क्या संजय सिंह ने राम भक्तों की आस्था का अपमान किया? : तरुण चुघ

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क्या संजय सिंह ने राम भक्तों की आस्था का अपमान किया? : तरुण चुघ

सारांश

भाजपा के तरुण चुघ ने संजय सिंह के विवादास्पद बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने राम भक्तों की आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया। क्या यह बयान हिंदू-विरोधी मानसिकता का संकेत है?

मुख्य बातें

संजय सिंह का विवादास्पद बयान तरुण चुघ की कड़ी प्रतिक्रिया राम भक्तों की आस्था का अपमान हिंदू-विरोधी मानसिकता का आरोप राजनीतिक बयानबाजी का असर

नई दिल्ली, 20 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के भगवान श्रीराम को लेकर दिए बयान पर तीखा जवाब दिया है।

आप सांसद संजय सिंह ने कहा था कि राम के नाम में चरित्र होना चाहिए, वरना हराम में भी राम होता है। इस पर तरुण चुघ ने कहा कि यह बयान उनकी घटिया मानसिकता को दर्शाता है और यह राम भक्तों की आस्था का खुलेआम अपमान है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि संजय सिंह का बयान मानसिक दिवालियापन दिखाता है और इसे निंदनीय करार दिया। श्री राम जैसे पवित्र नाम के साथ ‘हराम’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

यह इंडी अलायंस की हिंदू-विरोधी और सनातन-विरोधी मानसिकता का साफ सबूत है। दुनियाभर में लाखों राम भक्तों की आस्था का खुलेआम अपमान किया जा रहा है। यह एक अक्षम्य अपराध है। राम को मानने वाली जनता यह सब देख रही है। पूरा देश और पूरी दुनिया इसे याद रखेगी। इंडी गठबंधन को अपने पापों की सजा जरूर मिलेगी।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए तरुण चुघ ने कहा कि देश में अराजकता भड़काने की जमीन तैयार करना और विदेश में भारत विरोधी इको चैंबर से संवाद करना राहुल गांधी की भारत-विरोधी रणनीति को पूरी तरह बेनकाब करता है। उनके काम संयोग से नहीं, बल्कि एक सोची-समझी योजना के तहत हो रहे हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य लोग देश के अंदर भड़काऊ भाषण दे रहे हैं, वहीं राहुल गांधी कथित तौर पर विदेश में जॉर्ज सोरोस समर्थित नेटवर्क के साथ मिलकर भारत-विरोधी टूलकिट पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का दोहरा खेल दिखाता है। भारत के लोग साफ देख सकते हैं कि कांग्रेस की असली लड़ाई सरकार या नीतियों से नहीं, बल्कि भारत और उसकी लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने की है। वे विदेशी एजेंसियों से निर्देश लेकर भारत-विरोधी एजेंडा चला रहे हैं। देश की जनता इसका करारा जवाब देगी। कांग्रेस नेता लगातार भारत-विरोधी एजेंडा चला रहे हैं। उन्होंने विदेशी एजेंसियों से भारत-विरोधी कैंपेन की सुपारी ले रखी है। भारत की जनता सही समय पर इसका जवाब भी देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने वाला था। ऐसे बयानों का उद्देश्य केवल राजनीति को भड़काना है। देश की शांति और सामंजस्य को बनाए रखने के लिए हमें ऐसे बयानों से दूर रहना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय सिंह का बयान क्या था?
उन्होंने कहा था कि राम के नाम में चरित्र होना चाहिए, वरना हराम में भी राम होता है।
तरुण चुघ ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
तरुण चुघ ने इसे राम भक्तों की आस्था का अपमान करार दिया।
क्या यह विवाद राजनीतिक है?
हाँ, यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है।
क्या राहुल गांधी का नाम भी इसमें आया है?
हाँ, तरुण चुघ ने राहुल गांधी पर भी आरोप लगाए हैं।
क्या इस विवाद का कोई असर होगा?
यह विवाद आगामी चुनावों में राजनीतिक असर डाल सकता है।
राष्ट्र प्रेस