गौरव गोगोई का लोकसभा में हमला: 'जंतर-मंतर पर छात्रों से क्रूरता, गृह मंत्री अमित शाह दें जवाब'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने मंगलवार, 28 जुलाई को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को 'क्रूरता' करार देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब माँगा।
सदन में क्या बोले गोगोई
गोगोई ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा, 'हमने लोकतंत्र की ताकत देखी, वहीं सरकार की क्रूरता भी देखी। पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, पुलिसकर्मी ने एक लड़की को थप्पड़ मारा, महिलाओं को गालियाँ दीं और उनके कपड़े फाड़े। हम भूलेंगे नहीं।'
उन्होंने यह भी पूछा कि पैलेट गन और आंसू गैस के उपयोग का आदेश किसने दिया, और बिहार में AK-47 के कथित इस्तेमाल का भी संदर्भ दिया।
धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए पर निशाना
गोगोई ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में 21 छात्रों ने आत्महत्या की। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब प्रधान इस्तीफे के बाद संसद परिसर पहुँचे, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने उनका ऐसे स्वागत किया 'मानो वे पाकिस्तान से जंग जीतकर आए हों।'
उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के चेयरमैन पर भी सवाल उठाए और कहा कि एनटीए के महानिदेशक को बदला गया, लेकिन चेयरमैन को बनाए रखा गया। गोगोई ने दावा किया कि चेयरमैन का संबंध एक विशेष संगठन से है और उनके कार्यकाल में मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित धांधलियाँ हुईं।
बिल को 'दिखावा' बताया
गोगोई ने एंटी पेपर लीक संशोधन बिल को 'महज दिखावे का बिल' करार दिया। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' पहले ही ला चुकी थी, फिर भी UGC-NET और NEET 2024 परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएँ सामने आईं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे इंस्टाग्राम रील्स पर ध्यान देते हैं, जबकि पहली कैबिनेट बैठक में शिक्षा सुधार, पेपर लीक, कोचिंग माफिया और CBSE की OMR शीट जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी। गोगोई ने यह भी दावा किया कि शिक्षा क्षेत्र में लापरवाही के कारण एक लाख से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है।
आम नागरिकों का आभार
गोगोई ने उन गुरुद्वारों के संचालकों, वकीलों, खाना पहुँचाने वाले स्विगी डिलीवरी कर्मियों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों को आशीर्वाद देकर प्रदर्शन के लिए भेज रहे हैं क्योंकि यह उनके भविष्य का सवाल है।
आगे क्या
विपक्ष की माँग है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर स्पष्टीकरण दें। पेपर लीक विवाद और NTA की कार्यप्रणाली पर संसदीय बहस जारी रहने की संभावना है, और यह मुद्दा आने वाले सत्र में भी गरमाया रह सकता है।