मानसून सत्र में विपक्ष का हमला: जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज को बताया 'तानाशाही'
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मानसून सत्र में 21 जुलाई को विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए — कहा कि सरकार न तो सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दे रही है और न ही युवाओं की आवाज़ सुन रही है। जंतर-मंतर पर नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा, जिसमें कई प्रदर्शनकारी और विपक्षी सांसद घायल हुए बताए जा रहे हैं।
सदन नहीं चलने देने का आरोप
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्ष हमेशा से चाहता है कि संसद सुचारू रूप से चले, क्योंकि यही वह मंच है जहाँ देश के महत्वपूर्ण मुद्दों — जनता की समस्याओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और संविधान से जुड़े विषयों — पर चर्चा संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास सदन को सुचारू रूप से चलाने की न इच्छा है, न इच्छाशक्ति — और वह कोई न कोई बहाना बनाकर माहौल खराब कर रही है।
जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर विपक्ष का आक्रोश
अवधेश प्रसाद ने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, लाखों युवा अपनी समस्याएं और चिंताएं सरकार तक पहुँचाने के लिए जंतर-मंतर पहुँचे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और विपक्षी सांसदों को भी चोटें आईं। प्रसाद ने इसे सरकार की कथित तानाशाही का उदाहरण बताया।
नीट पर कांग्रेस की माँग — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि नीट विवाद को लेकर युवाओं की एकमात्र माँग है — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। चूँकि यह माँग पूरी नहीं हुई, इसलिए प्रदर्शनकारी सोमवार को भी धरना जारी रखना चाहते थे और संसद की ओर मार्च करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह से प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए थी।
मल्लू रवि ने यह भी बताया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या कम से कम संसदीय कार्य मंत्री से दो मुद्दों पर जवाब माँगा था — पेपर लीक और राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी। उनके अनुसार, ये दोनों अत्यंत संवेदनशील मुद्दे हैं और जनता संसद में सरकार का पक्ष सुनना चाहती है।
राहुल गांधी की चिंताएं 'सही साबित हुईं' — कांग्रेस सांसद
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने नीट विवाद पर राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार नीट का मुद्दा संसद और संसद के बाहर उठाते रहे हैं। अब जब यह विवाद गहरा हो गया है, तो लोगों को महसूस हो रहा है कि उनकी चिंताएं सही थीं — और इसी कारण युवाओं में नाराज़गी बढ़ी है।
वंदे मातरम बिल पर चर्चा की माँग
वंदे मातरम बिल को लेकर कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार विधेयक पेश करने के तुरंत बाद मतदान कराने की प्रक्रिया अपना रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। विपक्ष ने माँग की कि संसद में सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए। यह टकराव संकेत देता है कि मानसून सत्र का बाकी हिस्सा भी गतिरोध की छाया में बीत सकता है।