आंध्र प्रदेश में कोरोना के 10 नए मामले, सक्रिय केस बढ़कर 49; गुंटूर सबसे अधिक प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश में 25 जुलाई 2026 को कोविड-19 के 10 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 49 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिवार शाम जारी बुलेटिन के अनुसार यह जानकारी सामने आई है, और विभाग ने सभी जिलों में निगरानी व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सख्त करने के निर्देश दिए हैं।
जिलेवार मामलों का विवरण
स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को दर्ज नए मामलों में सर्वाधिक 3 मरीज गुंटूर जिले से मिले। एनटीआर जिले में 2 नए संक्रमित पाए गए, जबकि अल्लूरी सीताराम राजू, एलुरु, कृष्णा, तिरुपति और विशाखापत्तनम जिलों में एक-एक नया मामला दर्ज किया गया। अब तक राज्य में कुल 302 लोगों की कोविड-19 जाँच की जा चुकी है।
राज्य में अब तक के संचित मामलों पर नज़र डालें तो पूर्वी गोदावरी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ 11 मामले सामने आए हैं। इसके बाद गुंटूर में 9, वाईएसआर कडप्पा में 8, विशाखापत्तनम में 5 और एनटीआर जिले में 3 मामले दर्ज हुए हैं। काकीनाडा, एलुरु और बापटला जिलों में दो-दो मामले मिले हैं।
अस्पताल में भर्ती और रिकवरी की स्थिति
विभाग के आँकड़ों के अनुसार वर्तमान में 24 कोविड-19 मरीज विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जबकि 16 मरीज चिकित्सकीय निगरानी में होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। अब तक 5 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं — इनमें वाईएसआर कडप्पा के 3 और गुंटूर व एलुरु के एक-एक मरीज शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोविड-19 के मामलों में छिटपुट वृद्धि देखी जा रही है। राज्य में कोविड-19 से अब तक 4 मौतें दर्ज की गई हैं — 3 वाईएसआर कडप्पा जिले में और 1 काकीनाडा जिले में।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियाँ
बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में सर्विलांस व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। जिला रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को संक्रमित मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नज़र रखने और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने बताया कि संदिग्ध मरीजों की जाँच के लिए निर्धारित प्रयोगशालाओं में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट उपलब्ध करा दी गई हैं। सभी सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर के अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए विशेष बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। दवाइयाँ, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE), टेस्टिंग किट और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त भंडार भी सुनिश्चित किया गया है।
आगे क्या होगा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सक्रिय मामलों की संख्या में वृद्धि पर कड़ी नज़र रखना ज़रूरी है, विशेषकर पूर्वी गोदावरी और गुंटूर जैसे अधिक प्रभावित जिलों में। रैपिड रिस्पॉन्स टीमों की सक्रियता और समय पर जाँच से संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।