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जंतर-मंतर मारपीट: पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर सीजेपी का प्रदर्शन, पप्पू यादव ने सरकार को घेरा

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जंतर-मंतर मारपीट: पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर सीजेपी का प्रदर्शन, पप्पू यादव ने सरकार को घेरा

सारांश

जंतर-मंतर पर संजय आजाद के साथ हुई कथित मारपीट के बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर सीजेपी का प्रदर्शन तेज हो गया। पप्पू यादव ने सरकार को घेरा, तो अक्षय लाकड़ा ने बताया कि एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जुड़ा और धारा 307 जोड़ने के लिए मेडिकल ओपिनियन ली जा रही है।

मुख्य बातें

पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर सीजेपी के नेताओं और समर्थकों ने 4 सितंबर को प्रदर्शन किया।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार पर दलित व महिला विरोधी रवैये का आरोप लगाया।
एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ा गया; धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़ने के लिए मेडिकल ओपिनियन ली जा रही है।
निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर मिली रेप की धमकी के खिलाफ अलग शिकायत दर्ज कराई, दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया।
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पुलिस ने 2,800 से अधिक कथित अपराधियों की पहचान की थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों की माँग — आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, धारा 307 जोड़ना और रेप धमकी पर तुरंत एफआईआर।

नई दिल्ली में 4 सितंबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में किया गया। प्रदर्शन में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए और उन्होंने सरकार पर तीखे आरोप लगाए।

पप्पू यादव का सरकार पर हमला

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने प्रदर्शन स्थल पर पहुँचकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'सरकार को दलितों, कमजोर वर्ग, गरीबों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों से इतनी नफरत क्यों है? क्या वे संविधान और लोकतंत्र से ऊपर हैं?' यादव ने आगे कहा कि आरोपी के करीबी यह कहते घूम रहे हैं कि उन्होंने किसी को पीटा है, 62 टांके आए हैं, और वे फिर मारेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की दबंगई जारी रही तो कोई भी बच्ची घर से बाहर नहीं निकल पाएगी।

कानूनी कार्रवाई की स्थिति

इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने मामले में कानूनी प्रगति की जानकारी दी। उनके अनुसार, एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा, आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़ने के लिए मेडिकल ओपिनियन ली जा रही है। राजपत्रित अवकाश होने के कारण डॉक्टर उस दिन उपलब्ध नहीं थे, लेकिन दिन के भीतर इसे अंतिम रूप देने की बात कही गई।

रेप की धमकी पर अलग शिकायत

लाकड़ा ने बताया कि निशु आजाद ने सोशल मीडिया के जरिए मिली रेप की धमकी को लेकर अलग से शिकायत दर्ज कराई है और दिल्ली पुलिस ने इसका संज्ञान लिया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के लीगल सेल के वकील ऋषभ ने उस पॉडकास्ट वीडियो के हिंदी और अंग्रेजी ट्रांसक्रिप्ट पुलिस को सौंपे हैं, जिससे यह पूरा विवाद शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँग है कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए।

सीजेपी का पुलिस पर सवाल

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, तब भी वहाँ हिंसा हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस ने स्वयं 2,800 से अधिक कथित अपराधियों की पहचान करने का दावा किया था, फिर उन्हें खुलेआम घूमने की छूट क्यों दी जा रही है। दास ने कहा कि घटना के बाद से अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और सीजेपी पहले दिन से छात्रों के साथ खड़ी है।

आगे क्या होगा

मौके पर डीसीपी नई दिल्ली जोन-2 मौजूद थे और निशु के पिता संजय आजाद थाने के अंदर थे। प्रदर्शनकारियों ने माँग की है कि रेप की धमकी देने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो और उकसावे में शामिल लोगों के खिलाफ पहले कार्रवाई की जाए। मामले में मेडिकल ओपिनियन आने के बाद धारा 307 जोड़े जाने की संभावना है, जो इस केस की गंभीरता को और बढ़ा देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

800 से अधिक कथित अपराधियों की पहचान हुई, लेकिन गिरफ्तारी नहीं — यह विरोधाभास जवाब माँगता है। रेप की धमकी पर अलग शिकायत और एससी/एसटी एक्ट का जुड़ना दर्शाता है कि मामला अब केवल मारपीट नहीं, बल्कि सांस्थानिक जवाबदेही का परीक्षण बन चुका है। मुख्यधारा की कवरेज नेताओं के बयानों पर केंद्रित है, लेकिन असली कसौटी यह है कि मेडिकल ओपिनियन आने के बाद पुलिस धारा 307 जोड़ती है या नहीं।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर मारपीट मामला क्या है?
जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, जिसमें 62 टांके लगाने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद दिल्ली में सीजेपी और अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए।
इस मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ा जा चुका है और आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़ने के लिए मेडिकल ओपिनियन ली जा रही है। निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर मिली रेप की धमकी के खिलाफ अलग शिकायत भी दर्ज कराई है।
सीजेपी की मुख्य माँगें क्या हैं?
सीजेपी और प्रदर्शनकारी आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने और रेप की धमकी देने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने की माँग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने उकसावे में शामिल लोगों पर पहले कार्रवाई की माँग की है।
पप्पू यादव इस प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए?
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने इस मामले को दलितों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के खिलाफ अत्याचार का प्रतीक बताते हुए प्रदर्शन में शिरकत की। उन्होंने सरकार पर संविधान को दरकिनार करने का आरोप लगाया।
दिल्ली पुलिस की इस मामले में क्या स्थिति है?
दिल्ली पुलिस ने रेप की धमकी वाली शिकायत का संज्ञान लिया है और मौके पर डीसीपी नई दिल्ली जोन-2 मौजूद थे। हालाँकि, सीजेपी का आरोप है कि घटना के बाद से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और आरोपी अभी दिल्ली से बाहर है।
राष्ट्र प्रेस
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