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नीट विवाद: जेपी नड्डा से सीजेपी की बैठक 'अच्छी रही', तीन मांगों पर कोई आश्वासन नहीं

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नीट विवाद: जेपी नड्डा से सीजेपी की बैठक 'अच्छी रही', तीन मांगों पर कोई आश्वासन नहीं

सारांश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी से बैठक को 'अच्छा' तो बताया, लेकिन तीनों मांगों — सोनम वांगचुक की रिहाई, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और नीट पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा — पर कोई आश्वासन नहीं दिया। जंतर-मंतर पर महीने भर से जारी धरना अभी भी बरकरार है।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 21 जुलाई को कहा कि सीजेपी के साथ बैठक 'अच्छी रही।' सोमवार को दो बैठकें हुईं — सुबह 11:50 बजे मौखिक चर्चा और शाम 4 बजे लिखित ज्ञापन सौंपा गया।
सीजेपी की तीन मांगें: सोनम वांगचुक की रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार नड्डा ने तीनों मांगों में से किसी पर भी कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई।
जंतर-मंतर पर धरना जारी; पुलिस और आरएएफ के जवान बड़ी संख्या में तैनात।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार, 21 जुलाई को कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों के साथ उनकी बैठक 'अच्छी रही।' नई दिल्ली में एनडीए के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए नड्डा ने कहा, 'बातचीत अच्छी रही। बैठक हमेशा अच्छी ही होती है।' हालांकि, तीन प्रमुख मांगों पर किसी भी आश्वासन से उन्होंने साफ इनकार किया।

बैठक का घटनाक्रम

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सोमवार को सुबह लगभग 11:50 बजे सीजेपी के दो प्रतिनिधियों — सौरव दास और आशुतोष रांका — ने नड्डा के आवास पर पहुंचकर मौखिक रूप से अपनी मांगें रखीं। नड्डा ने उन्हें मांगें लिखित रूप में सौंपने को कहा। इसके बाद शाम करीब 4 बजे प्रतिनिधिमंडल वापस लौटा और एक लिखित ज्ञापन सुपुर्द किया।

सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान नड्डा ने तीनों मांगों में से किसी पर भी कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर पर जारी धरना समाप्त करने और संसद के समीपवर्ती हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

सीजेपी की तीन मुख्य मांगें

सीजेपी प्रतिनिधियों ने अपने ज्ञापन में तीन मुद्दे उठाए। पहला — सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को बिना किसी शर्त के रिहा किया जाए। दूसरा — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। तीसरा — नीट 2026 पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा प्रदान किया जाए।

नड्डा का एक्स पोस्ट

बैठक के बाद नड्डा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 से ही हमारी बातचीत जारी है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।'

जंतर-मंतर पर जारी विरोध

बातचीत के बावजूद मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे रहे। सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं। पुलिस द्वारा मंच और टेंट हटाए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उस स्थान पर दोबारा कब्ज़ा कर लिया। सीजेपी के विरोध जारी रखने के आह्वान के बाद मंगलवार सुबह से ही प्रदर्शनकारी वहाँ जुटने लगे। मौके पर पुलिस और आरएएफ के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं।

यह विरोध-प्रदर्शन एक महीने से अधिक समय से चल रहा है। नीट पेपर लीक विवाद ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश पैदा किया है, और सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कोई ठोस रियायत देना। लेकिन जब तीनों मांगों पर कोई आश्वासन न हो, तो 'सौहार्दपूर्ण' बातचीत महज एक समय-खरीदने की रणनीति बन जाती है। नीट पेपर लीक विवाद ने पहले ही शिक्षा व्यवस्था की साख को गहरी चोट पहुंचाई है, और महीने भर से जारी धरने को सिर्फ बातचीत से नहीं, बल्कि जवाबदेही से ही शांत किया जा सकता है। सोनम वांगचुक जैसे प्रतीकात्मक मुद्दे को अनसुलझा छोड़ना सरकार के लिए राजनीतिक जोखिम बढ़ाता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा और सीजेपी के बीच बैठक में क्या हुआ?
सोमवार को सीजेपी के दो प्रतिनिधियों — सौरव दास और आशुतोष रांका — ने नड्डा से दो बार मुलाकात की। सुबह मौखिक चर्चा हुई और शाम 4 बजे लिखित ज्ञापन सौंपा गया। सरकारी सूत्रों के अनुसार नड्डा ने तीनों मांगों पर कोई आश्वासन नहीं दिया।
सीजेपी की तीन मुख्य मांगें क्या हैं?
सीजेपी ने तीन मांगें रखी हैं — सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को बिना शर्त रिहा किया जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, और नीट 2026 पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा मिले।
जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन अभी भी क्यों जारी है?
बातचीत के बावजूद सरकार ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया, जिससे सीजेपी ने धरना जारी रखने का आह्वान किया। सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं, जिसके बाद मंगलवार सुबह फिर से प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुट गए।
नड्डा ने एक्स पर क्या लिखा?
नड्डा ने एक्स पर लिखा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और पहले मौखिक, फिर लिखित चर्चा हुई। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
नीट 2026 पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश पैदा किया है। कथित तौर पर कुछ उम्मीदवारों ने इस विवाद के बाद आत्महत्या की, जिसके बाद सीजेपी और अन्य संगठन पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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