य घटनाक्रम

विरोध प्रदर्शन की अगुवाई राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने की। मार्च पार्टी के प्रदेश मुख्यालय से शुरू होकर शहीद स्मारक होते हुए BJP कार्यालय की ओर बढ़ा। इसमें महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कुछ युवा प्रदर्शनकारी नीट परीक्षार्थियों की वेशभूषा में भी पहुँचे, जो इस आंदोलन के प्रतीकात्मक स्वर को दर्शाता है।

झड़प के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डोटासरा को अपने कंधों पर उठा लिया। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास विरोध जताते हुए पुलिस कमिश्नरेट के सामने सड़क पर बैठ गए। पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को पुलिसकर्मियों ने झड़प के दौरान पीछे धकेल दिया, जबकि विधायक मनीष यादव ने पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।

डोटासरा की माँगें

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए डोटासरा ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से नीट के पेपर लीक हो रहे हैं और NTA से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।

उन्होंने माँग की कि NTA को भंग किया जाए और '22 लाख छात्रों का भविष्य बर्बाद करने' के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने इस मामले में अदालत की निगरानी में जाँच कराने की माँग रखी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उनका इस्तीफा माँगा।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद पूरे देश में राजनीतिक तूफान बन चुका है। NTA पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं, और विपक्षी दलों ने इसे केंद्र सरकार की शिक्षा नीति की विफलता बताया है। गौरतलब है कि नीट परीक्षा से 22 लाख से अधिक छात्र हर वर्ष चिकित्सा प्रवेश के लिए जुड़े होते हैं, जिससे इस विवाद का असर अत्यंत व्यापक है।

आगे क्या

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन जारी रहेगा और पार्टी केंद्र सरकार पर दबाव बनाए रखेगी। सर्वोच्च न्यायालय में भी नीट पेपर लीक से जुड़ी याचिकाएँ विचाराधीन हैं। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस्तीफे की माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनके पीछे एक वास्तविक संस्थागत संकट है जिसे नकारना मुश्किल है। सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार केवल जाँच समिति बनाकर इसे टाल देगी, या NTA की संरचना में बुनियादी सुधार होगा — क्योंकि 22 लाख छात्रों का भरोसा एक बार टूटने के बाद आसानी से नहीं जुड़ता।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ?
नीट-यूजी 2024 पेपर लीक के आरोपों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 21 मई को जयपुर में मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने NTA को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की।
पुलिस ने वॉटर कैनन क्यों दागी?
जब कांग्रेस कार्यकर्ता BJP मुख्यालय की ओर मार्च करते हुए पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। विधायक मनीष यादव ने बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने नाकाम किया।
राजस्थान कांग्रेस की मुख्य माँगें क्या हैं?
कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तीन प्रमुख माँगें रखीं — NTA को भंग किया जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, और मामले में अदालत की निगरानी में जाँच हो।
नीट पेपर लीक से कितने छात्र प्रभावित हुए हैं?
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस विवाद से 22 लाख से अधिक नीट परीक्षार्थी प्रभावित हुए हैं। नीट-यूजी परीक्षा देशभर में चिकित्सा प्रवेश का एकमात्र माध्यम है, इसलिए इस लीक का असर अत्यंत व्यापक बताया जा रहा है।
NTA को भंग करने की माँग क्यों उठ रही है?
डोटासरा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से नीट के पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे NTA पर जनता का भरोसा पूरी तरह समाप्त हो गया है। विपक्ष का तर्क है कि बार-बार की अनियमितताओं के बाद यह संस्था सुधार के योग्य नहीं रही।
राष्ट्र प्रेस
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