जंतर-मंतर सीजेपी प्रदर्शन: गाजियाबाद-नोएडा में भारी पुलिस तैनाती, दिल्ली बॉर्डर पर वाहनों की जांच
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद और नोएडा में 10 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है, क्योंकि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) द्वारा एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। उत्तर प्रदेश-दिल्ली सीमा पर पुलिस बलों की भारी तैनाती की गई है और दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है। यह सुरक्षा प्रबंध त्योहारों के मौसम को देखते हुए और भी अहम हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश और गाजीपुर बॉर्डर पर सिविल पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और पीएसी के 100 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। इंदिरापुरम से लेकर अप्सरा बॉर्डर तक चेकपोस्ट स्थापित की गई हैं। इसके अलावा, ओयो होटलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पुलिस की निगरानी बनाए रखी जा रही है।
नोएडा में प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है, जिससे पूरे जिले में सतत निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
सुरक्षा अधिकारियों की प्रतिक्रिया
इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया, 'कल से ही हमारी ओर से चेकिंग की जा रही है और आज भी 100 के ऊपर सिविल पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और पीएसी के जवानों की मौजूदगी है। इस दौरान हमारी ओर से ध्यान रखा जा रहा है कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चले। किसी को कोई असुविधा न हो। इनपुट के आधार पर चेकिंग की जा रही है। आवश्यकता बढ़ने पर जवानों की संख्या में हम बढ़ोतरी भी कर सकते हैं।'
शालीमार गार्डन के एसीपी अतुल कुमार सिंह ने कहा, 'आज दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन बुलाया गया था। त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है और कई त्योहार आने वाले हैं। सीनियर अधिकारियों के आदेश पर, सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने और लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए बैरियर और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस के साथ पूरा समन्वय बनाए रखा जा रहा है और इनपुट के आधार पर सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा है।
नोएडा के एडीसीपी अभय कुमार मिश्रा ने बताया, 'जिले में बीएनएसएस की 163 धारा लागू की गई है। शांति व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की जा रही है। पूरे जिले में धारा 163 को लागू कराने के लिए निगरानी की जा रही है।'
दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली के शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा, 'सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए, हमने शाहदरा जिले में अपने पूरे स्टाफ को अलर्ट पर रखा है। खास तौर पर, हमारे बॉर्डर एरिया में सात बॉर्डर पिकेट हैं जो गाजियाबाद जिले से जुड़ते हैं। इनमें सबसे अहम अप्सरा बॉर्डर पिकेट है। हमने यहां जरूरी स्टाफ तैनात किया है, जिसमें हमारे लोकल स्टाफ, ट्रैफिक डिपार्टमेंट के साथ तालमेल बिठाकर ट्रैफिक पुलिस के लोग और अतिरिक्त फोर्स शामिल हैं।'
आम जनता पर असर
सुरक्षा जांच के कारण गाजियाबाद-दिल्ली और नोएडा-दिल्ली मार्गों पर आवागमन धीमा हो सकता है। हालांकि अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। त्योहारों के मौसम में बाज़ारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ को देखते हुए यह चेकिंग और भी ज़रूरी मानी जा रही है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार, जब तक सीजेपी का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा, तब तक सुरक्षा व्यवस्था इसी स्तर पर बनाए रखी जाएगी। ज़रूरत पड़ने पर जवानों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। नोएडा में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निगरानी जारी रहेगी और किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए बल तैयार है।