जंतर-मंतर मारपीट: पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर सीजेपी का प्रदर्शन, पप्पू यादव ने सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 4 सितंबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में किया गया। प्रदर्शन में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए और उन्होंने सरकार पर तीखे आरोप लगाए।
पप्पू यादव का सरकार पर हमला
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने प्रदर्शन स्थल पर पहुँचकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'सरकार को दलितों, कमजोर वर्ग, गरीबों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों से इतनी नफरत क्यों है? क्या वे संविधान और लोकतंत्र से ऊपर हैं?' यादव ने आगे कहा कि आरोपी के करीबी यह कहते घूम रहे हैं कि उन्होंने किसी को पीटा है, 62 टांके आए हैं, और वे फिर मारेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की दबंगई जारी रही तो कोई भी बच्ची घर से बाहर नहीं निकल पाएगी।
कानूनी कार्रवाई की स्थिति
इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने मामले में कानूनी प्रगति की जानकारी दी। उनके अनुसार, एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा, आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़ने के लिए मेडिकल ओपिनियन ली जा रही है। राजपत्रित अवकाश होने के कारण डॉक्टर उस दिन उपलब्ध नहीं थे, लेकिन दिन के भीतर इसे अंतिम रूप देने की बात कही गई।
रेप की धमकी पर अलग शिकायत
लाकड़ा ने बताया कि निशु आजाद ने सोशल मीडिया के जरिए मिली रेप की धमकी को लेकर अलग से शिकायत दर्ज कराई है और दिल्ली पुलिस ने इसका संज्ञान लिया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के लीगल सेल के वकील ऋषभ ने उस पॉडकास्ट वीडियो के हिंदी और अंग्रेजी ट्रांसक्रिप्ट पुलिस को सौंपे हैं, जिससे यह पूरा विवाद शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँग है कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए।
सीजेपी का पुलिस पर सवाल
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, तब भी वहाँ हिंसा हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस ने स्वयं 2,800 से अधिक कथित अपराधियों की पहचान करने का दावा किया था, फिर उन्हें खुलेआम घूमने की छूट क्यों दी जा रही है। दास ने कहा कि घटना के बाद से अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और सीजेपी पहले दिन से छात्रों के साथ खड़ी है।
आगे क्या होगा
मौके पर डीसीपी नई दिल्ली जोन-2 मौजूद थे और निशु के पिता संजय आजाद थाने के अंदर थे। प्रदर्शनकारियों ने माँग की है कि रेप की धमकी देने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो और उकसावे में शामिल लोगों के खिलाफ पहले कार्रवाई की जाए। मामले में मेडिकल ओपिनियन आने के बाद धारा 307 जोड़े जाने की संभावना है, जो इस केस की गंभीरता को और बढ़ा देगी।