22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट विवाद: कांग्रेस के सचिन सावंत ने की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग, छात्र आंदोलन को बताया देश का भविष्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट विवाद: कांग्रेस के सचिन सावंत ने की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग, छात्र आंदोलन को बताया देश का भविष्य

सारांश

नीट परीक्षा विवाद पर कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की है। उनका कहना है कि छात्र आंदोलन देश के भविष्य की लड़ाई है और लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ दबाना संभव नहीं। कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन इस मुद्दे पर छात्रों के साथ खड़े हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने 22 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
सावंत ने कहा कि कांग्रेस पिछले दो महीनों से राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों की माँगों के लिए संघर्ष कर रही है।
'इंडिया' गठबंधन भी नीट विवाद पर छात्रों के साथ एकजुट होकर खड़ा है।
सावंत ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग की।
कांग्रेस ने BJP पर आरोप लगाया कि वह युवाओं के मुद्दों का राजनीतिकरण कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर कर रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने 22 जुलाई को मुंबई में कहा कि नीट परीक्षा विवाद और दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनज़र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) छात्रों के आंदोलन के साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है और लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ को किसी भी सूरत में दबाया नहीं जा सकता।

मुख्य घटनाक्रम

सावंत ने कहा कि देशभर में चल रहा छात्र आंदोलन महज़ एक विरोध-प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा संघर्ष है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी पिछले दो महीनों से छात्रों की माँगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 'इंडिया' गठबंधन भी इस मुद्दे पर युवाओं के साथ एकजुट है।

सावंत ने भारतीय राजनीति में जवाबदेही की परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दिया था। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस परंपरा का पालन नहीं कर रही और जवाबदेही से बच रही है।

सरकार पर आरोप

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा को सबसे पहले छात्रों और देश से माफी माँगनी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय विपक्ष पर हमला करने में अधिक रुचि दिखा रही है। सावंत ने कहा कि कांग्रेस कार्यालयों के बाहर भाजपा के विरोध-प्रदर्शन से सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकती।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और विपक्ष की आवाज़ दबाने का काम कर रही है। सावंत के अनुसार, देश के युवाओं में व्यापक आक्रोश है और सरकार को इस नाराज़गी को गंभीरता से समझने की ज़रूरत है।

प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल

सावंत ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर अपनी बात रखने का वैध प्रयास था। उनका तर्क था कि यदि संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी, तो ये मुद्दे स्वाभाविक रूप से सड़क पर उठेंगे।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सावंत ने आरोप लगाया कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ और प्रदर्शन रोकने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। सावंत ने माँग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और यदि किसी पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति द्वारा कानून का उल्लंघन हुआ है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

आम जनता और युवाओं पर असर

सावंत ने ज़ोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार आलोचना स्वीकार करने के बजाय विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर के छात्र और अभिभावक चिंतित हैं।

आगे क्या

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में अपना आंदोलन जारी रखेगी। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की माँग आने वाले दिनों में भी बनी रहेगी। गौरतलब है कि नीट विवाद अब केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं रहा — यह सत्ता की जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों की बड़ी बहस का हिस्सा बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नीट विवाद की असली जड़ — परीक्षा प्रणाली की संरचनागत कमज़ोरियाँ — इस बहस में पीछे छूट जाती हैं। मंत्री के इस्तीफे की माँग एक नैतिक तर्क है, परंतु यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि क्या नेतृत्व परिवर्तन से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। विपक्ष का छात्र आंदोलन से जुड़ाव स्वागतयोग्य है, लेकिन दीर्घकालिक शिक्षा सुधार के ठोस प्रस्तावों के बिना यह केवल चुनावी राजनीति का हिस्सा बनकर रह सकता है। पुलिस कार्रवाई के आरोप गंभीर हैं और स्वतंत्र जाँच की माँग उचित है — परंतु इन आरोपों की पुष्टि अभी तक स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हुई है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सचिन सावंत ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग क्यों की?
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने नीट परीक्षा विवाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की माँग की। उनका तर्क है कि जब पूरे देश में मंत्री के इस्तीफे की माँग उठ रही हो, तब पद पर बने रहना लोकतांत्रिक जवाबदेही के विरुद्ध है।
नीट विवाद पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों के आंदोलन का पूरा समर्थन करती है। पार्टी पिछले दो महीनों से राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों की माँगों को लेकर संघर्ष कर रही है और 'इंडिया' गठबंधन भी इस मुद्दे पर युवाओं के साथ खड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर क्या आरोप लगाए गए?
सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने अत्यधिक बल प्रयोग का भी आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की।
कांग्रेस ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस ने भाजपा पर युवाओं के मुद्दों का राजनीतिकरण करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और विपक्ष की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया। सावंत ने कहा कि भाजपा को छात्रों और देश से माफी माँगनी चाहिए।
क्या संसद में नीट विवाद पर चर्चा हुई?
सचिन सावंत ने कहा कि यदि संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर नहीं मिलेगा, तो विरोध-प्रदर्शन स्वाभाविक रूप से सड़क पर होंगे। उनके अनुसार, संसद जनता की भावनाओं को अभिव्यक्त करने का मंच है और इस मंच का उपयोग होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 5 घंटे पहले
  4. 7 घंटे पहले
  5. 9 घंटे पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले