बकरीद गाइडलाइंस पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत बोले — प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी वैसे भी नहीं होती
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने 22 मई को लखनऊ में दिल्ली सरकार द्वारा बकरीद को लेकर जारी नई गाइडलाइंस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि जिन जानवरों की कुर्बानी पर कानूनी प्रतिबंध है, उनकी कुर्बानी वैसे भी वैध नहीं होती और दी भी नहीं जाती। उनके अनुसार, इस मुद्दे को लेकर की जा रही बयानबाजी अनावश्यक है।
भाजपा पर निशाना
राजपूत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली की वायु प्रदूषण, यमुना की सफाई और कूड़े के पहाड़ जैसी बुनियादी समस्याएँ सुलझाने में सरकार विफल रही है। उनके शब्दों में, 'भाजपा नेताओं के पास कोई काम नहीं है, इसलिए हिंदू-मुसलमान को लेकर बयानबाजी की जा रही है।'
तमिलनाडु 'वंदे मातरम' विवाद पर बयान
तमिलनाडु में 'वंदे मातरम' को लेकर उठे विवाद पर राजपूत ने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सवाल किया कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रगान और वंदे मातरम में से किसे पहले बजाया जाना चाहिए, ताकि तमिलनाडु के भाजपा नेताओं को प्राथमिकता समझ आए।
बिहार एनकाउंटर और सम्राट चौधरी का बयान
बिहार में एनकाउंटर को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर राजपूत ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'अपराध देखकर एनकाउंटर किए नहीं जाते, एनकाउंटर होते हैं। अगर पुलिस एनकाउंटर कर रही है तो मुख्यमंत्री और पुलिस दोनों हत्यारे हैं।' उनके अनुसार, यह बयान आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले और भोजशाला पर रुख
कुर्बानी को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले पर राजपूत ने कहा कि गाय की कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित है और कोई भी इसे नहीं दे सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गाय की कुर्बानी होती है तो सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। भोजशाला विवाद पर उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, सभी पक्षों को उसे मानना चाहिए — देश संविधान से चलता है, किसी की व्यक्तिगत इच्छा से नहीं।
नीट पेपर लीक और अखिलेश यादव पर टिप्पणी
नीट पेपर लीक मामले में राजपूत ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा माँगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अध्यक्ष अभिषेक पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है और उन्हें हटाया जा चुका है, इसलिए असली जवाबदेही मंत्री की बनती है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबंधन पर उन्होंने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन के सभी दल बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करें — आने वाले चुनाव में सपा और कांग्रेस मिलकर उत्तर प्रदेश की 403 में से 403 सीटें जीतने का लक्ष्य रखते हैं।