छात्रों पर लाठीचार्ज: कांग्रेस ने अमित शाह से दोनों सदनों में जवाब माँगा, मानसून सत्र में हंगामा
सारांश
मुख्य बातें
मानसून सत्र के दौरान मंगलवार, 21 जुलाई को संसद में कांग्रेस ने नई दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने माँग की कि गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा और राज्यसभा — दोनों सदनों में उपस्थित होकर इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत स्पष्टीकरण दें।
संसद में कांग्रेस का मोर्चा
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि देश और राजधानी से जुड़े कई गंभीर मुद्दे संसद के सामने हैं, जिन पर बहस अनिवार्य है। उन्होंने कहा, 'यदि संसद ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का मंच नहीं बनेगी, तो फिर यह बहस कहाँ होगी।' थरूर ने लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप कर संसद में जारी गतिरोध समाप्त कराने और छात्रों के विरोध प्रदर्शन, भूख हड़ताल, पुलिस कार्रवाई तथा हिंसा सहित पूरे घटनाक्रम पर खुली चर्चा कराने की अपील की।
थरूर ने यह भी बताया कि इस घटना में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए और कथित तौर पर करीब 100 लोगों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
राज्यसभा में खड़गे को बोलने से रोकने का आरोप
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने संसद की कार्यवाही को 'अभूतपूर्व' बताते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने से रोका। उनके अनुसार, खड़गे दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हुई कथित हिंसा का मुद्दा उठाना चाहते थे। खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट माँग है कि गृह मंत्री शाह दोनों सदनों में आकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का हिसाब दें।
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल
कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, फिर भी जिस तरह लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ, वह स्वीकार्य नहीं है। उनके अनुसार, 'प्रदर्शन कर रहे छात्र इसी देश के नागरिक हैं और उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं।'
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में एक मजबूत, पारदर्शी और ईमानदार परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाएँ सामने आ रही हैं, लेकिन न मंत्री, न अधिकारी और न ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय की जा रही है, जिससे छात्रों का भरोसा कमज़ोर हो रहा है।
युवाओं के भविष्य का सवाल — हुड्डा का हमला
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। पिछले 12 वर्षों में हुए पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं का धैर्य अब जवाब दे चुका है और सरकार को उनसे संवाद स्थापित कर विश्वास बहाल करना चाहिए था। हुड्डा ने सीधे पूछा कि लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग किसके निर्देश पर किया गया।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र पहले से ही विवादों के बीच चल रहा है। कांग्रेस के सांसदों ने स्पष्ट किया है कि जब तक गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों में बयान नहीं देते, तब तक वे यह मुद्दा उठाते रहेंगे। गौरतलब है कि पेपर लीक और NTA की कार्यप्रणाली पर विपक्ष पहले से ही सरकार को घेरता रहा है — यह घटनाक्रम उस दबाव को और तेज़ करता है।