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सीजेपी मार्च पर संजय निषाद का तीखा हमला: 'बिना दिशा की मिसाइल, शादी में बिन बुलाए मेहमान'

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सीजेपी मार्च पर संजय निषाद का तीखा हमला: 'बिना दिशा की मिसाइल, शादी में बिन बुलाए मेहमान'

सारांश

यूपी मंत्री संजय निषाद ने सीजेपी के संसद मार्च को 'बिना दिशा की मिसाइल' और प्रतिभागियों को 'शादी में बिन बुलाए मेहमान' करार दिया। सोनम वांगचुक, वंदे मातरम विधेयक और राम मंदिर एसआईटी रिपोर्ट पर भी उन्होंने बेबाक राय रखी।

मुख्य बातें

संजय निषाद ने सीजेपी के जंतर-मंतर से संसद मार्च को 'बिना दिशा वाली मिसाइल' और 'शादी में बिन बुलाए मेहमान' बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता युवाओं को भ्रमित और गुमराह कर रहे हैं।
सोनम वांगचुक को बुद्धिजीवी मानते हुए कहा कि विपक्ष के साथ जुड़कर वे अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह के वंदे मातरम विधेयक का स्वागत किया, इसे राष्ट्रवाद से जुड़ा विषय बताया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय के पास; रिपोर्ट सार्वजनिक करने का निर्णय न्यायालय करेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने 20 जुलाई 2026 को लखनऊ में जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता युवाओं को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं और यह पूरा आंदोलन 'बिना दिशा की मिसाइल' जैसा है।

मार्च पर निषाद का कटाक्ष

मंत्री निषाद ने सीजेपी मार्च में शामिल प्रतिभागियों पर तंज कसते हुए कहा, 'वे सभी बिना दिशा वाली मिसाइल की तरह हैं, जैसे शादी में बिन बुलाए मेहमान।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता युवाओं को केवल भ्रमित और गुमराह कर रहे हैं और उन्हें सत्ता में आने के लिए पहले राजनीतिक प्रशिक्षण लेना चाहिए।

सोनम वांगचुक पर बयान

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तीन शर्तों के संदर्भ में निषाद ने कहा कि वांगचुक एक बुद्धिजीवी हैं, परंतु ऐसे लोगों के साथ जुड़कर वे अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी जान बचाने की कोशिश कर रही है। निषाद ने यह भी कहा कि विपक्ष पहले ही गांधी और अंबेडकर के आदर्शों के साथ धोखा कर चुका है और कोई भी विरोध लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए।

राजनीति के उद्देश्य पर विचार

मंत्री ने कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनता के हितों की रक्षा करना और उनके लिए बेहतर कानून बनाना है। उनके अनुसार, 'राजनीति एक अभिभावक की तरह होती है — जनता के पैसे और हितों की रक्षा ही इसका असली लक्ष्य है। जब स्वस्थ विचार और स्वस्थ सरकार होगी, तभी जनता के हित में अच्छे कानून बन सकेंगे।'

ऊर्जा क्षेत्र और युवा उद्यमिता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवाओं और स्टार्टअप से जुड़े बयान का समर्थन करते हुए निषाद ने कहा कि देश ऊर्जा के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने हाइड्रोजन ऊर्जा जैसी उभरती तकनीकों को देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा, 'जिस देश के पास ऊर्जा होगी, वही देश आगे बढ़ेगा। भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है।'

वंदे मातरम विधेयक और राम मंदिर मामला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वंदे मातरम से जुड़े विधेयक पेश किए जाने का निषाद ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रवाद से जुड़ा विषय है और देश की आज़ादी में योगदान देने वाले सभी वर्गों का सम्मान होना चाहिए। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सर्वोच्च न्यायालय को एसआईटी रिपोर्ट सौंपे जाने पर उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि रिपोर्ट को सार्वजनिक करने या न करने का निर्णय न्यायालय करेगा और सभी को उसके आदेश का सम्मान करना चाहिए। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल बना रहता है कि क्या ऐसे कटाक्ष उन युवाओं की असल चिंताओं का जवाब देते हैं जो सड़कों पर उतरे हैं। सोनम वांगचुक जैसे गैर-राजनीतिक चेहरों पर की गई टिप्पणी सरकार की असहजता को दर्शाती है, क्योंकि उनकी विश्वसनीयता पारंपरिक विपक्षी नेताओं से अलग है। राम मंदिर एसआईटी रिपोर्ट पर न्यायालय को निर्णायक मानना संवैधानिक दृष्टि से सही है, लेकिन यह पारदर्शिता की माँग को टालने का भी एक तरीका हो सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने सीजेपी मार्च को 'बिना दिशा की मिसाइल' क्यों कहा?
यूपी मंत्री संजय निषाद ने जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए सीजेपी मार्च को उद्देश्यहीन बताते हुए इसे 'बिना दिशा वाली मिसाइल' की संज्ञा दी। उनका कहना था कि विपक्षी नेता युवाओं को केवल भ्रमित कर रहे हैं और उन्हें राजनीतिक प्रशिक्षण लेना चाहिए।
सोनम वांगचुक की तीन शर्तों पर संजय निषाद का क्या रुख है?
संजय निषाद ने सोनम वांगचुक को बुद्धिजीवी माना, लेकिन कहा कि विपक्ष के साथ जुड़कर वे अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है।
वंदे मातरम विधेयक पर संजय निषाद का क्या कहना है?
संजय निषाद ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए वंदे मातरम से जुड़े विधेयक का स्वागत किया। उन्होंने इसे राष्ट्रवाद से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि देश की आज़ादी में योगदान देने वाले सभी वर्गों का सम्मान होना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी रिपोर्ट पर क्या स्थिति है?
एसआईटी की रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी जा चुकी है। संजय निषाद ने कहा कि इसे सार्वजनिक करने या न करने का निर्णय न्यायालय करेगा और सभी को उसके आदेश का सम्मान करना चाहिए।
संजय निषाद ने ऊर्जा क्षेत्र पर क्या कहा?
मंत्री निषाद ने कहा कि भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और हाइड्रोजन ऊर्जा जैसी तकनीकें देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के युवाओं और स्टार्टअप से जुड़े विज़न का समर्थन किया।
राष्ट्र प्रेस
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