जंतर-मंतर सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली में 35,000 जवान तैनात, गृह सचिव ने राज्यों को सतर्कता के निर्देश दिए
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन से पहले केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर अधिकतम सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के मिलाकर 35,000 से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे।
गृह सचिव का राज्यों को निर्देश
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह सचिव के पत्र में कहा गया है कि दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों पर पुलिस विशेष निगरानी रखे और किसी भी अराजक तत्व की आवाजाही पर कड़ी नज़र बनाए रखी जाए। पत्र में 2018 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्राप्त पुख्ता सूचनाओं के आधार पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की आशंका है।
राज्यों को दिल्ली पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के लिए भी कहा गया है। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन बिना पुलिस अनुमति के आयोजित करने की योजना बनाई गई है, जिसे लेकर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है।
दिल्ली पुलिस की सुरक्षा योजना
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीजेपी द्वारा जंतर-मंतर तक मार्च के ऐलान के बाद पुलिस ने सभी टीमों को निर्देश दिया है कि जहाँ कहीं भी प्रदर्शन करने की कोशिश की जाए, वहाँ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाए। हिरासत में लिए जाने वाले प्रदर्शनकारियों को छह निर्धारित अस्थायी निरोध केंद्रों में रखा जाएगा — इनमें छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सूरजमल स्टेडियम, दौलतपुर सामुदायिक केंद्र और पंडरावल सामुदायिक केंद्र शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि सीएपीएफ की तैनाती के लिए भेजी गई इकाइयों को हथियार जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं और संबंधित निदेशालयों को पत्र भी भेजे गए हैं। हालाँकि, इंडिया गठबंधन के हालिया प्रदर्शन के विपरीत इस बार पुलिसकर्मियों को लाठी लेकर ड्यूटी करने की अनुमति दी गई है।
तकनीकी निगरानी और अतिरिक्त बल
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय दिल्ली में फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस), अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे, इमारतों की छतों पर निगरानी दल और ड्रोन तैनात किए जाएंगे। प्रदर्शन के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश और हरियाणा से अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों को भी बुलाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने अपने जवानों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी प्रकार के मौखिक विवाद से बचें। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को आशंका है कि कुछ लोग पुलिस की नकारात्मक छवि दिखाने के उद्देश्य से वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
कथित तौर पर यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। इस आंदोलन में कई छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों के शामिल होने की भी संभावना है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रदर्शन के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में बड़े जन-आंदोलनों को लेकर सुरक्षा तंत्र पहले से ही संवेदनशील है। आने वाले घंटों में स्थिति पर सभी की नज़र बनी रहेगी।