राज्यसभा में खड़गे बनाम रिजिजू: अमित शाह की गैरमौजूदगी पर भिड़े सत्ता-विपक्ष, सदन सोमवार तक स्थगित
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा में 7 अगस्त 2026 को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच उस समय तीखी नोकझोंक हो गई जब नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर बयान देने की माँग की। विवाद इतना बढ़ा कि सभापति को सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर सोमवार, 10 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विवाद की जड़: जंतर मंतर पर पुलिस बल का मामला
विपक्ष का आक्रोश 20 जुलाई की उस घटना से जुड़ा है, जब जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया था। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह कार्रवाई अनुचित थी और इस पर गृह मंत्री को सदन में आकर सफाई देनी चाहिए। खड़गे ने सभापति सीपी राधाकृष्णन को संबोधित करते हुए कहा, "गृह मंत्री को सदन में आना चाहिए। हमने पहले भी यह बात कही थी कि गृह मंत्री सदन में आएं और बयान दें।"
खड़गे का सभापति पर आरोप: 'मर्यादा नहीं दी जा रही'
खड़गे ने यह भी कहा कि सभापति ने विपक्ष की भावना संसदीय कार्य मंत्री तक पहुँचाई थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, "आपकी बात को भी मर्यादा नहीं दी जा रही है। यह सदन का अपमान है।" यह टिप्पणी सदन में तनाव की तीव्रता को दर्शाती है।
रिजिजू का पलटवार: संसदीय परंपरा का हवाला
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि संसदीय व्यवस्था में यह सुस्थापित नियम है कि जिस विषय से संबंधित मंत्रालय हो, उसी का मंत्री सदन में उत्तर देता है। उन्होंने स्पष्ट किया, "विपक्ष यह तय नहीं करेगा कि किस विषय पर कौन मंत्री सदन में आएगा। यह अधिकार विपक्ष का नहीं है और ऐसी परंपरा नहीं है।"
रिजिजू ने यह भी जोड़ा कि सभापति ने केवल विपक्ष की भावना सरकार तक पहुँचाई थी, कोई निर्देश नहीं दिया था। उनका कहना था, "सभापति ने विपक्ष की भावना बताई थी, किसी मंत्री को सदन में आने का निर्देश नहीं दिया था।"
गृह मंत्री की मौजूदगी पर सरकार का दावा
रिजिजू ने यह भी दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह सुबह से देर रात तक संसद परिसर में मौजूद रहते हैं। उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्षी सांसद सदन में हंगामा करने के बाद चले जाते हैं, जबकि गृह मंत्री लगातार परिसर में बने रहते हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में लगातार व्यवधान देखे जा रहे हैं।
सदन का स्थगन और आगे की राह
रिजिजू के जवाब के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध जताया और सदन में शोर-शराबा होता रहा। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े रहे, जिसके चलते सभापति ने पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की। दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा, जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार, 10 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। अब देखना यह होगा कि सोमवार को सत्र में यह गतिरोध टूटता है या बना रहता है।