सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने 400+ पाकिस्तानी अकाउंट्स ब्लॉक किए, जंतर-मंतर पर 8 घंटे इंटरनेट बंद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि सीजेपी (CJP) के चल रहे प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अब तक 400 से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा चुका है। इन अकाउंट्स पर आरोप है कि ये मौजूदा माहौल का फायदा उठाकर लोगों को भड़काने और छात्रों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ब्लॉक किए गए ये वही हैंडल हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय रहे थे। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी अपुष्ट जानकारी को बिना जाँचे शेयर न करें और किसी भी असामाजिक तत्व को भावनाओं का दोहन न करने दें। साथ ही पुलिस ने छात्रों को आश्वस्त किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है और पुलिस इसका सम्मान करती है।
इंटरनेट बंद का आदेश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 जुलाई को गुरुवार शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक — यानी 8 घंटे के लिए — जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में सभी तकनीकों पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि सक्षम सचिव इस बात से संतुष्ट हैं कि जन-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध के लिए उकसावे को रोकने के हित में यह कदम आवश्यक है।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने इस आंदोलन से जुड़े लोगों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है, परंतु अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने बताया कि यह वार्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर, किसी भी सुविधाजनक समय पर आयोजित की जा सकती है और वे स्वयं भी इसमें भाग लेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदर्शनकारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा
मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर त्वरित मुकदमा चलाने और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब छात्र समुदाय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग को लेकर सड़कों पर उतरा हुआ है।
आगे क्या
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बल नई दिल्ली में हाई अलर्ट पर बने हुए हैं। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की संभावना अभी बनी हुई है, जबकि डिजिटल निगरानी और भ्रामक सूचनाओं पर नियंत्रण की कोशिशें जारी हैं।