सीजेपी आंदोलन: जेपी नड्डा का आश्वासन — आयोजकों-प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 25 जुलाई 2026 को घोषणा की कि केंद्र सरकार छात्र जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन से जुड़े आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी और न ही कोई नया मामला दर्ज किया जाएगा। यह घोषणा नई दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में दोपहर 3:30 बजे IST आयोजित तीसरे दौर की वार्ता के बाद की गई।
तीसरे दौर की वार्ता: मुख्य घटनाक्रम
शनिवार को केंद्र सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतिनिधिमंडल की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने सरकार को सीजेपी की माँगों की अद्यतन सूची सौंपी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह सरकार की ओर से उपस्थित रहे।
सरकार के प्रमुख आश्वासन
सरकार ने आंदोलनकारियों को कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए। पहला, आंदोलन के आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। दूसरा, आंदोलन के संदर्भ में कोई नया मामला दर्ज नहीं होगा। तीसरा, जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम संभव मुआवजा दिया जाएगा।
सरकार ने उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस आंदोलन के दौरान अपने प्रियजनों को खोया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों में आक्रोश चरम पर था।
पंचसूत्री प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया
सीजेपी ने अपना पंचसूत्री प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के उपाय शामिल थे। सरकार ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें तत्काल प्रभाव से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। गौरतलब है कि यह आंदोलन मुख्यतः नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में शुरू हुआ था।
छात्रों से शांतिपूर्ण समापन की अपील
सरकार ने देशभर के छात्रों और युवाओं से अनुरोध किया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन समाप्त करें और चल रही संवाद प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखें। जेपी नड्डा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस वार्ता की जानकारी साझा की और कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं के प्रति गंभीर है।
आगे क्या होगा
सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच संवाद की प्रक्रिया जारी रहेगी। परीक्षा एवं शिक्षा सुधारों पर चर्चा अगले चरण में होगी। पंचसूत्री प्रस्ताव के क्रियान्वयन की समयसीमा और तौर-तरीकों पर आने वाली बैठकों में विस्तार से विचार किए जाने की संभावना है।