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नीट विवाद: इंडी गठबंधन सांसदों का प्रह्लाद जोशी पर हमला, माफी और इस्तीफे की माँग

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नीट विवाद: इंडी गठबंधन सांसदों का प्रह्लाद जोशी पर हमला, माफी और इस्तीफे की माँग

सारांश

केरल में 5,000 नीट प्रदर्शनकारियों पर FIR के बाद इंडी गठबंधन एकजुट हुआ — कांग्रेस, CPI(M) और झामुमो सांसदों ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की कथित टिप्पणियों पर माफी और कार्रवाई की माँग की। छात्रों के दमन बनाम लोकतांत्रिक विरोध की यह लड़ाई संसद तक पहुँचती दिख रही है।

मुख्य बातें

केरल सरकार ने लगभग 5,000 नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिससे राजनीतिक विवाद तेज़ हुआ।
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि कांग्रेस-शासित राज्यों में छात्रों पर कोई अत्याचार नहीं होगा।
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने 20 से अधिक छात्रों की आत्महत्या का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
सीपीआई (एम) सांसद शिवदासन ने विपक्षी सांसदों को निशाना बनाने और पुलिस बल के इस्तेमाल पर सवाल उठाए।
झामुमो सांसद महुआ माजी ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ युवाओं की भावनाओं को भी समझना ज़रूरी है।

नई दिल्ली, 29 जुलाईकेरल सरकार द्वारा लगभग 5,000 नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ा है। इंडी गठबंधन के सांसदों ने एकजुट होकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की कथित टिप्पणियों पर कड़ा एतराज़ जताया और उनसे सार्वजनिक माफी की माँग की। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज़ दबाने और विपक्षी सांसदों को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस सांसदों की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि जहाँ भी कांग्रेस की सरकारें हैं, वहाँ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों पर किसी तरह का अत्याचार न हो। उन्होंने कहा, 'छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को समझने और समाधान निकालने की ज़रूरत है।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपनी कथित टिप्पणी के लिए माफी माँगनी चाहिए और स्वीकार करना चाहिए कि उनसे गलती हुई।

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने नीट से जुड़े पुराने विवादों का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार, 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की और छात्रों को लंबे समय तक अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना पड़ा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 2024 में लाए गए विधेयक — जिसमें जुर्माने और सज़ा के प्रावधान थे — के तहत वास्तव में कितने लोगों पर कार्रवाई हुई।

शिक्षा मंत्री की टिप्पणी पर विवाद

औजला ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की कथित टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में प्रियंका गांधी की टिप्पणी का भी समर्थन किया। औजला ने कहा कि इस मामले से जुड़ी बातें सार्वजनिक हैं और इन्हें छिपाया नहीं जा सकता — 'यदि किसी मुद्दे पर सवाल उठ रहे हैं तो सत्ताधारी दल को उनका जवाब देना चाहिए।'

वामपंथी और क्षेत्रीय दलों की आवाज़

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद शिवदासन ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी सांसदों के खिलाफ लगातार शिकायतें और आरोप लगा रही है। उन्होंने पुलिस बल के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 'सरकार का यह रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।' उन्होंने विपक्षी दलों के एकजुट होकर आवाज़ उठाने की बात कही।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सांसद महुआ माजी ने कहा कि अगर प्रियंका गांधी ने कोई बयान दिया है तो वह तथ्यों के आधार पर ही दिया होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हर कदम उठाया जाना चाहिए।

युवाओं की भावनाओं पर ज़ोर

महुआ माजी ने नीट प्रदर्शन को लेकर कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन युवाओं की भावनाओं को भी समझना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि जेन-ज़ी युवाओं ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की क्योंकि उन्हें अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता थी — वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी उनके करियर और अवसरों को खतरे में न डाल सके।

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब नीट परीक्षा प्रणाली पहले से ही पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवालों के घेरे में है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार केरल सरकार — जो स्वयं विपक्ष की है — द्वारा 5,000 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज करना इंडी गठबंधन के भीतर एक असहज विरोधाभास खड़ा करता है। कांग्रेस नेता केंद्र पर हमला बोल रहे हैं, जबकि उनके सहयोगी CPI(M) की सरकार ही वह कार्रवाई कर रही है जिसे वे 'दमन' कह रहे हैं। शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की कथित टिप्पणी पर माफी की माँग राजनीतिक रूप से तीखी है, लेकिन असली सवाल यह है कि नीट सुधार और परीक्षा पारदर्शिता पर विपक्ष का ठोस वैकल्पिक एजेंडा क्या है — जो अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में नीट प्रदर्शनकारियों पर FIR क्यों दर्ज की गई?
केरल सरकार ने लगभग 5,000 नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है, जिसमें विपक्षी दल इसे छात्रों के दमन के रूप में देख रहे हैं।
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर क्या आरोप हैं?
इंडी गठबंधन के सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की कथित टिप्पणियों को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है और उनसे सार्वजनिक माफी की माँग की है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने उनके खिलाफ कार्रवाई की भी माँग की।
नीट विवाद में कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी-शासित राज्यों में छात्रों पर कोई अत्याचार नहीं होगा। पार्टी ने केंद्र सरकार से छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने और शिक्षा मंत्री से माफी माँगने की माँग की है।
नीट से जुड़े पुराने विवाद क्या रहे हैं?
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला के अनुसार, नीट विवाद में अब तक 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है और छात्रों को लंबे समय तक आंदोलन करना पड़ा। 2024 में लाए गए विधेयक में जुर्माने और सज़ा के प्रावधान थे, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठते रहे हैं।
झामुमो और CPI(M) का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
झामुमो सांसद महुआ माजी ने कहा कि युवाओं की भावनाओं को समझना ज़रूरी है और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर हर कदम उठाया जाना चाहिए। CPI(M) सांसद शिवदासन ने विपक्षी सांसदों को निशाना बनाने और पुलिस बल के इस्तेमाल को लोकतंत्र के लिए अनुचित बताया।
राष्ट्र प्रेस
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