क्या टीएमसी के प्रदर्शन पर सुकांत मजूमदार का सवाल, ममता बनर्जी निजी कंपनी को क्यों बचा रही हैं?
सारांश
Key Takeaways
- कोलकाता में राजनीतिक तनाव बढ़ा है।
- ईडी की छापेमारी पर तृणमूल कांग्रेस ने विरोध किया।
- सुकांत मजूमदार ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
- ममता बनर्जी पर निजी कंपनियों को बचाने का आरोप।
- चुनाव आयोग से शिकायत की योजना।
कोलकाता, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता में आई-पैक कार्यालय और आईपैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी के बाद राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। ईडी की कार्रवाई के खिलाफ शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन किया, जिससे प्रदेश की राजनीति में উত্তेजना बढ़ गई है।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया।
सुकांत मजूमदार ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस यह प्रदर्शन क्यों कर रही है और इसका असली उद्देश्य क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर प्रतीक जैन वास्तव में टीएमसी के आईटी सेल के प्रमुख हैं, तो पार्टी अध्यक्ष द्वारा जारी किया गया आधिकारिक नोटिफिकेशन पेश किया जाए। इनके सारे नोटिफिकेशन फेसबुक पर उपलब्ध हैं, लेकिन तृणमूल के आधिकारिक पेज पर वह नोटिफिकेशन कहाँ है? मैंने तो नहीं देखा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रतीक जैन पार्टी के प्रमुख नहीं हैं, तो तृणमूल कांग्रेस एक निजी कंपनी को बचाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रही है? सुकांत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा अपराधियों को बचाने का काम करती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले जब सीबीआई तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार के घर पहुंची थी, तब भी ममता बनर्जी वहाँ उपस्थित थीं और अब वह प्रतीक जैन को बचाने के लिए आगे आई हैं।
मजूमदार ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राज्य की मुख्य सचिव की उपस्थिति गंभीर प्रश्न उठाती है। भाजपा नेता ने कहा कि वह चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे, क्योंकि ऐसे मुख्य सचिव के रहते राज्य में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव संभव नहीं है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भी तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। पिछले 15 वर्षों में ईडी, सीबीआई, एनआईए और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों के लोगों को निशाना बनाया गया है। इन लोगों पर जानलेवा हमले हुए, झूठी एफआईआर दर्ज की गईं, बेबुनियाद आरोप लगाए गए और यहाँ तक कि गिरफ्तारियाँ भी हुईं।
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि ऐसी सभी एफआईआर को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और मामलों की गहन जांच के बाद यह साबित हुआ कि ये आरोप मनगढ़ंत थे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ विरोध के नाम पर तृणमूल कांग्रेस जिस तरह का माहौल बना रही है, वह कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति असम्मान दर्शाता है।