जयपुर में नीट पेपर लीक विरोध: कांग्रेस मार्च पर पुलिस ने दागी वॉटर कैनन, डोटासरा ने माँगा प्रधान का इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर में गुरुवार, 21 मई को नीट पेपर लीक के विरोध में निकाले गए कांग्रेस मार्च के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई, जब प्रदर्शनकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस को भीड़ को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने की। मार्च पार्टी के प्रदेश मुख्यालय से शुरू होकर शहीद स्मारक होते हुए BJP कार्यालय की ओर बढ़ा। इसमें महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कुछ युवा प्रदर्शनकारी नीट परीक्षार्थियों की वेशभूषा में भी पहुँचे, जो इस आंदोलन के प्रतीकात्मक स्वर को दर्शाता है।
झड़प के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डोटासरा को अपने कंधों पर उठा लिया। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास विरोध जताते हुए पुलिस कमिश्नरेट के सामने सड़क पर बैठ गए। पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को पुलिसकर्मियों ने झड़प के दौरान पीछे धकेल दिया, जबकि विधायक मनीष यादव ने पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।
डोटासरा की माँगें
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए डोटासरा ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से नीट के पेपर लीक हो रहे हैं और NTA से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
उन्होंने माँग की कि NTA को भंग किया जाए और '22 लाख छात्रों का भविष्य बर्बाद करने' के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने इस मामले में अदालत की निगरानी में जाँच कराने की माँग रखी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उनका इस्तीफा माँगा।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद पूरे देश में राजनीतिक तूफान बन चुका है। NTA पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं, और विपक्षी दलों ने इसे केंद्र सरकार की शिक्षा नीति की विफलता बताया है। गौरतलब है कि नीट परीक्षा से 22 लाख से अधिक छात्र हर वर्ष चिकित्सा प्रवेश के लिए जुड़े होते हैं, जिससे इस विवाद का असर अत्यंत व्यापक है।
आगे क्या
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन जारी रहेगा और पार्टी केंद्र सरकार पर दबाव बनाए रखेगी। सर्वोच्च न्यायालय में भी नीट पेपर लीक से जुड़ी याचिकाएँ विचाराधीन हैं। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस्तीफे की माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।