25 जुलाई 2026
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सीजेपी आंदोलन: जेपी नड्डा का आश्वासन — आयोजकों-प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी

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सीजेपी आंदोलन: जेपी नड्डा का आश्वासन — आयोजकों-प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी

सारांश

केंद्र सरकार और सीजेपी के बीच तीसरे दौर की वार्ता के बाद जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि आंदोलनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। पंचसूत्री प्रस्ताव को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे का आश्वासन दिया गया।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया कि सीजेपी आंदोलन के आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
25 जुलाई 2026 को कांस्टिट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में तीसरे दौर की वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम मुआवजा देने का आश्वासन।
सीजेपी के पंचसूत्री प्रस्ताव — परीक्षा सुधार व पेपर लीक रोकथाम — पर सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
सौरभ दास और आशुतोष रांका ने सीजेपी की अद्यतन माँगें सरकार को सौंपीं; सरकार ने स्वीकार किया।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्काल प्रभाव से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 25 जुलाई 2026 को घोषणा की कि केंद्र सरकार छात्र जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन से जुड़े आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी और न ही कोई नया मामला दर्ज किया जाएगा। यह घोषणा नई दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में दोपहर 3:30 बजे IST आयोजित तीसरे दौर की वार्ता के बाद की गई।

तीसरे दौर की वार्ता: मुख्य घटनाक्रम

शनिवार को केंद्र सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतिनिधिमंडल की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने सरकार को सीजेपी की माँगों की अद्यतन सूची सौंपी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह सरकार की ओर से उपस्थित रहे।

सरकार के प्रमुख आश्वासन

सरकार ने आंदोलनकारियों को कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए। पहला, आंदोलन के आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। दूसरा, आंदोलन के संदर्भ में कोई नया मामला दर्ज नहीं होगा। तीसरा, जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम संभव मुआवजा दिया जाएगा।

सरकार ने उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस आंदोलन के दौरान अपने प्रियजनों को खोया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों में आक्रोश चरम पर था।

पंचसूत्री प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया

सीजेपी ने अपना पंचसूत्री प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के उपाय शामिल थे। सरकार ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें तत्काल प्रभाव से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। गौरतलब है कि यह आंदोलन मुख्यतः नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में शुरू हुआ था।

छात्रों से शांतिपूर्ण समापन की अपील

सरकार ने देशभर के छात्रों और युवाओं से अनुरोध किया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन समाप्त करें और चल रही संवाद प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखें। जेपी नड्डा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस वार्ता की जानकारी साझा की और कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं के प्रति गंभीर है।

आगे क्या होगा

सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच संवाद की प्रक्रिया जारी रहेगी। परीक्षा एवं शिक्षा सुधारों पर चर्चा अगले चरण में होगी। पंचसूत्री प्रस्ताव के क्रियान्वयन की समयसीमा और तौर-तरीकों पर आने वाली बैठकों में विस्तार से विचार किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है — लेकिन असली परीक्षा पंचसूत्री प्रस्ताव के क्रियान्वयन में होगी। पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियाँ वर्षों से चली आ रही हैं, और 'सकारात्मक प्रतिक्रिया' तथा 'ठोस सुधार' के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है। जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे का वादा मानवीय दृष्टि से जरूरी कदम है, परंतु जवाबदेही तय किए बिना यह महज़ राहत बनकर रह सकता है। आलोचकों का कहना है कि बिना स्वतंत्र जाँच और समयबद्ध सुधार-ढाँचे के, यह समझौता अगले संकट की नींव रख सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी आंदोलन क्या है और इसकी मुख्य माँगें क्या थीं?
सीजेपी (छात्र जनता पार्टी) का आंदोलन मुख्यतः नीट परीक्षा विवाद और पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ शुरू हुआ था। प्रतिनिधिमंडल ने पंचसूत्री प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के उपाय शामिल थे।
जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों को क्या आश्वासन दिया?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 25 जुलाई 2026 को घोषणा की कि आंदोलन के आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही कोई नया मामला दर्ज होगा। इसके अलावा, जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को नियमानुसार अधिकतम मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया गया।
तीसरे दौर की वार्ता में क्या हुआ?
25 जुलाई को कांस्टिट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में दोपहर 3:30 बजे हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीजेपी प्रतिनिधिमंडल — सौरभ दास और आशुतोष रांका — के साथ चर्चा की। सीजेपी की माँगों की अद्यतन सूची सरकार ने स्वीकार की और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन समाप्ति की घोषणा की गई।
आंदोलन अब किस स्थिति में है?
तीसरे दौर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्काल प्रभाव से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। सरकार ने छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन वापस लेने और संवाद प्रक्रिया को जारी रखने देने की अपील की है।
पंचसूत्री प्रस्ताव पर सरकार का रुख क्या है?
सरकार ने परीक्षा एवं शिक्षा सुधारों से संबंधित पंचसूत्री प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे भी बातचीत जारी रखेगी, हालाँकि क्रियान्वयन की विस्तृत समयसीमा अभी घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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