भाजपा हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है, 'वंदे मातरम्' विधेयक फिजूल : कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 17 जुलाई को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला — 'वंदे मातरम्' विधेयक, 'वन नेशन, वन इलेक्शन', जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के हालिया बयान। राजपूत ने आरोप लगाया कि BJP के पास विकास के मुद्दे समाप्त हो गए हैं, इसलिए वह सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति का सहारा ले रही है।
वंदे मातरम् विधेयक पर कांग्रेस का रुख
राजपूत ने 'वंदे मातरम्' के गायन में बाधा डालने या उसका अपमान करने पर सजा का प्रावधान करने वाले प्रस्तावित विधेयक को 'फिजूल' करार दिया। उन्होंने कहा, "इस देश में ऐसा कौन भारतीय होगा जो 'वंदे मातरम्' का अपमान करे या उसके गायन में बाधा डाले? कोई भी भारतीय ऐसा नहीं करेगा। अगर कोई विदेशी ऐसा करता है तो उससे निपटने के लिए पहले से ही पर्याप्त कानून मौजूद हैं।" उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि BJP के पास करने के लिए कुछ नहीं बचा, इसलिए वह हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने के लिए ऐसे विधेयक ला रही है।
संजय निषाद के बयान पर प्रतिक्रिया
योगी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद हाल ही में समाजवादी पार्टी के महासचिव शिवपाल सिंह यादव के घर चाय पीने पहुँचे थे, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि अगर BJP दरवाजा बंद करेगी तो कहीं न कहीं ठिकाना बनाना ही पड़ेगा। इस पर राजपूत ने कहा, "निषाद पार्टी के लोग भी नया ठिकाना तलाश रहे हैं, क्योंकि संजय निषाद ने सत्ता के लिए अपने समुदाय के साथ धोखा किया है।" उन्होंने यह भी कहा कि निषाद ने वादा किया था कि निषाद समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल कराएंगे, लेकिन BJP ऐसा नहीं कर सकी।
वन नेशन, वन इलेक्शन पर विरोध
कांग्रेस प्रवक्ता ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव का भी स्पष्ट विरोध किया। राजपूत के अनुसार, यह प्रस्ताव संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और इसे लागू करने के लिए लगभग सात संवैधानिक संशोधन करने होंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल देश इसके लिए तैयार नहीं है और कांग्रेस इसका पूरी तरह विरोध करेगी।
जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई
जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को गिराने के आदेश पर भी राजपूत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जिस तरह विदेशी आक्रांताओं ने नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट किया था, उसी तरह आज देशी आक्रांताओं जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़ने का काम कर रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के नेताओं को विश्वविद्यालय पसंद नहीं हैं और उनका नाम भी आक्रांताओं की सूची में दर्ज होगा।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
राजपूत के इन बयानों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष BJP को कई मुद्दों पर एक साथ घेरने की रणनीति अपना रहा है। निषाद पार्टी की सियासी सरगर्मी और जौहर यूनिवर्सिटी मामला आने वाले हफ्तों में राजनीतिक विमर्श को और तीखा कर सकता है।