जंतर-मंतर पर अराजक तत्वों का कब्जा नहीं होगा: BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला का विपक्ष पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने 21 जुलाई को सुल्तानपुर में नीट पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक स्वार्थ के लिए विघटनकारी और अराजक तत्वों को संरक्षण दे रहा है।
जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर BJP का रुख
प्रेम शुक्ला ने कहा, 'विपक्ष पूरी तरह से हताश और निराश है। वहाँ 'सिर्फ अल्लाह का नाम रहेगा', 'उमर खालिद को रिहा करो', 'हम संसद गिरा देंगे' और 'हम भारत को नेपाल बना देंगे' जैसे नारे लगाए जा रहे हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अराजक तत्वों को किसी भी कीमत पर जंतर-मंतर पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा और भारत सरकार अलगाववादी ताकतों को कोई स्थान नहीं देगी।
नीट पेपर लीक और संसदीय प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया
नीट पेपर लीक मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की स्पीकर से मुलाकात पर शुक्ला ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्ताधारी पक्ष संसदीय प्रक्रिया के माध्यम से हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई सदन के मध्य में आकर संसदीय परंपराओं को बाधित करने की कोशिश करता है, तो न राज्यसभा चेयरमैन और न ही लोकसभा स्पीकर ऐसा होने देंगे।
कांवड़ यात्रा विवाद पर पलटवार
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के कांवड़ यात्रा संबंधी बयान पर प्रेम शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी और मुहर्रम के जुलूस भी पूरे देश में निकाले जाते हैं और उनसे भी यातायात प्रभावित होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल कांवड़ यात्रा पर ही आपत्ति क्यों है, जबकि कांवड़ियों के लिए विशेष प्रबंध इसीलिए किए जाते हैं ताकि परिवहन और यातायात पर न्यूनतम असर पड़े।
विपक्ष पर BJP का व्यापक आरोप
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश चरम पर है और विपक्षी दल इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों पर उठा रहे हैं। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में कथित तौर पर विवादास्पद नारेबाजी की खबरें सामने आई थीं, जिन्हें BJP ने अपनी आलोचना का आधार बनाया है। शुक्ला ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी अलगाववादी प्रवृत्ति के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति पर कायम है।
आगे क्या
नीट पेपर लीक मामले की जाँच जारी है और संसद के मानसून सत्र में इस पर बहस की माँग तेज होती जा रही है। BJP और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है।