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जंतर-मंतर प्रदर्शन राजनीतिक साजिश: शिवसेना के संजय निरुपम का कांग्रेस और विपक्ष पर हमला

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जंतर-मंतर प्रदर्शन राजनीतिक साजिश: शिवसेना के संजय निरुपम का कांग्रेस और विपक्ष पर हमला

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को राजनीतिक साजिश करार दिया। उनका कहना है कि नीट पुनः परीक्षा शांतिपूर्वक हो चुकी, 11 लाख छात्र पास हो चुके, फिर भी आंदोलन जारी रखना जनहित नहीं — यह विपक्ष की राजनीति है।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर प्रदर्शन को 'राजनीतिक साजिश' बताया।
नीट पुनः परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न, 11 लाख छात्र उत्तीर्ण, प्रवेश प्रक्रिया शुरू — निरुपम ने सरकार की कार्रवाई को पर्याप्त बताया।
उद्धव ठाकरे गुट , वामपंथी दल और AAP पर छात्र मुद्दे के राजनीतिक दोहन का आरोप।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को 'शर्मनाक' बताया; एसआईटी जाँच जारी, कांग्रेस की स्वतंत्र जाँच माँग को राजनीतिक कदम करार दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मानसून सत्र में विपक्ष से सार्थक सहयोग की अपील की है।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 20 जुलाई को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन, संसद के मानसून सत्र और अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उनका आरोप है कि छात्रों की वैध माँगों को कुछ राजनीतिक दल अपने हितों की सीढ़ी बना रहे हैं।

नीट विवाद और सरकार की कार्रवाई

निरुपम ने स्वीकार किया कि नीट पेपर लीक के मुद्दे पर शुरुआत में छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा उठाई गई आवाज़ पूरी तरह उचित थी। उनके अनुसार, उसी नैतिक दबाव का परिणाम रहा कि सरकार ने दोबारा परीक्षा कराई, जो शांतिपूर्वक संपन्न हुई और किसी नई गड़बड़ी की शिकायत नहीं आई। उन्होंने बताया कि 11 लाख छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं और प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

आंदोलन के राजनीतिकरण का आरोप

निरुपम ने कहा कि सरकार द्वारा आवश्यक कदम उठाने के बाद भी अनशन, संसद मार्च और धरना जारी रखना अब जनहित नहीं, बल्कि शुद्ध राजनीतिक गतिविधि बन गई है। उन्होंने इसकी तुलना 2010-11 के अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से की, जिसके बाद एक नए राजनीतिक दल का गठन हुआ और मूल मुद्दा पीछे छूट गया। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे ऐसे आंदोलनों के राजनीतिक पहलुओं को समझें।

निरुपम ने विशेष रूप से उद्धव ठाकरे गुट, वामपंथी दलों और आम आदमी पार्टी (AAP) पर आरोप लगाया कि ये दल छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे ऐसे आंदोलनों से सावधानी बरतें और रचनात्मक समाधान पर भरोसा करें।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर प्रतिक्रिया

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को निरुपम ने 'अत्यंत शर्मनाक' बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के जन्मस्थान पर बने मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है। उन्होंने माँग की कि दोषियों के विरुद्ध इतनी कठोर कार्रवाई हो कि भविष्य में कोई भी मंदिर में चोरी का दुस्साहस न कर सके। उन्होंने बताया कि इस मामले की जाँच एसआईटी कर रही है, और इस स्थिति में कांग्रेस द्वारा स्वतंत्र जाँच की माँग उन्हें राजनीतिक कदम लगती है।

मानसून सत्र और संसद में सहयोग की अपील

संसद के मानसून सत्र पर निरुपम ने कहा कि सरकार ने सर्वदलीय बैठक में सभी दलों से सकारात्मक सहयोग माँगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष से आग्रह किया है कि संसद के समय का सदुपयोग हो और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो। निरुपम के अनुसार, लोकतंत्र में विपक्ष का दायित्व सवाल पूछना है और सरकार जवाब देने को तैयार है, लेकिन संसद को केवल टकराव या राजनीतिक लाभ का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए।

आने वाले दिनों में मानसून सत्र की कार्यवाही और जंतर-मंतर पर आंदोलन की दिशा यह तय करेगी कि छात्र मुद्दे पर राजनीतिक दलों की भूमिका को जनता किस नज़र से देखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि उसकी माँगों की वैधता के लिए। असली सवाल यह है कि क्या सरकार ने परीक्षा तंत्र में संरचनात्मक सुधार किए हैं — केवल एक परीक्षा दोबारा कराना उसका विकल्प नहीं है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने जंतर-मंतर प्रदर्शन को राजनीतिक साजिश क्यों बताया?
निरुपम का कहना है कि नीट पुनः परीक्षा शांतिपूर्वक हो चुकी है और 11 लाख छात्र उत्तीर्ण हो चुके हैं, इसलिए अब भी प्रदर्शन जारी रखना जनहित नहीं बल्कि विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधि है। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट, वामपंथी दलों और AAP पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने क्या कदम उठाए?
सरकार ने दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जो शांतिपूर्वक संपन्न हुई और 11 लाख छात्र उत्तीर्ण हुए। प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। निरुपम के अनुसार सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच कौन कर रहा है?
इस मामले की जाँच एसआईटी कर रही है। निरुपम ने इसे अत्यंत शर्मनाक घटना बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कांग्रेस की स्वतंत्र जाँच की माँग को राजनीतिक कदम करार दिया।
निरुपम ने जंतर-मंतर आंदोलन की तुलना किससे की?
उन्होंने इसकी तुलना 2010-11 के अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से की। उनका कहना है कि उस आंदोलन से बाद में एक राजनीतिक दल बना और मूल मुद्दा पीछे छूट गया — इसी पैटर्न के प्रति युवाओं को सावधान रहना चाहिए।
मानसून सत्र में सरकार ने विपक्ष से क्या अपील की?
सर्वदलीय बैठक में सरकार ने सभी दलों से सकारात्मक सहयोग माँगा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष से आग्रह किया है कि संसद के समय का सदुपयोग हो और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो, न कि केवल टकराव और व्यवधान।
राष्ट्र प्रेस
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