नीट पेपर लीक: सरकार वार्ता को तैयार, CM विष्णु देव साय बोले — संसद छोड़कर न भागे विपक्ष
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 23 जुलाई को नीट पेपर लीक विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और ऐसे में विपक्ष का बहस से बचना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद से बेहतर कोई मंच नहीं है और विपक्ष को अपनी सभी बातें वहीं रखनी चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध-प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। इसी बीच केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह नीट पेपर लीक मामले में वार्ता के लिए तैयार है। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी एनडीए-शासित राज्यों में विरोध-प्रदर्शन जारी रखे हुए है।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अन्य सांसदों के साथ पीएम आवास के बाहर धरना दिया। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हुई, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
CM साय का विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष घबराए हुए हैं और उनके पास उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, 'जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तो उन्हें इससे भागना नहीं चाहिए। विपक्ष को बहस में शामिल होना चाहिए और अपनी सभी बातें वहाँ रखनी चाहिए।'
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद को लेकर पूरे देश में छात्रों और विपक्षी दलों का आक्रोश चरम पर है। गौरतलब है कि यह मामला संसद के मानसून सत्र के दौरान सबसे बड़े राजनीतिक टकराव के रूप में उभरा है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और सरकार की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक सोशल मीडिया पोस्ट का समर्थन करते हुए CM साय ने कहा कि युवाओं के सपनों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का निर्णय युवाओं के हितों के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
साय ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं से युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध त्वरित न्याय और कठोर दंड सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
किसानों पर भी CM का बयान
नीट विवाद के अलावा CM साय ने छत्तीसगढ़ के किसानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में प्रदेश के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर भंडारण, आपूर्ति और वितरण की प्रभावी व्यवस्था की गई है।
आगे क्या होगा
केंद्र सरकार की वार्ता की पेशकश के बाद अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि विपक्ष संसद में चर्चा के प्रस्ताव को स्वीकार करता है या सड़क पर आंदोलन जारी रखता है। नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की समयसीमा और उसकी कार्यप्रणाली पर सरकार का अगला कदम निर्णायक होगा।