21 जुलाई 2026
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मानसून सत्र में विपक्ष का हमला: जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज को बताया 'तानाशाही'

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मानसून सत्र में विपक्ष का हमला: जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज को बताया 'तानाशाही'

सारांश

मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच टकराव चरम पर है। जंतर-मंतर पर नीट प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज, पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी — तीन मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। सपा, कांग्रेस सांसदों ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार सदन सुचारू रूप से चलाने की इच्छाशक्ति नहीं रखती।
जंतर-मंतर पर नीट प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज में कई युवा और विपक्षी सांसद घायल हुए।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को युवाओं की 'एकमात्र माँग' बताया।
विपक्ष ने पेपर लीक और राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी पर PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब माँगा।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि राहुल गांधी की नीट पर दो वर्षों की चिंताएं अब सही साबित हो रही हैं।
वंदे मातरम बिल पर विपक्ष ने बिना चर्चा के मतदान कराने की प्रक्रिया को लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताया।

संसद के मानसून सत्र में 21 जुलाई को विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए — कहा कि सरकार न तो सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दे रही है और न ही युवाओं की आवाज़ सुन रही है। जंतर-मंतर पर नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा, जिसमें कई प्रदर्शनकारी और विपक्षी सांसद घायल हुए बताए जा रहे हैं।

सदन नहीं चलने देने का आरोप

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्ष हमेशा से चाहता है कि संसद सुचारू रूप से चले, क्योंकि यही वह मंच है जहाँ देश के महत्वपूर्ण मुद्दों — जनता की समस्याओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और संविधान से जुड़े विषयों — पर चर्चा संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास सदन को सुचारू रूप से चलाने की न इच्छा है, न इच्छाशक्ति — और वह कोई न कोई बहाना बनाकर माहौल खराब कर रही है।

जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर विपक्ष का आक्रोश

अवधेश प्रसाद ने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, लाखों युवा अपनी समस्याएं और चिंताएं सरकार तक पहुँचाने के लिए जंतर-मंतर पहुँचे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और विपक्षी सांसदों को भी चोटें आईं। प्रसाद ने इसे सरकार की कथित तानाशाही का उदाहरण बताया।

नीट पर कांग्रेस की माँग — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि नीट विवाद को लेकर युवाओं की एकमात्र माँग है — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। चूँकि यह माँग पूरी नहीं हुई, इसलिए प्रदर्शनकारी सोमवार को भी धरना जारी रखना चाहते थे और संसद की ओर मार्च करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह से प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए थी।

मल्लू रवि ने यह भी बताया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या कम से कम संसदीय कार्य मंत्री से दो मुद्दों पर जवाब माँगा था — पेपर लीक और राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी। उनके अनुसार, ये दोनों अत्यंत संवेदनशील मुद्दे हैं और जनता संसद में सरकार का पक्ष सुनना चाहती है।

राहुल गांधी की चिंताएं 'सही साबित हुईं' — कांग्रेस सांसद

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने नीट विवाद पर राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार नीट का मुद्दा संसद और संसद के बाहर उठाते रहे हैं। अब जब यह विवाद गहरा हो गया है, तो लोगों को महसूस हो रहा है कि उनकी चिंताएं सही थीं — और इसी कारण युवाओं में नाराज़गी बढ़ी है।

वंदे मातरम बिल पर चर्चा की माँग

वंदे मातरम बिल को लेकर कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार विधेयक पेश करने के तुरंत बाद मतदान कराने की प्रक्रिया अपना रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। विपक्ष ने माँग की कि संसद में सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए। यह टकराव संकेत देता है कि मानसून सत्र का बाकी हिस्सा भी गतिरोध की छाया में बीत सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकार कार्यवाही स्थगित करती है, और असली मुद्दे बिना चर्चा के दब जाते हैं। लेकिन इस बार जंतर-मंतर पर युवाओं पर कथित बल प्रयोग ने इस टकराव को एक नया आयाम दिया है — यह केवल संसदीय राजनीति नहीं, बल्कि सड़क पर उतरे युवाओं की निराशा का प्रतिबिंब है। नीट पर सरकार की चुप्पी और पेपर लीक पर जवाबदेही का अभाव उस जनाक्रोश को हवा दे रहा है जो अब सदन की दीवारों के बाहर भी महसूस हो रहा है। विपक्ष के आरोप राजनीति से प्रेरित हो सकते हैं, लेकिन लाखों छात्रों की पीड़ा को राजनीतिक लेबल से खारिज नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज क्यों हुआ?
नीट परीक्षा विवाद को लेकर युवा प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे। विपक्षी सांसदों के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करना चाहते थे तो उन पर बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई युवा और सांसद घायल हुए।
नीट विवाद पर विपक्ष की मुख्य माँग क्या है?
विपक्ष की प्रमुख माँग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि के अनुसार, यही युवाओं की एकमात्र माँग है और जब तक यह पूरी नहीं होती, प्रदर्शन जारी रहेगा।
मानसून सत्र में विपक्ष ने किन दो मुद्दों पर सरकार से जवाब माँगा?
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने पेपर लीक और राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी — इन दो मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब माँगा। विपक्ष का कहना है कि ये अत्यंत संवेदनशील मुद्दे हैं और जनता सरकार का पक्ष सुनना चाहती है।
राहुल गांधी का नीट विवाद से क्या संबंध है?
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत के अनुसार, राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से नीट का मुद्दा संसद और संसद के बाहर लगातार उठाते रहे हैं। अब जब विवाद गहरा हो गया है तो विपक्ष का कहना है कि उनकी चिंताएं सही साबित हो रही हैं।
वंदे मातरम बिल पर विपक्ष ने क्या आपत्ति जताई?
कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार वंदे मातरम बिल को बिना पर्याप्त चर्चा के पारित कराने की कोशिश कर रही है — विधेयक पेश होते ही मतदान कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। विपक्ष ने माँग की है कि सभी महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत संसदीय बहस हो।
राष्ट्र प्रेस
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