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राज्यसभा में गृह मंत्री की उपस्थिति पर हंगामा, सभापति राधाकृष्णन ने रिजिजू से विपक्ष की भावना सरकार तक पहुँचाने को कहा

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राज्यसभा में गृह मंत्री की उपस्थिति पर हंगामा, सभापति राधाकृष्णन ने रिजिजू से विपक्ष की भावना सरकार तक पहुँचाने को कहा

सारांश

राज्यसभा में 6 अगस्त को विपक्ष ने गृह मंत्री की उपस्थिति माँगी, सभापति राधाकृष्णन ने रिजिजू से यह भावना सरकार तक पहुँचाने को कहा। खड़गे और रिजिजू के बीच नोकझोंक के बाद हंगामा जारी रहा और सदन दोपहर 2:15 बजे तक स्थगित हो गया।

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 अगस्त को राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति की माँग उठाई।
सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से विपक्ष की भावना सरकार तक पहुँचाने का अनुरोध किया।
रिजिजू ने कहा कि यह तय नहीं किया जा सकता कि किस दिन कौन-सा मंत्री सदन में आए; विपक्ष ऐसा निर्देश नहीं दे सकता।
खड़गे और रिजिजू के बीच संसदीय नियमों को लेकर तीखी नोकझोंक हुई।
लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा में गुरुवार, 6 अगस्त को प्रश्नकाल के दौरान हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति की माँग उठाई। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से अनुरोध किया कि वे विपक्ष की इस भावना को सरकार तक पहुँचाएँ। लगातार व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही अंततः दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

मुख्य घटनाक्रम

सदन में हंगामे के बीच सभापति राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू को सूचित किया कि नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री को सदन में बुलाने का अनुरोध किया है। सभापति ने स्पष्ट किया कि यह कोई निर्देश नहीं, बल्कि विपक्ष का अनुरोध है और रिजिजू संसदीय कार्य मंत्री के रूप में इसे सरकार तक पहुँचा सकते हैं।

सभापति ने सदन में कहा, 'नेता प्रतिपक्ष निर्देश नहीं दे रहे हैं। उन्होंने केवल अपना अनुरोध रखा है। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में आप विपक्ष की भावना सरकार तक पहुँचा सकते हैं।'

सरकार की प्रतिक्रिया

रिजिजू ने विपक्ष की माँग पर कहा कि यह तय नहीं किया जा सकता कि किस दिन कौन-सा मंत्री सदन में आए और विपक्ष की ओर से ऐसा निर्देश देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में उस समय प्रश्नकाल चल रहा था और लगातार व्यवधान के कारण प्रश्नकाल प्रभावित हो रहा है।

रिजिजू ने यह भी जोड़ा कि सदन को सुचारु रूप से चलाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और उनका उद्देश्य किसी सदस्य का अपमान करना नहीं था — उन्होंने केवल राज्यसभा के नियमों का उल्लेख किया।

खड़गे और रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने तीखे लहजे में कहा कि रिजिजू उन्हें संसदीय नियम न सिखाएँ और सवाल किया कि क्या उन्हें अब रिजिजू से नियम सीखने पड़ेंगे। इस पर रिजिजू ने सफाई दी कि उन्होंने किसी व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं की, बल्कि केवल राज्यसभा के नियमों का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि खड़गे वरिष्ठ सदस्य हैं और उनका सम्मान किया जाता है, परंतु नेता प्रतिपक्ष ने अपने तर्क के समर्थन में किसी नियम का हवाला नहीं दिया।

सदन स्थगित

सभापति राधाकृष्णन ने बार-बार सभी सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने और प्रश्नकाल चलने देने का अनुरोध किया, किंतु हंगामा थमा नहीं। अंततः सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों पर तनाव पहले से बना हुआ है।

गौरतलब है कि राज्यसभा में इस तरह का व्यवधान पिछले कई दिनों से जारी है, जिससे सदन का बहुमूल्य समय प्रभावित हो रहा है। आगे के सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच सहयोग की स्थिति पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सरकार उतनी ही नियमितता से यह कहकर टाल देती है कि मंत्रियों की उपस्थिति विपक्ष के निर्देश पर तय नहीं होती। असली सवाल यह है कि जब प्रश्नकाल बार-बार हंगामे की भेंट चढ़ता है, तो जवाबदेही का वह मंच कहाँ बचता है जिसके लिए संसद बनी है। सभापति की मध्यस्थता सराहनीय थी, लेकिन जब तक दोनों पक्ष संसदीय समय को राजनीतिक दबाव के औज़ार के रूप में इस्तेमाल करते रहेंगे, स्थगन की यह परंपरा जारी रहेगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा में 6 अगस्त को गृह मंत्री की उपस्थिति की माँग क्यों उठी?
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति का अनुरोध किया। यह माँग हंगामे के बीच उठाई गई, हालाँकि स्रोत में इसका विशिष्ट कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
सभापति सीपी राधाकृष्णन ने किरेन रिजिजू से क्या कहा?
सभापति राधाकृष्णन ने रिजिजू से कहा कि विपक्ष ने अपनी भावना रखी है और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में वे उस भावना को सरकार तक पहुँचा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खड़गे निर्देश नहीं दे रहे थे, बल्कि केवल अनुरोध कर रहे थे।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष की माँग पर क्या जवाब दिया?
रिजिजू ने कहा कि यह तय नहीं किया जा सकता कि किस दिन कौन-सा मंत्री सदन में आए और विपक्ष की ओर से ऐसा निर्देश नहीं दिया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सदन को सुचारु रूप से चलाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
खड़गे और रिजिजू के बीच क्या विवाद हुआ?
खड़गे ने कहा कि रिजिजू उन्हें संसदीय नियम न सिखाएँ। इस पर रिजिजू ने सफाई दी कि उन्होंने किसी व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं की, केवल राज्यसभा के नियमों का उल्लेख किया और खड़गे का सम्मान करते हैं।
6 अगस्त को राज्यसभा की कार्यवाही कब तक स्थगित हुई?
लगातार हंगामे और व्यवधान के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई। प्रश्नकाल भी इस व्यवधान से प्रभावित रहा।
राष्ट्र प्रेस
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