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क्या उत्तर प्रदेश शीतकालीन सत्र में 'वंदे मातरम' पर हुई सियासी बयानबाजी?

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क्या उत्तर प्रदेश शीतकालीन सत्र में 'वंदे मातरम' पर हुई सियासी बयानबाजी?

सारांश

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 'वंदे मातरम' पर कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी का बयान, राजनीतिक बयानबाजी और Sapa का माफिया संबंध। जानें इस सत्र में क्या हुआ।

मुख्य बातें

लक्ष्मी नारायण चौधरी ने ' वंदे मातरम ' को भारत माता की आत्मा कहा।
शीतकालीन सत्र में कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने सपा पर माफियाओं का समर्थन करने का आरोप लगाया।

लखनऊ, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले मंगलवार को कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा विधायकों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। इसी दौरान, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने 'वंदे मातरम' गाने को भारत माता की आत्मा बताया।

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा, "'वंदे मातरम' भारत माता की आत्मा है। इसने हमारी विविधता को एक करने का कार्य किया है। आज इमारत की बुनियाद पर खड़ी है, लेकिन बुनियाद के पत्थर दिखाई नहीं देते। ऐसे ही भारत को आजाद कराने में 'वंदे मातरम' और उस नारे को लगाने वाले अमर शहीदों ने जो किया, वह दिखाई नहीं देता। आजादी की इमारत उसी पर खड़ी है। इसलिए 'वंदे मातरम' भारत माता की आत्मा है।"

मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा, "सदन का सत्र चल रहा है और इस शीतकालीन सत्र में कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। सोमवार को 'वंदे मातरम' पर कई सदस्यों ने इसके गरिमा और सम्मान को बढ़ाने के लिए अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी अपने विचार रखे। हमें उम्मीद है कि 'वंदे मातरम' पर चर्चा से प्रदेश के नौजवानों को इसके बारे में जानने और समझने का अवसर मिलेगा।"

वहीं, समाजवादी पार्टी की तरफ से 'एनडीए' को लेकर जारी पोस्टर पर भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार माफियाओं की सरकार रही है।

भाजपा विधायक ने कहा, "क्या कोई भी ऐसा माफिया था, जो उस समय सक्रिय नहीं था? माफिया संसद में थे। 100 मुकदमे वाले लोग विधायक बने हुए थे। भू-माफिया, खनन माफिया, वन माफिया और शिक्षा माफिया ये सभी अलग-अलग थे। आज जब इन माफियाओं पर कार्रवाई हो रही है तो समाजवादी पार्टी परेशान है।"

राजेश्वर सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस से यह पूछा जाना चाहिए कि आपातकाल कैसे लगाया था। जब कांग्रेस की सरकार थी, तब क्या दुरुपयोग की बात सामने नहीं आई थी? सुप्रीम कोर्ट ने उस समय सीबीआई को क्यों 'पिंजरे में बंद तोता' कहा था? इस बारे में भी राहुल गांधी से पूछा जाना चाहिए।"

राजेश्वर सिंह ने कहा, "दूसरे पर आरोप लगाना बहुत आसान है। जांच एजेंसियां कानून के दायरे में काम करती हैं। सुप्रीम कोर्ट से लेकर तमाम अदालतें मॉनिटर करती हैं। कोई गिरफ्तारी हो, तलाशी हो या किसी चीज को सीज किया गया हो, सभी रिपोर्ट कोर्ट में जाती हैं। अदालत सभी रिपोर्ट को देखती है।" उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की तरफ से लगाए गए आरोप बिल्कुल भी तथ्यात्मक नहीं हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ विभिन्न दलों के नेता अपनी राय रख रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट है कि 'वंदे मातरम' जैसे प्रतीकात्मक मुद्दों पर चर्चा का महत्व है, जो युवाओं को जागरूक कर सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्ष्मी नारायण चौधरी ने 'वंदे मातरम' को क्यों महत्वपूर्ण बताया?
उन्होंने इसे भारत माता की आत्मा बताया और कहा कि इसने हमारी विविधता को एक करने का कार्य किया है।
राजेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि सपा की सरकार माफियाओं की सरकार रही है और आज जब माफियाओं पर कार्रवाई हो रही है, तो सपा परेशान है।
राष्ट्र प्रेस
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