7 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने 400+ पाकिस्तानी अकाउंट्स ब्लॉक किए, जंतर-मंतर पर 8 घंटे इंटरनेट बंद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने 400+ पाकिस्तानी अकाउंट्स ब्लॉक किए, जंतर-मंतर पर 8 घंटे इंटरनेट बंद

सारांश

सीजेपी प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने 400 से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक किए — वही जो ऑपरेशन सिंदूर में भी सक्रिय थे। गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर पर 8 घंटे इंटरनेट काटा। सरकार ने बातचीत का न्योता दिया, फास्ट ट्रैक कोर्ट का वादा किया — पर प्रदर्शनकारियों का जवाब अभी नहीं आया।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को 400 से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया।
ब्लॉक किए गए अकाउंट्स ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय रहे थे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर के 1.5 किमी दायरे में शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक मोबाइल इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जेपी नड्डा के कार्यालय में बातचीत का प्रस्ताव दिया; प्रदर्शनकारियों की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं।
पेपर लीक मामले में त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की गई।

दिल्ली पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि सीजेपी (CJP) के चल रहे प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अब तक 400 से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा चुका है। इन अकाउंट्स पर आरोप है कि ये मौजूदा माहौल का फायदा उठाकर लोगों को भड़काने और छात्रों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ब्लॉक किए गए ये वही हैंडल हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय रहे थे। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी अपुष्ट जानकारी को बिना जाँचे शेयर न करें और किसी भी असामाजिक तत्व को भावनाओं का दोहन न करने दें। साथ ही पुलिस ने छात्रों को आश्वस्त किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है और पुलिस इसका सम्मान करती है।

इंटरनेट बंद का आदेश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 जुलाई को गुरुवार शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक — यानी 8 घंटे के लिए — जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में सभी तकनीकों पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि सक्षम सचिव इस बात से संतुष्ट हैं कि जन-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध के लिए उकसावे को रोकने के हित में यह कदम आवश्यक है।

सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने इस आंदोलन से जुड़े लोगों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है, परंतु अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने बताया कि यह वार्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर, किसी भी सुविधाजनक समय पर आयोजित की जा सकती है और वे स्वयं भी इसमें भाग लेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदर्शनकारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं।

फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा

मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर त्वरित मुकदमा चलाने और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब छात्र समुदाय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग को लेकर सड़कों पर उतरा हुआ है।

आगे क्या

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बल नई दिल्ली में हाई अलर्ट पर बने हुए हैं। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की संभावना अभी बनी हुई है, जबकि डिजिटल निगरानी और भ्रामक सूचनाओं पर नियंत्रण की कोशिशें जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित डिजिटल हस्तक्षेप के पैटर्न की ओर इशारा करता है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। हालाँकि, इंटरनेट शटडाउन एक ऐसा उपकरण है जिसकी आलोचना नागरिक अधिकार संगठन लंबे समय से करते आए हैं — क्योंकि यह दुष्प्रचार के साथ-साथ वैध अभिव्यक्ति को भी दबाता है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह प्रदर्शनकारियों की माँगों का ठोस जवाब है या केवल राजनीतिक दबाव कम करने का तात्कालिक कदम।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किन अकाउंट्स को ब्लॉक किया और क्यों?
दिल्ली पुलिस ने 400 से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक किया, जो सीजेपी प्रदर्शन के दौरान गलत और भ्रामक जानकारी फैला रहे थे। पुलिस के अनुसार ये वही अकाउंट्स हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय थे और इनका मकसद लोगों को भड़काना था।
जंतर-मंतर पर इंटरनेट बंद का आदेश किसने और क्यों दिया?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया। मंत्रालय ने जन-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध के लिए उकसावे को रोकने को इसका कारण बताया।
सरकार ने प्रदर्शनकारियों को क्या प्रस्ताव दिया है?
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने आंदोलनकारियों को जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर किसी भी सुविधाजनक समय पर बातचीत का न्योता दिया है। हालाँकि अब तक प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा क्या है?
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर त्वरित मुकदमा चलाने और जल्द न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की। यह घोषणा सीजेपी प्रदर्शन के संदर्भ में की गई है, जिसमें छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।
सीजेपी प्रदर्शन में छात्रों की मुख्य माँगें क्या हैं?
स्रोत के अनुसार, प्रदर्शनकारी पेपर लीक मामले में जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग कर रहे हैं। सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट और बातचीत का प्रस्ताव देकर इन माँगों पर प्रतिक्रिया दी है, हालाँकि प्रदर्शन जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले