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खड़गे का अमित शाह पर हमला: 20 जुलाई को छात्रों पर पुलिस बर्बरता का जवाब दें

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खड़गे का अमित शाह पर हमला: 20 जुलाई को छात्रों पर पुलिस बर्बरता का जवाब दें

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला — 20 जुलाई को संसद घेराव में छात्रों पर पैलेट गन, आँसू गैस और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन के इस्तेमाल पर 14 दिन बाद भी सरकार मौन है। नीट लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के साथ यह विपक्ष की तीन-धारी रणनीति का केंद्र बन गया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 10 अगस्त को प्रेस वार्ता में गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब माँगा।
20 जुलाई के संसद घेराव में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज, आँसू गैस, पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन के इस्तेमाल का आरोप।
खड़गे ने राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी पर PM मोदी से सार्वजनिक खुलासे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।
विपक्ष मानसून सत्र में नीट पेपर लीक , राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों पर बल प्रयोग — तीनों मुद्दों पर संसद में चर्चा चाहता है।
सरकार और BJP की ओर से इन आरोपों पर 14-15 दिनों से कोई आधिकारिक बयान नहीं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 10 अगस्त को एक प्रेस वार्ता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधा जवाब माँगा — कि 20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान दिल्ली पुलिस ने किसके आदेश पर छात्रों पर बल प्रयोग किया। खड़गे ने कहा कि गृह मंत्री इस मामले में सदन में बयान देने से बचते रहे हैं, जबकि विपक्ष लगातार जवाबदेही की माँग कर रहा है।

छात्रों पर बल प्रयोग: क्या हुआ था

खड़गे के अनुसार, 20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज, आँसू गैस के गोले, पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसे 'बर्बरता' करार देते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद गृह मंत्री ने पिछले 14-15 दिनों में एक भी सार्वजनिक बयान नहीं दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली माँग है — गृह मंत्री सदन में आकर बताएँ कि छात्रों पर इस तरह के हथियारों का प्रयोग क्यों किया गया और किसके निर्देश पर।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भी उठे सवाल

खड़गे ने दूसरी बड़ी माँग राम मंदिर से जुड़े विवाद पर रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने ही चढ़ावे की चोरी को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि चूँकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस ट्रस्ट की स्थापना की, सदस्य चुने और इसकी कार्यप्रणाली तय की — इसलिए वे इस मामले में जनता को जवाब देने के लिए बाध्य हैं।

खड़गे के अनुसार, दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार की चुप्पी यह संदेह पैदा करती है कि वह इस विषय पर चर्चा नहीं चाहती।

मानसून सत्र में विपक्ष की तीन प्रमुख माँगें

खड़गे ने बताया कि विपक्ष मानसून सत्र में तीन मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहता है — नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, और दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर बल प्रयोग। उन्होंने कहा कि सरकार इन तीनों विषयों पर जानबूझकर मौन साधे हुए है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन सभी मुद्दों को पहले से उठाया है और हर मंच पर अपना पक्ष रखा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

खड़गे की प्रेस वार्ता तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस प्रेस वार्ता पर तत्काल कोई बयान जारी नहीं किया।

आगे क्या होगा

मानसून सत्र जारी रहने के साथ, विपक्ष का दबाव बढ़ता दिख रहा है। यह देखना अहम होगा कि क्या गृह मंत्री सदन में छात्रों पर बल प्रयोग के मामले में कोई बयान देते हैं, और क्या राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर सरकार की ओर से कोई जाँच की घोषणा होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इससे प्रत्येक मुद्दे की गंभीरता कम होने का जोखिम भी है। सरकार की चुप्पी अपने आप में एक राजनीतिक संकेत है — और यदि संसद में जवाब नहीं आया, तो यह मुद्दे सड़क पर और तेज़ होंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान क्या हुआ था?
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के अनुसार, 20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज, आँसू गैस, पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन का इस्तेमाल किया। विपक्ष इसे 'बर्बरता' बता रहा है और गृह मंत्री से सदन में जवाब माँग रहा है।
खड़गे ने अमित शाह से क्या माँगा है?
खड़गे ने माँग की है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर स्पष्ट करें कि छात्रों पर पैलेट गन, आँसू गैस और लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि 14-15 दिनों की चुप्पी अस्वीकार्य है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद क्या है?
खड़गे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने ही चढ़ावे की चोरी की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से इस मामले में सार्वजनिक खुलासा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की, क्योंकि ट्रस्ट की स्थापना स्वयं PM ने की थी।
विपक्ष मानसून सत्र में कौन-से मुद्दे उठा रहा है?
विपक्ष मानसून सत्र में तीन प्रमुख मुद्दों पर संसद में चर्चा चाहता है — नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, और 20 जुलाई को छात्रों पर दिल्ली पुलिस का बल प्रयोग। खड़गे के अनुसार सरकार इन सभी विषयों पर जानबूझकर चुप है।
क्या सरकार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
खड़गे की प्रेस वार्ता तक गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। BJP ने भी इस प्रेस वार्ता पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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