21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीजेपी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच दो दौर की बातचीत, मांगों पर सरकार ने नहीं दिया कोई आश्वासन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीजेपी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच दो दौर की बातचीत, मांगों पर सरकार ने नहीं दिया कोई आश्वासन

सारांश

सीजेपी प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच 20 जुलाई को दो दौर की बातचीत हुई — सुबह और शाम — लेकिन सरकार ने तीनों माँगों में से किसी पर भी आश्वासन नहीं दिया। नड्डा ने धरना समाप्त करने की अपील की, जबकि गृह मंत्री अमित शाह पूरे दिन स्थिति पर नज़र बनाए रहे।

मुख्य बातें

सीजेपी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के बीच 20 जुलाई को दो दौर की बातचीत हुई — पहली सुबह 11:50 बजे , दूसरी शाम 4 बजे ।
सरकार ने सीजेपी की तीनों माँगों में से किसी पर भी कोई आश्वासन नहीं दिया।
नड्डा ने प्रतिनिधियों से धरना समाप्त करने और प्रशासन को सहयोग देने की अपील की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूरे दिन स्थिति की निगरानी करते रहे; बलों को न्यूनतम बल के निर्देश दिए गए।
सरकार के अनुसार इस वर्ष नीट, जेईई, सीयूईटी में 50 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए।
प्रश्नपत्र लीक के बाद सरकार ने एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा कराई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों के बीच 20 जुलाई को नई दिल्ली में दो दौर की बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार, हालाँकि इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर केवल एक बार साझा की गई, वास्तव में दोनों पक्षों के बीच दो अलग-अलग बैठकें हुईं। सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की किसी भी माँग पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया।

बातचीत का क्रम

सूत्रों के मुताबिक, पहली बैठक सुबह करीब 11:50 बजे हुई, जिसमें सीजेपी प्रतिनिधियों ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं से जुड़े अपने मुद्दे उठाए। नड्डा ने प्रतिनिधियों से उनकी माँगें जाननी चाहीं और उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपने को कहा। इसके बाद सीजेपी प्रतिनिधियों ने शाम करीब 4 बजे केंद्रीय मंत्री को अपनी माँगों का लिखित ज्ञापन सौंपा।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीजेपी की तीनों माँगों — या उनमें से किसी एक — पर सरकार की ओर से कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई। नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल से अनुरोध किया कि वे धरना समाप्त करें और प्रशासन को सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग दें।

सरकार की निगरानी और सुरक्षा निर्देश

सूत्रों का कहना है कि पूरे दिन केंद्र सरकार की नज़र प्रदर्शन पर बनी रही। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे और वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहे। पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को निर्देश दिए गए थे कि बल प्रयोग से बचा जाए और यदि नियंत्रण के लिए आवश्यक हो तो केवल न्यूनतम बल का ही उपयोग किया जाए।

परीक्षाओं पर सरकार का पक्ष

सरकार ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष आयोजित नीट, जेईई और सीयूईटी जैसी तीन प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में 50 लाख से अधिक छात्र शामिल हो चुके हैं। इनमें करीब 10 लाख छात्र साझा परीक्षाओं में शामिल हुए, जबकि 40 लाख से अधिक छात्र देशभर की विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में बैठे।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई परीक्षाओं में काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। सरकार का आकलन है कि इस समय अधिकांश छात्रों का ध्यान प्रवेश और काउंसलिंग पर है, इसलिए इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल होने की संभावना कम है।

नीट परिणाम और प्रश्नपत्र लीक विवाद

सरकारी सूत्रों ने दावा किया कि नीट के परिणामों के विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश टॉपर पहली बार परीक्षा देने वाले छात्र हैं और इनमें बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमज़ोर तथा निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों से आती है। सूत्रों के मुताबिक, प्रश्नपत्र लीक की घटना सामने आने के बाद सरकार ने एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा कराई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर बहस तेज़ है। आने वाले दिनों में सरकार और सीजेपी के बीच वार्ता का अगला दौर होगा या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि उनकी माँगों को गंभीरता से सुनने की। नड्डा का 'धरना समाप्त करो' का अनुरोध बिना किसी रियायत के आया — यह वार्ता कम, प्रबंधन अधिक लगती है। गौरतलब है कि नीट प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है, और सरकार का 'टॉपर आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग से' वाला तर्क माँगों का सीधा जवाब नहीं देता। जब तक सरकार माँगों पर लिखित प्रतिक्रिया नहीं देती, यह गतिरोध लंबा खिंच सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी और जेपी नड्डा के बीच बातचीत का नतीजा क्या रहा?
सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को हुई दो दौर की बातचीत में सरकार ने सीजेपी की तीनों माँगों में से किसी पर भी आश्वासन नहीं दिया। नड्डा ने प्रतिनिधियों से धरना समाप्त करने की अपील ज़रूर की।
सीजेपी की मुख्य माँगें क्या हैं?
सूत्रों के अनुसार, सीजेपी ने शिक्षा व्यवस्था और प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे उठाए और अपनी तीन प्रमुख माँगों का लिखित ज्ञापन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को सौंपा। माँगों का पूरा विवरण सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया है।
नीट प्रश्नपत्र लीक पर सरकार का क्या कहना है?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रश्नपत्र लीक सामने आने के बाद सरकार ने एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा कराई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। सरकार ने यह भी कहा कि नीट टॉपरों में अधिकांश पहली बार परीक्षा देने वाले और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के छात्र हैं।
क्या प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग हुआ?
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बल प्रयोग से बचा जाए। यदि स्थिति नियंत्रण के लिए आवश्यक हो तो केवल न्यूनतम बल का उपयोग किया जाए।
इस वर्ष प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में कितने छात्र शामिल हुए?
सरकार के अनुसार, नीट, जेईई और सीयूईटी सहित इस वर्ष की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में 50 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इनमें करीब 10 लाख साझा परीक्षाओं में और 40 लाख से अधिक अन्य प्रवेश परीक्षाओं में बैठे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 मिनट पहले
  2. 14 घंटे पहले
  3. 15 घंटे पहले
  4. 18 घंटे पहले
  5. 18 घंटे पहले
  6. 19 घंटे पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 9 महीने पहले