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ममता बनर्जी की राजनीति महज दिखावा : भाजपा प्रवक्ता कीया घोष का तीखा हमला

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ममता बनर्जी की राजनीति महज दिखावा : भाजपा प्रवक्ता कीया घोष का तीखा हमला

सारांश

भाजपा प्रवक्ता कीया घोष ने ममता बनर्जी को 'गो ऐज यू लाइक' की राजनीति करने वाला बताया — वकील, डॉक्टर, बहन, सिविक पुलिस। नंदीग्राम हार के बाद अदालती वादों की याद दिलाई और चुनाव बाद की सक्रियता को महज सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश करार दिया।

मुख्य बातें

भाजपा प्रवक्ता कीया घोष ने 17 जून को कोलकाता में ममता बनर्जी की राजनीति को 'ऑप्टिक्स' यानी दिखावा करार दिया।
घोष ने व्यंग्य किया कि ममता कभी वकील, कभी डॉक्टर, कभी बहन और कभी सिविक पुलिस के रूप में सामने आती हैं।
चुनाव खत्म होने के एक महीने बाद तक किसी मुद्दे पर सक्रिय न होने पर घोष ने सवाल उठाए।
2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से हारने के बाद अदालत जाने के ममता के वादे और उसके परिणाम पर भी सवाल उठाए गए।
घोष ने सुवेंदु अधिकारी की तुलना में ममता बनर्जी को अदालत से पीछे हटने वाला बताया।
स्वच्छता अभियान को घोष ने पश्चिम बंगाल के लिए सकारात्मक कदम बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रवक्ता कीया घोष ने 17 जून को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनकी राजनीति केवल 'ऑप्टिक्स' — यानी दिखावे — तक सीमित है और वे अलग-अलग भूमिकाओं में जनता के सामने आती रहती हैं, लेकिन ज़मीनी नतीजे नदारद रहते हैं। घोष का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है।

'गो ऐज यू लाइक' की राजनीति

कीया घोष ने कहा कि बच्चों में 'गो ऐज यू लाइक' प्रतियोगिता का चलन होता है, लेकिन ममता बनर्जी के पास इसके लिए भरपूर समय और अवसर हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा, 'कभी वह वकील बन जाती हैं, कभी डॉक्टर के रूप में नज़र आती हैं, कभी बहन के रूप में और कभी सिविक पुलिस के रूप में। मैं तो चाहूंगी कि वह कभी कोयला तस्कर या बालू तस्कर के रूप में भी सामने आएं।' यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में कथित तस्करी के मुद्दों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को घेरने की BJP की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

चुनाव बाद की सक्रियता पर सवाल

घोष ने ममता बनर्जी के हालिया कदमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में किसी मुद्दे की चिंता थी, तो चुनाव खत्म होने के एक महीने बाद तक इंतज़ार क्यों किया गया। उनके अनुसार, यह सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश मात्र है, न कि वास्तविक चिंता की अभिव्यक्ति।

नंदीग्राम विवाद का संदर्भ

भाजपा प्रवक्ता ने 2021 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम से हारने के बाद ममता बनर्जी ने बार-बार अदालत जाने की बात कही थी। घोष ने सवाल उठाया कि अदालत जाने के बाद उसका क्या परिणाम निकला और उन्होंने कितनी बार खुद पेशी दी। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी की तुलना करते हुए कहा कि अधिकारी पीछे नहीं हटे और खुलकर अदालत का सामना करने को तैयार रहे, जबकि ममता बनर्जी आगे नहीं बढ़ीं।

स्वच्छता अभियान पर प्रतिक्रिया

स्वच्छता के मुद्दे पर घोष ने कहा कि पहले बच्चे भी चिप्स का पैकेट सड़क पर फेंकने से पहले सोचते थे और माता-पिता उन्हें ऐसा करने से रोकते थे। सरकारी स्तर पर स्वच्छता अभियान की पहल को उन्होंने पश्चिम बंगाल के लिए सकारात्मक संकेत बताया। घोष ने कहा कि गंगा घाट, मंदिर परिसर, सड़कें और बाज़ार — हर जगह साफ-सफाई दिखना उम्मीद की किरण है। कोलकाता की निवासी होने के नाते उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर बंगाल हर नागरिक की इच्छा है।

आगे क्या

भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई तल्खी का संकेत देता है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की बयानबाज़ी राज्य के वास्तविक मुद्दों — रोज़गार, कानून-व्यवस्था और विकास — से ध्यान भटकाती है। आने वाले हफ्तों में इस राजनीतिक तनाव के और गहराने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नंदीग्राम जैसे पुराने मुद्दों को बार-बार उठाना यह भी दर्शाता है कि भाजपा के पास फिलहाल कोई ताज़ा और ठोस मुद्दा नहीं है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस बयान पर कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया न आना भी उल्लेखनीय है। असली सवाल यह है कि इस बयानबाज़ी से पश्चिम बंगाल के आम नागरिक — जो रोज़गार, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की चिंता में हैं — को क्या मिलता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कीया घोष ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा प्रवक्ता कीया घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की राजनीति केवल 'ऑप्टिक्स' यानी दिखावे तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता कभी वकील, कभी डॉक्टर, कभी बहन और कभी सिविक पुलिस की भूमिका में नज़र आती हैं, लेकिन ज़मीनी काम नहीं होता।
नंदीग्राम चुनाव विवाद पर कीया घोष ने क्या कहा?
घोष ने याद दिलाया कि 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से हारने के बाद ममता बनर्जी ने बार-बार अदालत जाने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने खुद कितनी बार पेशी दी, यह सवाल उठाया। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी की तुलना में ममता को अदालत से पीछे हटने वाला बताया।
चुनाव के बाद ममता बनर्जी की सक्रियता पर भाजपा ने क्या कहा?
कीया घोष ने सवाल उठाया कि यदि ममता बनर्जी को किसी मुद्दे की वास्तविक चिंता थी, तो चुनाव खत्म होने के एक महीने बाद तक इंतज़ार क्यों किया गया। उनके अनुसार यह सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश है।
कीया घोष ने पश्चिम बंगाल के स्वच्छता अभियान पर क्या कहा?
घोष ने सरकारी स्तर पर स्वच्छता की पहल को पश्चिम बंगाल के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि गंगा घाट, मंदिर परिसर, सड़कें और बाज़ार — हर जगह साफ-सफाई दिखना कोलकाता के नागरिकों के लिए उम्मीद की किरण है।
भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच यह विवाद किस संदर्भ में है?
पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावों के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा है। भाजपा ममता सरकार पर कथित तस्करी और शासन की विफलता के आरोप लगाती रही है, जबकि तृणमूल भाजपा पर राज्य की छवि खराब करने का आरोप लगाती है।
राष्ट्र प्रेस
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