ममता बनर्जी ने सोनम वांगचुक से की फोन पर बात, दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन को दिया समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार, 14 जुलाई को नई दिल्ली में जारी सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर बात कर उनकी सेहत की जानकारी ली। बनर्जी ने वांगचुक को मजबूत बने रहने का हौसला दिया और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग के प्रति एकजुटता जताई।
ममता का समर्थन और वांगचुक से संवाद
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी के समर्थन का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। दिपके के अनुसार, बनर्जी ने वांगचुक से सीधे फोन पर उनकी शारीरिक स्थिति के बारे में पूछा और सीजेपी के आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह ऐसे समय में आया है जब वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर विभिन्न पक्षों में चिंता बढ़ रही है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
सीजेपी ने 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक आंदोलन शुरू किया था, जिसमें कथित नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। इस कथित पेपर लीक से लाखों छात्र प्रभावित हुए बताए जाते हैं। सोनम वांगचुक शुरुआत से ही इस आंदोलन से जुड़े रहे हैं।
वांगचुक का अनशन
वांगचुक ने पहले घोषणा की थी कि यदि 27 जून तक केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो वे अनशन पर बैठेंगे। केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए कई पक्षों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है।
आम जनता और छात्रों पर असर
गौरतलब है कि नीट परीक्षा देश के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी है। कथित पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में व्यापक रोष है। आलोचकों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई है।
आगे क्या
ममता बनर्जी के समर्थन से आंदोलन को राजनीतिक बल मिलने की संभावना है। अभी तक केंद्र सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वांगचुक के स्वास्थ्य की स्थिति और सरकार के अगले कदम पर सभी की नज़रें टिकी हैं।