राजनाथ सिंह जापान यात्रा में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने को तैयार, कोइजुमी का संदेश बेल्जियम मंत्री लाए
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 सितंबर को जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी की शुभकामनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि वह अपनी आगामी जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। यह संदेश बेल्जियम के रक्षा और व्यापार मंत्री थिओ फ्रैंकेन भारत यात्रा के दौरान साथ लेकर आए थे।
तीन देशों का अनूठा कूटनीतिक जुड़ाव
जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उल्लेख किया था कि उन्होंने जापान में बेल्जियम के मंत्री थिओ फ्रैंकेन से भेंट की थी, और उनसे आग्रह किया था कि वे राजनाथ सिंह तक उनकी शुभकामनाएँ पहुँचाएँ। नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान फ्रैंकेन ने यह संदेश राजनाथ सिंह को सौंपा। तीन देशों के बीच इस अनूठे कूटनीतिक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों पर संतोष व्यक्त किया।
भारत-बेल्जियम रक्षा बैठक के मुख्य बिंदु
3 सितंबर को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बेल्जियम के रक्षा एवं व्यापार मंत्री थिओ फ्रैंकेन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में भारत और बेल्जियम के बीच समग्र रक्षा संबंधों तथा रक्षा औद्योगिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं की गहराई से समीक्षा की गई। राजनाथ सिंह ने इस बैठक को 'बेहद सार्थक' बताया।
समझौता ज्ञापन और अनुबंध
बैठक के दौरान रक्षा औद्योगिक सहयोग के तहत कई समझौता ज्ञापनों (MoU) और अनुबंधों पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य बेल्जियम की उन्नत तकनीक को भारतीय रक्षा निर्माताओं के कौशल और क्षमता के साथ जोड़ना है। सहयोग के अंतर्गत हथियारों के कलपुर्जे, समुद्री सुरक्षा प्रणालियाँ और उन्नत सैन्य तकनीकों के संयुक्त उत्पादन व विकास पर विशेष जोर दिया गया।
आम जनता और रक्षा उद्योग पर असर
यह सहयोग भारत के रक्षा निर्यात और 'मेक इन इंडिया' रक्षा विनिर्माण एजेंडे को नई गति देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। बेल्जियम की उन्नत समुद्री और सैन्य तकनीक का भारतीय रक्षा उद्योग के साथ समन्वय दोनों देशों के बीच सामरिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने की संभावना रखता है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत अपने रक्षा आयात को घटाकर घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
आगे क्या
राजनाथ सिंह की आगामी जापान यात्रा में जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की उम्मीद है, जिसमें रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भारत-जापान और भारत-बेल्जियम — दोनों धुरियों पर एक साथ सक्रियता भारत की बहु-आयामी रक्षा कूटनीति की दिशा को स्पष्ट करती है।