खड़गे का मोदी-शाह को चुनौती: राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों पर बर्बरता पर सदन में दें जवाब
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 3 अगस्त को मीडिया से बातचीत में स्पष्ट माँग रखी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संसद में उपस्थित होकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी और जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई कार्रवाई पर जवाब दें। खड़गे ने कहा कि दोनों नेताओं का सदन से लगातार अनुपस्थित रहना संसद और देश की जनता का अपमान है।
मुख्य माँगें और आरोप
खड़गे ने कहा कि विपक्ष और पूरा देश जानना चाहता है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर प्रधानमंत्री की स्थिति क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों को पीटा गया, पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और आँसू गैस छोड़ी गई। उनके अनुसार, इन घटनाओं की जवाबदेही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों की बनती है और उन्हें सदन में बयान देना चाहिए।
इंस्टाग्राम बनाम संसद: खड़गे का तीखा प्रहार
खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सदन में आने के बजाय इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हैं, जो जनता के साथ अपमानजनक व्यवहार है। उन्होंने कहा, 'जब प्रधानमंत्री रात के 12 बजे उठते हैं तो वह इंस्टाग्राम पर अपने विचार पोस्ट करते हैं, जबकि उन्हें सदन में आना चाहिए और वही बात कहनी चाहिए या एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलानी चाहिए।' उनका कहना था कि जनता संसद में सरकार की प्रतिक्रिया जानना चाहती है, लेकिन सरकार जवाब देने को तैयार नहीं है।
राम मंदिर ट्रस्ट विवाद: गोगोई का बयान
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यदि नीट पेपर लीक पर संसद में चर्चा हो सकती है, तो अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चढ़ावे के करोड़ों रुपये कथित तौर पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यालय में चले गए हैं। गोगोई ने इसे 'बेहद गंभीर, चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
नाबालिग लड़कियों की जानकारी लीक पर सवाल
खड़गे ने यह भी माँग उठाई कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों और नाबालिग लड़कियों की जानकारी लीक होने के बारे में स्पष्टीकरण दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भले ही इंस्टाग्राम पर दावा करें कि उन्होंने बच्चियों को माफ किया, लेकिन सवाल यह है कि उन्हें अब भी डर के साए में क्यों जीना पड़ रहा है।
आगे की राह
विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह सदन में बहस के लिए पूरी तरह तैयार है, बशर्ते सरकार इन मुद्दों पर जवाबदेही स्वीकार करे। यह संसद सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव का एक और अध्याय है, और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा हो सकता है।